चंडीगढ़ की सुखना लेक रविवार की सुबह सामान्य दिनों से कुछ अलग नजर आई। झील के किनारे बड़ी संख्या में लोग फिटनेस और देशभक्ति के संदेश के साथ जुटे। भारतीय वायुसेना की ओर से आयोजित प्रमोशनल मैराथन रन में ट्राई-सिटी के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लेकर कार्यक्रम को खास बना दिया। इस दौरान युवाओं से लेकर महिलाओं, वायुसेना के अधिकारियों और कर्मियों तक ने पूरे उत्साह के साथ दौड़ और फिटनेस गतिविधियों में भाग लिया।
सुबह के समय सुखना लेक का शांत और खूबसूरत वातावरण उस समय ऊर्जा से भर गया, जब प्रतिभागियों ने सामूहिक वार्म-अप के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। स्ट्रेचिंग, हल्की दौड़ और अलग-अलग फिटनेस एक्सरसाइज के जरिए लोगों ने खुद को रन के लिए तैयार किया। प्रतिभागियों में खासा उत्साह दिखाई दिया और कई लोग अपने दोस्तों तथा परिवार के सदस्यों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे।
इस प्रमोशनल रन का आयोजन केवल लोगों को दौड़ने और फिट रहने के लिए प्रेरित करने तक सीमित नहीं था। इसके पीछे भारतीय वायुसेना के शौर्य और बलिदान को लोगों तक पहुंचाने का उद्देश्य भी जुड़ा हुआ है। यह आयोजन फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों, परमवीर चक्र, की वीरता और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए होने वाली मुख्य मैराथन के लिए माहौल तैयार करने की कड़ी है।
निर्मल जीत सिंह सेखों भारतीय वायुसेना के इतिहास में बेहद सम्मानित नाम हैं। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने श्रीनगर एयरबेस की रक्षा करते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया था। देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सेखों को उनकी वीरता के लिए देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। वह भारतीय वायुसेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता हैं।
आयोजकों के अनुसार, उनकी बहादुरी और देश के प्रति समर्पण को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी इस मैराथन का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। दौड़ जैसे खेल आयोजन के जरिए फिटनेस के साथ-साथ युवाओं में राष्ट्रप्रेम और सैन्य बलों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
कार्यक्रम में मौजूद 12 विंग के एयर ऑफिसर कमांडिंग दीपक पंथ ने मुख्य मैराथन को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 4 अक्टूबर को देश के आठ शहरों में एक साथ मैराथन का आयोजन किया जाएगा। चंडीगढ़ भी इस आयोजन का प्रमुख केंद्र होगा। यहां होने वाली मैराथन को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है और इसे चंडीगढ़ की अब तक की सबसे बड़ी मैराथन में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य आयोजन को लेकर पिछले तीन महीनों से तैयारियां चल रही हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। रनिंग पार्टनर ‘साइरेंस’ भी इस पहल में सहयोग कर रहा है। आयोजकों का प्रयास है कि मुख्य मैराथन में अधिक से अधिक लोग शामिल हों और यह कार्यक्रम फिटनेस के साथ भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास को याद करने का बड़ा अवसर बने।
सुखना लेक पर आयोजित प्रमोशनल रन में शामिल लोगों ने भी मुख्य कार्यक्रम को लेकर अपनी रुचि दिखाई। कई प्रतिभागियों ने बताया कि वे 4 अक्टूबर को होने वाली मैराथन में भी हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हैं। मुख्य मैराथन में अलग-अलग आयु और फिटनेस स्तर के लोगों को ध्यान में रखते हुए चार श्रेणियां रखी गई हैं। इनमें 3 किलोमीटर, 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर की दौड़ शामिल है।
