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न्यूजीलैंड का इंग्लैंड में ऐतिहासिक कमाल, 27 साल बाद जीती टेस्ट सीरीज; स्टोक्स की आखिरी पारी भी नहीं बचा सकी मेजबान टीम

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी करते हुए इतिहास रच दिया है। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच में कीवी टीम ने मेजबान इंग्लैंड को 160 रनों से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड की धरती पर 27 साल बाद टेस्ट सीरीज जीतने का कारनामा किया। इससे पहले टीम ने साल 1999 में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज अपने नाम की थी।

मैच की सबसे बड़ी कहानी न्यूजीलैंड की वापसी और इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर बेन स्टोक्स की विदाई रही। स्टोक्स अपने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को जीत के साथ यादगार बनाना चाहते थे, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। 373 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की दूसरी पारी सिर्फ 212 रन पर खत्म हो गई।

इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने साबित कर दिया कि वह मुश्किल परिस्थितियों में भी मजबूत वापसी करने की क्षमता रखती है। सीरीज का पहला मुकाबला हारने के बाद कीवी टीम ने लगातार दो मैच जीतकर ट्रॉफी अपने नाम की। इंग्लैंड की धरती पर ऐसा दूसरी बार हुआ है जब न्यूजीलैंड ने पहला टेस्ट गंवाने के बाद सीरीज में वापसी करते हुए जीत हासिल की है।

आखिरी मैच में स्टोक्स का नहीं चला जादू

बेन स्टोक्स के लिए यह मुकाबला बेहद भावुक था। 35 वर्षीय ऑलराउंडर ने चौथे दिन अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था। ऐसे में उम्मीद थी कि वह अपने करियर के आखिरी मैच को जीत के साथ खत्म करेंगे, लेकिन न्यूजीलैंड ने ऐसा होने नहीं दिया।

लक्ष्य का पीछा करते हुए स्टोक्स ने आक्रामक अंदाज दिखाया और सिर्फ 20 गेंदों में 30 रन बनाकर इंग्लैंड को तेज शुरुआत देने की कोशिश की। उन्होंने कुछ शानदार शॉट लगाए, लेकिन वह अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए। उनके आउट होते ही इंग्लैंड पर दबाव और बढ़ गया।

स्टोक्स ने कप्तानी के चार साल बाद क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया। उन्होंने कहा था कि लगातार जिम्मेदारियों के कारण वह मानसिक और शारीरिक रूप से काफी थक चुके हैं। हालांकि उनका आखिरी मैच जीत के साथ खत्म नहीं हुआ, लेकिन उनके नेतृत्व में इंग्लैंड क्रिकेट में कई यादगार पल जरूर आए।

पांचवें दिन न्यूजीलैंड ने पलटा पूरा मैच

इंग्लैंड ने पांचवें दिन की शुरुआत 103 रन पर 4 विकेट से की थी और टीम को जीत के लिए काफी उम्मीदें थीं। लेकिन न्यूजीलैंड ने सुबह के पहले ही सत्र में मुकाबले की दिशा बदल दी।

पहले नाथन स्मिथ ने एमिलियो गे को 10 रन के निजी स्कोर पर आउट किया। इसके बाद हेनरी निकोल्स के शानदार डायरेक्ट थ्रो ने इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज जो रूट को रन आउट कर दिया। रूट केवल 18 रन बना सके और उनके आउट होते ही इंग्लैंड की बल्लेबाजी बिखरने लगी।

इसके बाद न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। मिचेल सैंटनर ने गस एटकिंसन को LBW आउट किया। वहीं शानदार फील्डिंग के दम पर जोश टंग को भी रन आउट कर दिया गया। आखिर में सैंटनर ने जेमी स्मिथ को आउट कर इंग्लैंड की पूरी पारी 212 रन पर समेट दी।

जेमी स्मिथ ने अकेले संभाली इंग्लैंड की पारी

इंग्लैंड के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज जेमी स्मिथ ने संघर्ष दिखाया। जब टीम के बड़े बल्लेबाज जल्दी-जल्दी पवेलियन लौट रहे थे, तब स्मिथ ने जिम्मेदारी संभाली और 60 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली।

