आजकल फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग के बढ़ते ट्रेंड के बीच प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। जिम जाने वाले युवाओं से लेकर वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोग भी इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या रोजाना प्रोटीन पाउडर लेना पूरी तरह सुरक्षित है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, सही मात्रा और सही जरूरत के अनुसार लिया गया प्रोटीन पाउडर आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, जरूरत से ज्यादा सेवन या खराब क्वालिटी के सप्लीमेंट्स शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
शरीर को क्यों चाहिए प्रोटीन?
प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों, हड्डियों और टिश्यू की मरम्मत के लिए जरूरी पोषक तत्व है। एक्सरसाइज करने वालों, एथलीट्स और बुजुर्गों को सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा प्रोटीन की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में प्रोटीन पाउडर एक आसान विकल्प बन जाता है।
कब हो सकता है नुकसान?
विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा प्रोटीन पाउडर लेने पर कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों में पेट फूलना, गैस, कब्ज या दस्त जैसी दिक्कतें देखने को मिलती हैं। खासकर व्हे प्रोटीन में मौजूद लैक्टोज से संवेदनशील लोगों को परेशानी हो सकती है।
इसके अलावा, कुछ सस्ते या नकली प्रोटीन सप्लीमेंट्स में भारी धातुएं, ज्यादा शुगर और हानिकारक केमिकल्स पाए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई हैं। लगातार ऐसे उत्पादों का सेवन किडनी, लीवर और हार्ट हेल्थ पर असर डाल सकता है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
- किडनी या लीवर की बीमारी से पीड़ित लोग
- हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज के मरीज
- बिना एक्सरसाइज किए ज्यादा प्रोटीन लेने वाले लोग
- किशोर और बच्चे
ऐसे लोगों को डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के बिना सप्लीमेंट नहीं लेना चाहिए।
कितना प्रोटीन पाउडर लेना सही माना जाता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ व्यक्ति के लिए रोजाना 20 से 40 ग्राम तक प्रोटीन पाउडर सामान्य रूप से सुरक्षित माना जाता है। लेकिन यह व्यक्ति की उम्र, वजन, एक्टिविटी और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। शरीर की जरूरत पूरी करने के लिए सबसे पहले प्राकृतिक स्रोत जैसे दाल, अंडे, दूध, पनीर, चिकन और सोया को प्राथमिकता देनी चाहिए।