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लॉस एंजिल्स ओलिंपिक 2028 में क्रिकेट की एंट्री, भारत समेत चार महिला टीमों को मिला सीधा टिकट

क्रिकेट एक बार फिर ओलिंपिक के मंच पर दिखाई देने वाला है। लॉस एंजिल्स ओलिंपिक 2028 में क्रिकेट को शामिल किया गया है और इसके लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) तथा इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) ने क्वालिफिकेशन प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। टूर्नामेंट में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में छह-छह टीमें हिस्सा लेंगी।

महिला क्रिकेट की बात करें तो भारत सहित ऑस्ट्रेलिया, ग्रेट ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका की टीमों ने ओलिंपिक के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। इन चार टीमों को सीधे प्रवेश दिया गया है। वहीं बाकी बची दो टीमों का फैसला 2027 में आयोजित होने वाले ओलिंपिक क्वालिफायर टूर्नामेंट के जरिए किया जाएगा।

क्रिकेट के ओलिंपिक मुकाबले अमेरिका के लॉस एंजिल्स शहर में नहीं बल्कि इससे करीब 50 किलोमीटर दूर पोमोना स्थित फेयरग्राउंड्स मैदान में खेले जाएंगे। यहां क्रिकेट के लिए नया स्टेडियम तैयार किया जा रहा है। ओलिंपिक में क्रिकेट प्रतियोगिता 12 जुलाई से 29 जुलाई 2028 तक आयोजित होगी।

महिला वर्ग में चार टीमों का चयन पहले ही तय

ओलिंपिक 2028 के लिए महिला क्रिकेट टीमों के चयन की प्रक्रिया में चार टीमों को सीधे जगह मिली है। भारत, ऑस्ट्रेलिया, ग्रेट ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका ने अपनी मजबूत रैंकिंग और प्रदर्शन के आधार पर क्वालिफाई कर लिया है।

हालांकि अभी महिला वर्ग की पूरी तस्वीर साफ नहीं हुई है क्योंकि दो स्थान खाली हैं। इन टीमों का फैसला 2027 में होने वाले ICC ओलिंपिक क्वालिफायर टूर्नामेंट से होगा। इस प्रतियोगिता में आठ महिला टीमें भाग लेंगी और उनमें से बेहतर प्रदर्शन करने वाली दो टीमें ओलिंपिक का टिकट हासिल करेंगी।

यह पहली बार होगा जब महिला क्रिकेट ओलिंपिक में बड़े स्तर पर खेला जाएगा। क्रिकेट को लंबे समय बाद ओलिंपिक कार्यक्रम में शामिल किया गया है, जिससे इस खेल को दुनियाभर में और ज्यादा पहचान मिलने की उम्मीद है।

पुरुष टीमों के लिए अलग होगा क्वालिफिकेशन सिस्टम

पुरुष क्रिकेट के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया थोड़ी अलग रखी गई है। इसमें टीमों का चयन ICC की टी-20 इंटरनेशनल रैंकिंग के आधार पर होगा। 31 दिसंबर 2026 तक की रैंकिंग को ध्यान में रखते हुए टीमों को ओलिंपिक में जगह मिलेगी। पुरुष वर्ग में अफ्रीका, एशिया, यूरोप, अमेरिका और ओशिनिया महाद्वीपों से एक-एक शीर्ष रैंकिंग वाली टीम सीधे क्वालिफाई करेगी। यानी पांच अलग-अलग क्षेत्रों से पांच टीमों को बिना क्वालिफायर खेले ओलिंपिक में प्रवेश मिलेगा।

छठी और अंतिम टीम के चयन के लिए 2027 में क्वालिफायर टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा। इसमें वे टीमें हिस्सा लेंगी जो सीधे क्वालिफिकेशन हासिल नहीं कर पाईं होंगी। इस मुकाबले के जरिए एक और टीम ओलिंपिक में अपनी जगह बनाएगी।

2027 में होगा ओलिंपिक क्वालिफायर टूर्नामेंट

ICC ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों के लिए 2027 में क्वालिफायर कराने की योजना बनाई है। इस टूर्नामेंट में दोनों कैटेगरी में आठ-आठ टीमें शामिल होंगी। इन आठ टीमों में वे टीमें होंगी जो 31 दिसंबर 2026 तक की ICC रैंकिंग के आधार पर सीधे ओलिंपिक में जगह नहीं बना पाएंगी। क्वालिफायर के जरिए अंतिम स्थानों का फैसला होगा।

