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FIFA वर्ल्ड कप 2026: इंग्लैंड, बेल्जियम और अमेरिका के सामने नॉकआउट में बड़ी चुनौती; पहली बार कई टीमें होंगी आमने-सामने

FIFA वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट मुकाबलों में फुटबॉल फैंस को रोमांचक टक्कर देखने को मिलेगी। टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 32 में इंग्लैंड का सामना कांगो डीआर से होगा, जबकि बेल्जियम की टीम सेनेगल के खिलाफ मैदान में उतरेगी। वहीं मेजबान अमेरिका की भिड़ंत बोस्निया एंड हर्जेगोविना से होगी। खास बात यह है कि इनमें से कई मुकाबले ऐसे हैं, जिनमें टीमें पहली बार FIFA वर्ल्ड कप के मंच पर एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी।

पहला मुकाबला इंग्लैंड और कांगो डीआर के बीच खेला जाएगा। यह मैच अटलांटा स्टेडियम में भारतीय समयानुसार रात 9:30 बजे शुरू होगा। दोनों टीमों के बीच इससे पहले कभी कोई आधिकारिक मुकाबला नहीं हुआ है। ऐसे में दोनों के लिए यह मुकाबला नया अनुभव होगा।

इंग्लैंड को इस मुकाबले में मजबूत दावेदार माना जा रहा है। टीम ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना हार के नॉकआउट राउंड में जगह बनाई है। इंग्लैंड ने ग्रुप-L में तीन मुकाबले खेले, जिनमें उसे दो जीत मिलीं और एक मैच ड्रॉ रहा। इसी प्रदर्शन के दम पर टीम ग्रुप में टॉप पर रही।

दूसरी ओर कांगो डीआर का सफर आसान नहीं रहा। टीम ने ग्रुप-K में तीन मैचों में एक जीत हासिल की, एक मुकाबला गंवाया और एक मैच ड्रॉ खेला। उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बावजूद टीम राउंड ऑफ 32 तक पहुंचने में सफल रही है।

इंग्लैंड की सबसे बड़ी उम्मीद उसके कप्तान और अनुभवी स्ट्राइकर हैरी केन पर होगी। बड़े मुकाबलों में गोल करने की उनकी क्षमता टीम के लिए अहम साबित हो सकती है। वहीं कांगो डीआर की तरफ से योआन विसा पर नजरें रहेंगी, जो मौजूदा समय में अच्छी फॉर्म में हैं और विपक्षी डिफेंस के लिए खतरा बन सकते हैं।

दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11:

इंग्लैंड: पिकफोर्ड, वॉकर, स्टोंस, गुएही, ट्रिपियर, राइस, मेनू, साका, बेलिंगहैम, फोडेन, केन।

कांगो डीआर: म्पासी, वान-बिसाका, म्बेम्बा, टुआनजेबे, मासुआकु, सिपेन्गा, मुतुसामी, सादिकी, म्बुकु, बकाम्बु, विसा।

बेल्जियम और सेनेगल के बीच होगी कड़ी टक्कर

राउंड ऑफ 32 का दूसरा बड़ा मुकाबला बेल्जियम और सेनेगल के बीच खेला जाएगा। यह मैच सिएटल स्टेडियम में भारतीय समयानुसार 2 जुलाई को रात 1:30 बजे से शुरू होगा। दोनों टीमों के बीच भी इससे पहले कोई मुकाबला नहीं खेला गया है।

ग्रुप स्टेज में बेल्जियम ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। टीम ग्रुप-G में तीन मुकाबलों में एक जीत और दो ड्रॉ के साथ आगे बढ़ी। उसने पूरे ग्रुप चरण में हार का सामना नहीं किया और अपने ग्रुप में पहले स्थान पर रही। सेनेगल की राह थोड़ी मुश्किल रही। टीम ग्रुप-I में तीन मैचों में एक जीत और दो हार के बाद नॉकआउट तक पहुंची। बेहतर गोल अंतर के कारण उसे अगले दौर में जगह मिली।

