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होर्मुज संकट के बीच बड़ी राहत, 11 हजार से ज्यादा नाविकों की सुरक्षित वापसी का मिशन शुरू

होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय से फंसे हजारों नाविकों के लिए राहत की खबर सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र की समुद्री संस्था इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने इस अहम समुद्री मार्ग में फंसे 11,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस अभियान में भारतीय नाविक भी शामिल हैं, जिन्हें अब जल्द राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया समझौते के बाद उठाया गया है, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव कम करने और समुद्री आवाजाही बहाल करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज ने बताया कि यह पूरा अभियान ईरान, ओमान, आसपास के तटीय देशों, अमेरिका और वैश्विक समुद्री उद्योग के सहयोग से चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नाविकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। समुद्री रास्ते को फिर से सुरक्षित बनाने के लिए नेविगेशन की स्थिति की समीक्षा की गई है और सभी सुरक्षा मानकों को जांचने के बाद ही ऑपरेशन आगे बढ़ाया जा रहा है।

महीनों से फंसे थे जहाज, अब धीरे-धीरे मिलेगी राहत

दरअसल, अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के बढ़े सैन्य तनाव के बाद तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल इस स्ट्रेट के बंद होने से बड़ी संख्या में मालवाहक और अन्य जहाज रास्ते में अटक गए थे। कई जहाज पिछले कई हफ्तों और महीनों से इसी इलाके में खड़े थे, जिससे हजारों क्रू मेंबर्स की स्थिति चिंता का विषय बन गई थी। अब समझौते के बाद समुद्री गतिविधियां दोबारा शुरू होने लगी हैं और फंसे हुए लोगों को निकालने की प्रक्रिया पर काम तेज कर दिया गया है।

शिपिंग ट्रैफिक में बढ़ोतरी, कई जहाजों ने पार किया रास्ता

समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बढ़ी है। शिपिंग डेटा एजेंसी केप्लर के अनुसार, सोमवार को कम से कम 36 व्यावसायिक जहाज इस समुद्री रास्ते से गुजरे। यह संख्या तनाव शुरू होने के बाद अब तक के सबसे बड़े ट्रैफिक स्तरों में से एक बताई जा रही है। ओमान के रक्षा मंत्रालय ने भी कहा है कि नाविकों और जहाजों को निकालने की योजना पर काफी समय से काम चल रहा था। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अभी भी समुद्री क्षेत्र में जहाजों के टकराने का खतरा बना हुआ है। इसलिए ट्रैफिक को अचानक खोलने के बजाय नियंत्रित तरीके से जहाजों को बाहर निकाला जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग से खुलेगा अहम समुद्री रास्ता

इस बीच डेनमार्क ने भी एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मिशन में शामिल होने का ऐलान किया है। यह मिशन फ्रांस और ब्रिटेन की पहल पर शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है। वहीं अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संयुक्त अरब अमीरात दौरे के दौरान कहा कि किसी भी अंतिम समझौते में ईरान को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर शुल्क या टोल वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है और किसी भी देश को यहां से गुजरने वाले जहाजों पर फीस लगाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि क्षेत्र के अन्य देश भी इस बात से सहमत होंगे। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस ऑपरेशन पर है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल नाविकों की सुरक्षा ही नहीं बल्कि वैश्विक तेल और व्यापार आपूर्ति के लिए भी बेहद अहम माना जाता है।