उन्होंने गस एटकिंसन के साथ मिलकर 75 रनों की साझेदारी की और कुछ समय के लिए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को रोकने में सफल रहे। लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे और आखिरकार स्मिथ के आउट होते ही इंग्लैंड की जीत की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई।

न्यूजीलैंड की पहली पारी ने रखी जीत की नींव

इस मुकाबले में न्यूजीलैंड की जीत का आधार उसकी पहली पारी रही। कप्तान टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में डाल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 317 रनों की विशाल साझेदारी की। लैथम ने 151 रन बनाए, जबकि कॉनवे ने 157 रनों की बेहतरीन पारी खेली। इन दोनों की बल्लेबाजी की बदौलत न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 438 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

जवाब में इंग्लैंड ने 354 रन बनाए और न्यूजीलैंड को पहली पारी में 84 रनों की बढ़त मिल गई। दूसरी पारी में कीवी बल्लेबाजों ने फिर मजबूती दिखाई और इंग्लैंड के सामने बड़ा लक्ष्य रखने में सफल रहे।

डेरिल मिचेल और रचिन रविंद्र ने बनाया मजबूत स्कोर

न्यूजीलैंड की दूसरी पारी में डेरिल मिचेल ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने नाबाद 100 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। तेज गेंदबाजों की मुश्किल गेंदों और शरीर पर लगी चोटों के बावजूद मिचेल ने धैर्य नहीं खोया।

उनका साथ रचिन रविंद्र ने दिया, जिन्होंने 94 रनों की अहम पारी खेली। दोनों की बल्लेबाजी के दम पर न्यूजीलैंड ने 288 रन पर 9 विकेट के स्कोर पर पारी घोषित कर दी और इंग्लैंड के सामने 373 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।

चोटों के बावजूद न्यूजीलैंड ने दिखाया दम

इस पूरी सीरीज और खासतौर पर इस मुकाबले में न्यूजीलैंड को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज मैट हेनरी पहले ही चोट के कारण बाहर थे। इसके अलावा ब्लेयर टिकनर भी चोटिल हो गए, जिसके बाद जैक फाउल्क्स को कन्कशन सब्स्टीट्यूट के रूप में मैदान में उतारा गया।

अंतिम दिन विल ओ’रूर्के भी हैमस्ट्रिंग की परेशानी के कारण मैदान से बाहर चले गए। इसके बावजूद न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी और शानदार टीम प्रदर्शन के दम पर जीत हासिल की।

इंग्लैंड के लिए घरेलू मैदान पर बड़ा झटका

इंग्लैंड के लिए यह हार काफी निराशाजनक रही। 2012 के बाद पहली बार टीम को अपने घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट मैचों की सीरीज में हार झेलनी पड़ी है। पिछले कुछ समय से इंग्लैंड का प्रदर्शन लगातार गिरा है और टीम अपने पिछले 9 टेस्ट मैचों में से 7 हार चुकी है।

बेन स्टोक्स और कोच ब्रेंडन मैकुलम के नेतृत्व में शुरू हुए ‘बैजबॉल’ युग में यह इंग्लैंड का सबसे खराब दौर माना जा रहा है। आक्रामक क्रिकेट की रणनीति कई बार टीम के लिए फायदे का सौदा रही, लेकिन हाल के मुकाबलों में इसका असर कम दिखाई दिया है।

स्टोक्स ने कहा- करियर और कप्तानी पर गर्व है

संन्यास के बाद स्टोक्स ने कहा कि इंग्लैंड के लिए दोबारा नहीं खेल पाना भावुक पल है। उन्होंने माना कि सीरीज जीत के साथ विदाई लेना शानदार होता, लेकिन वह अपने करियर और कप्तानी से संतुष्ट हैं।

स्टोक्स ने इंग्लैंड को कई बड़ी जीत दिलाई हैं और उनकी कप्तानी में टीम ने मुश्किल परिस्थितियों में कई यादगार मुकाबले जीते। हालांकि आखिरी टेस्ट में जीत उनके हिस्से नहीं आई।

न्यूजीलैंड के लिए यह जीत सिर्फ एक सीरीज जीत नहीं बल्कि इंग्लैंड की धरती पर लंबे इंतजार के बाद मिली ऐतिहासिक उपलब्धि है। 27 साल बाद मिली इस सफलता ने कीवी क्रिकेट के इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है।