बेल्जियम के पास अनुभवी खिलाड़ियों की मजबूत टीम है। मिडफील्ड में केविन डी ब्रुइन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। उनकी पासिंग, मैच को नियंत्रित करने की क्षमता और मौके बनाने की कला किसी भी टीम के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। वहीं स्ट्राइक में रोमेलु लुकाकू टीम के लिए गोल का बड़ा हथियार होंगे।

सेनेगल की टीम किसी भी बड़े मुकाबले में उलटफेर करने का दम रखती है। टीम के स्टार खिलाड़ी सादियो माने का अनुभव इस मैच में बेहद अहम साबित हो सकता है। माने की तेज गति और आक्रमण क्षमता बेल्जियम की डिफेंस लाइन की परीक्षा ले सकती है।

संभावित प्लेइंग-11:

बेल्जियम: कास्टील्स, फाएश, वर्तोंघेन, थीएट, कास्टाग्ने, ओनाना, मोंगाला, डोकू, डी ब्रुइन, ट्रोसार्ड, लुकाकू।

सेनेगल: एडुआर्ड मेंडी, जैकब, कौलीबाली, निआखाते, गासामा, पापे गुएये, लैमिन कमारा, सिस, इसमाइला सार, जाक्सन, सादियो माने।

मेजबान अमेरिका की नजर जीत पर, बोस्निया पहली जीत की तलाश में

तीसरे मुकाबले में अमेरिका और बोस्निया एंड हर्जेगोविना आमने-सामने होंगी। यह मैच सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 बजे खेला जाएगा।

दोनों टीमों के बीच अब तक तीन मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें अमेरिका का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। अमेरिकी टीम ने दो मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि एक मुकाबला बराबरी पर खत्म हुआ। बोस्निया को अभी तक अमेरिका के खिलाफ पहली जीत का इंतजार है। हालांकि FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमें पहली बार एक-दूसरे के खिलाफ उतरेंगी। ऐसे में मुकाबले का दबाव दोनों टीमों पर रहेगा।

मेजबान अमेरिका ने ग्रुप-D में अच्छा प्रदर्शन किया। टीम ने तीन मैचों में दो जीत हासिल कीं और एक मुकाबले में हार मिली। इसके साथ ही उसने नॉकआउट राउंड में अपनी जगह बनाई। बोस्निया एंड हर्जेगोविना ने ग्रुप-B में संतुलित प्रदर्शन किया। टीम ने एक मुकाबला जीता, एक गंवाया और एक मैच ड्रॉ खेला। इसी प्रदर्शन के आधार पर उसने अगले दौर में प्रवेश किया।

अमेरिका की टीम अपने स्टार खिलाड़ी क्रिश्चियन पुलिसिक से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठी है। विंगर के तौर पर उनकी तेजी और गोल करने की क्षमता टीम के लिए सबसे बड़ा हथियार हो सकती है। वहीं बोस्निया की उम्मीद अनुभवी कप्तान एडिन जेको पर टिकी होगी। जेको लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में अपनी पहचान बना चुके हैं और बड़े मुकाबलों में उनका अनुभव टीम के काम आ सकता है।

संभावित प्लेइंग-11:

अमेरिका: टर्नर, स्काली, रिचर्ड्स, रीम, रॉबिन्सन, मैकेनी, एडम्स, मूसाह, वेआ, राइट, पोलिस।

बोस्निया एंड हर्जेगोविना: वासिलिज, मालिच, कतिच, रादेलिच, कोलासिनाक, बाजराक्तारेविच, सुन्जिच, बासिच, अलाजबेगोविच, डेमिरोविच, जेको।

FIFA वर्ल्ड कप 2026 के ये मुकाबले कई मायनों में खास हैं। जहां कुछ टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी, वहीं कई स्टार खिलाड़ी अपनी टीमों को अगले दौर तक पहुंचाने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे। इंग्लैंड, बेल्जियम और अमेरिका जैसी मजबूत टीमें जीत की दावेदार मानी जा रही हैं, लेकिन नॉकआउट मुकाबलों में छोटी सी गलती भी टीमों का सफर खत्म कर सकती है।