इन अलग-अलग कैटेगरी के चलते शुरुआती स्तर पर दौड़ने वाले लोगों से लेकर नियमित रूप से रनिंग करने वाले प्रतिभागियों तक को अपनी क्षमता के अनुसार हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। प्रमोशनल रन में मौजूद लोगों के बीच भी मुख्य मैराथन की कैटेगरी को लेकर उत्सुकता देखी गई। कई लोग एक-दूसरे के साथ बातचीत करते हुए अपनी तैयारी और फिटनेस रूटीन पर चर्चा करते दिखाई दिए।
कार्यक्रम के दौरान केवल दौड़ पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि प्रतिभागियों को फिटनेस के प्रति जागरूक करने पर भी जोर रहा। वार्म-अप सेशन में लोगों ने प्रशिक्षकों और आयोजकों के साथ मिलकर स्ट्रेचिंग और हल्की एक्सरसाइज की। इससे सुबह की शुरुआत एक सामूहिक फिटनेस गतिविधि के रूप में हुई। झील के आसपास मौजूद लोगों ने भी इस आयोजन में दिलचस्पी दिखाई।
युवाओं की भागीदारी इस प्रमोशनल रन की खास बात रही। बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागियों ने पूरे जोश के साथ गतिविधियों में हिस्सा लिया। महिलाओं और आम नागरिकों की मौजूदगी ने भी कार्यक्रम को व्यापक रूप दिया। वायुसेना से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों की भागीदारी ने आयोजन में सैन्य अनुशासन और फिटनेस का अलग रंग जोड़ा।
आयोजकों का मानना है कि आज के समय में फिटनेस को लेकर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। व्यस्त जीवनशैली के बीच लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करने के लिए रनिंग जैसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसी सोच के साथ मैराथन को केवल प्रतिस्पर्धी दौड़ के बजाय सामुदायिक फिटनेस अभियान के रूप में भी देखा जा रहा है।
इस आयोजन में देशभक्ति का संदेश भी प्रमुख रूप से जुड़ा हुआ है। फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों की कहानी लोगों को यह याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा के लिए भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों ने किस तरह अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनकी स्मृति में आयोजित मैराथन के जरिए आयोजक चाहते हैं कि वीरता और बलिदान की यह कहानी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।
ट्राई-सिटी में चंडीगढ़ के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी लोगों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बनाया। सुबह-सुबह सुखना लेक पर एक साथ इतने लोगों का फिटनेस गतिविधियों में शामिल होना शहर में उत्साह का माहौल बना रहा। प्रतिभागी एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते नजर आए और सामूहिक रूप से फिटनेस का संदेश देते दिखाई दिए।
प्रमोशनल रन को मुख्य मैराथन से पहले लोगों को जोड़ने की एक अहम पहल माना जा रहा है। इसका उद्देश्य संभावित प्रतिभागियों को आयोजन की जानकारी देना, उन्हें दौड़ के लिए प्रेरित करना और मुख्य कार्यक्रम के प्रति उत्साह पैदा करना है। सुखना लेक पर आयोजित कार्यक्रम ने इस उद्देश्य को काफी हद तक पूरा किया।
4 अक्टूबर को होने वाले मुख्य आयोजन को लेकर अब तैयारियां और तेज होने की उम्मीद है। चंडीगढ़ में इसे बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना है। 3, 5, 10 और 21 किलोमीटर की श्रेणियों के कारण अलग-अलग उम्र और क्षमता के लोग इसमें शामिल हो सकेंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि मुख्य मैराथन में ट्राई-सिटी के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे।
कुल मिलाकर, सुखना लेक पर आयोजित प्रमोशनल रन ने फिटनेस, सामूहिक भागीदारी और देशभक्ति को एक मंच पर ला दिया। सुबह के इस आयोजन में लोगों का उत्साह यह दिखाता है कि शहरवासी स्वस्थ जीवनशैली के साथ देश के वीर जवानों के सम्मान से जुड़े कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए तैयार हैं। अब नजर 4 अक्टूबर को होने वाली मुख्य मैराथन पर है, जिसे चंडीगढ़ में बड़े पैमाने पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।