फिट रहने और बीमारियों से दूर रहने के लिए लोग घंटों जिम में पसीना बहाते हैं, लेकिन एक नई रिसर्च बताती है कि बेहतर स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए बहुत ज्यादा नहीं, बल्कि सीमित समय की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग ही काफी हो सकती है। हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि नियमित रूप से की गई स्ट्रेंथ एक्सरसाइज मौत के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
30 साल तक चली निगरानी से मिला निष्कर्ष
इस शोध को तैयार करने के लिए वैज्ञानिकों ने करीब तीन दशक तक प्रतिभागियों की शारीरिक गतिविधियों और फिटनेस स्तर का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने अलग-अलग समूहों के आंकड़ों का विश्लेषण कर यह समझने की कोशिश की कि रेजिस्टेंस और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का स्वास्थ्य पर कितना असर पड़ता है।
हफ्ते में कितना समय देना चाहिए?
अध्ययन के अनुसार, सप्ताह में 90 से 120 मिनट तक स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना सबसे प्रभावी माना गया है। इस अवधि तक नियमित व्यायाम करने वालों में किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु का खतरा लगभग 13 प्रतिशत तक कम पाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसके साथ एरोबिक गतिविधियां जैसे तेज चलना, दौड़ना या साइकिलिंग भी की जाएं तो स्वास्थ्य लाभ और अधिक बढ़ सकते हैं।
दिल और दिमाग से जुड़ी बीमारियों पर भी असर
रिसर्च में यह भी सामने आया कि सीमित लेकिन नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने में मददगार हो सकती है।
- हृदय संबंधी बीमारियों से मौत का जोखिम करीब 19 प्रतिशत तक घट सकता है।
- तंत्रिका तंत्र और न्यूरोलॉजिकल रोगों से होने वाली मृत्यु का खतरा लगभग 27 प्रतिशत तक कम देखा गया।
ज्यादा एक्सरसाइज हमेशा बेहतर नहीं
शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि सप्ताह में 120 मिनट से अधिक स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने पर अतिरिक्त लाभ के प्रमाण नहीं मिले। यानी घंटों जिम में बिताने के बजाय संतुलित और नियमित व्यायाम ज्यादा असरदार साबित हो सकता है।
एरोबिक एक्सरसाइज के साथ बढ़ते हैं फायदे
विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और एरोबिक व्यायाम का संयोजन शरीर को अधिक लाभ पहुंचाता है। इससे न केवल मांसपेशियां मजबूत होती हैं, बल्कि हृदय और संपूर्ण स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि वैज्ञानिक संतुलित फिटनेस रूटीन अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
(Photo : AI Generated)