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The Scoopp

 

होली 2026: खुशियों के रंग रहें सुरक्षित, लापरवाही से न बिगड़े सेहत का मिज़ाज

होली का नाम आते ही मन में रंग, गुलाल, पकवान और मस्ती की तस्वीर उभर आती है। यह त्योहार उत्साह और मेल-मिलाप का प्रतीक है, लेकिन अगर थोड़ी-सी सावधानी न बरती जाए तो यही मस्ती बीमारियों की वजह भी बन सकती है। असुरक्षित रंग, दूषित पानी और अनियंत्रित खानपान होली के बाद परेशानी बढ़ा सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि इस बार होली का आनंद समझदारी के साथ लिया जाए।

रंगों की चमक नहीं, सेहत देखें

आजकल बाजार में मिलने वाले रंगों और कई खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों का खूब इस्तेमाल हो रहा है। बिस्किट, टॉफी, कोल्ड ड्रिंक और मिठाइयों में मौजूद ये सिंथेटिक रंग पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे गैस, कब्ज, पेट दर्द या एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों को पहले से एलर्जी या पेट की दिक्कत है, उन्हें खास सतर्कता बरतनी चाहिए।

इतना ही नहीं, होली के रंगों में मौजूद केमिकल्स सांस की नली और फेफड़ों को भी प्रभावित कर सकते हैं। अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए ये रंग जोखिम भरे हो सकते हैं, क्योंकि इनमें हानिकारक धातु और रसायन पाए जा सकते हैं।

पानी बने आनंद का साथी, बीमारी का नहीं

होली में पानी का इस्तेमाल आम बात है, लेकिन साफ पानी का प्रयोग बेहद जरूरी है। गंदा या लंबे समय से जमा पानी त्वचा संक्रमण, आंखों की परेशानी और पेट के रोगों को न्योता दे सकता है। यदि ऐसा पानी गलती से मुंह में चला जाए तो दस्त, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हो सकती है। बच्चों और बुजुर्गों में इसका खतरा ज्यादा रहता है।

त्वचा और बालों की सुरक्षा है जरूरी

गीले कपड़ों में लंबे समय तक रहने से फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण हो सकता है। खुजली, लाल चकत्ते और रैशेज की समस्या भी सामने आ सकती है। होली खेलने से पहले त्वचा पर नारियल तेल, बादाम तेल या एलोवेरा जेल लगाना फायदेमंद रहता है। इससे रंग सीधे त्वचा में नहीं जाते। धूप से बचाव के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल भी जरूरी है।

प्राकृतिक रंग हैं बेहतर विकल्प

अगर खाने या पकवानों में रंग डालने की जरूरत हो, तो प्राकृतिक विकल्प अपनाएं।

  • लाल रंग के लिए चुकंदर
  • गुलाबी रंग के लिए गुलाबी गाजर
  • बैंगनी रंग के लिए गहरे रंग की गाजर
  • पीले रंग के लिए हल्दी
  • हरे रंग के लिए पालक

ये न सिर्फ सुरक्षित हैं, बल्कि सेहत के लिए भी लाभकारी हैं।

रंग छुड़ाते समय न करें जल्दबाजी

रंग हटाने के लिए त्वचा को जोर से रगड़ना नुकसानदेह हो सकता है। इससे जलन और रूखापन बढ़ता है। बालों में रंग जाने से बचाने के लिए पहले तेल लगाएं और बाद में हल्के शैंपू से धोएं। आंखों में रंग चला जाए तो उसे मसलें नहीं, बल्कि साफ ठंडे पानी से धोएं। जरूरत पड़े तो डॉक्टर से सलाह लें।

खानपान और नशे पर रखें नियंत्रण

होली के मौके पर लोग मिठाइयों और तले-भुने व्यंजनों में ढील दे देते हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल बढ़ सकता है। मधुमेह या अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा शराब और भांग का अत्यधिक सेवन दिमाग और याददाश्त पर बुरा असर डाल सकता है।

सही तरीका अपनाएं, खुशी दोगुनी पाएं

होली का असली मजा तब है जब त्योहार के बाद भी सेहत साथ दे। साफ पानी, सुरक्षित रंग, संतुलित खानपान और थोड़ी-सी समझदारी आपको बीमारियों से दूर रख सकती है। इस होली रंगों के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखें, ताकि उत्सव की खुशियां लंबे समय तक बनी रहें।