ICC की ओर से अभी तक क्वालिफायर टूर्नामेंट की तारीख और मेजबान देश की घोषणा नहीं की गई है। आने वाले समय में इससे जुड़ी जानकारी जारी की जाएगी।

छह टीमों के बीच होगा ओलिंपिक क्रिकेट मुकाबला

लॉस एंजिल्स ओलिंपिक में क्रिकेट प्रतियोगिता का फॉर्मेट भी तय कर लिया गया है। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में छह-छह टीमें हिस्सा लेंगी। सभी टीमों को तीन-तीन के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। ग्रुप स्टेज में हर टीम को कुल चार मुकाबले खेलने होंगे। एक टीम अपने ग्रुप की बाकी दो टीमों के खिलाफ खेलेगी और दूसरे ग्रुप की दो टीमों से भी मुकाबला करेगी।

इस तरह सभी टीमों को बराबरी का मौका मिलेगा और ग्रुप स्टेज के बाद आगे की स्थिति तय होगी। पुरुष और महिला दोनों वर्गों को मिलाकर ओलिंपिक क्रिकेट में कुल 28 मैच खेले जाएंगे।

सभी मुकाबले पोमोना में तैयार किए जा रहे क्रिकेट स्टेडियम में होंगे। यह स्टेडियम विशेष रूप से ओलिंपिक क्रिकेट प्रतियोगिता को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है।

टीमों में होंगे सिर्फ 15 खिलाड़ी

ओलिंपिक क्रिकेट के लिए टीमों के स्क्वॉड को लेकर भी नियम बनाए गए हैं। प्रत्येक टीम अपने साथ अधिकतम 15 खिलाड़ियों का दल ले जा सकेगी। इसका मतलब यह होगा कि टीमों को सीमित खिलाड़ियों के साथ रणनीति बनानी होगी। टी-20 फॉर्मेट होने के कारण खिलाड़ियों का चयन काफी अहम रहेगा क्योंकि छोटे टूर्नामेंट में एक-दो मैच का प्रदर्शन भी पूरी प्रतियोगिता का रुख बदल सकता है।

ओलिंपिक जैसे बड़े मंच पर क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों को एक अलग तरह का अनुभव मिलेगा क्योंकि यहां क्रिकेट का मुकाबला दुनिया के अन्य खेलों के साथ होगा।

128 साल बाद ओलिंपिक में लौट रहा क्रिकेट

क्रिकेट का ओलिंपिक इतिहास काफी पुराना है। इससे पहले क्रिकेट सिर्फ एक बार ओलिंपिक खेलों का हिस्सा बना था। साल 1900 में पेरिस ओलिंपिक के दौरान क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।

उस समय इस इवेंट में सिर्फ इंग्लैंड और फ्रांस की टीमों ने हिस्सा लिया था। मुकाबले में इंग्लैंड ने जीत हासिल कर गोल्ड मेडल जीता था जबकि फ्रांस को सिल्वर मेडल मिला था। इसके बाद क्रिकेट लंबे समय तक ओलिंपिक से बाहर रहा। अब 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक में क्रिकेट की वापसी होने जा रही है।

क्रिकेट के लिए बड़ा मौका

ओलिंपिक में क्रिकेट की वापसी को खेल के विस्तार के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। टी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता ने इस खेल को छोटे समय में ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाया है। ओलिंपिक में शामिल होने के बाद क्रिकेट को उन देशों में भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है जहां यह खेल अभी ज्यादा लोकप्रिय नहीं है। साथ ही खिलाड़ियों को दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।

भारत जैसी क्रिकेट खेलने वाली बड़ी टीमों के लिए यह प्रतियोगिता खास महत्व रखेगी। भारतीय महिला टीम का सीधे क्वालिफाई करना इस बात को दिखाता है कि टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। लॉस एंजिल्स 2028 में क्रिकेट सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं होगा, बल्कि यह इस खेल की वैश्विक पहुंच को और बढ़ाने वाला एक ऐतिहासिक मौका साबित हो सकता है।