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ऑस्ट्रेलिया से खिताबी भिड़ंत तय: इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका को हराकर महिला टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में बनाई जगह

महिला टी-20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। सेमीफाइनल मुकाबले में टीम ने साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराकर खिताब की दौड़ में अपनी जगह मजबूत कर ली। अब टूर्नामेंट का फाइनल रविवार को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाएगा, जहां इंग्लैंड का सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया से होगा। मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने शुरुआती झटकों के बावजूद 5 विकेट पर 169 रन बनाए। जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 129 रन ही बना सकी।

इंग्लैंड की जीत की सबसे बड़ी वजह नेट साइवर-ब्रंट और हीथर नाइट की जिम्मेदार बल्लेबाजी रही। दोनों ने ऐसे समय पर मोर्चा संभाला, जब टीम मुश्किल हालात में थी। दोनों खिलाड़ियों ने चौथे विकेट के लिए 133 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर मैच का पूरा रुख बदल दिया। इसी साझेदारी के दम पर इंग्लैंड सम्मानजनक ही नहीं बल्कि चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा।

टॉस हारने के बाद इंग्लैंड को पहले बल्लेबाजी करनी पड़ी, लेकिन शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शुरुआती छह ओवर यानी पावरप्ले में टीम केवल 16 रन ही जोड़ सकी, जो इस संस्करण में इंग्लैंड का सबसे कम पावरप्ले स्कोर रहा। शुरुआती बल्लेबाज लगातार दबाव में दिखे और साउथ अफ्रीका की तेज गेंदबाजी के सामने रन बनाना बेहद मुश्किल साबित हुआ।

साउथ अफ्रीका की अनुभवी तेज गेंदबाज शबनीम इस्माइल ने पहले ही ओवर में बड़ा झटका देकर इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। उन्होंने मुकाबले की पहली ही गेंद पर एमी जोन्स को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद एलिस कैपसी भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सकीं। दूसरी ओर मरिजाने काप ने भी कसी हुई गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। शुरुआती तीन विकेट जल्दी गिरने से इंग्लैंड की स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी।

हालांकि संकट की इस घड़ी में नेट साइवर-ब्रंट और हीथर नाइट ने धैर्य के साथ पारी को संभाला। दोनों ने शुरुआत में विकेट बचाने पर ध्यान दिया और फिर जैसे-जैसे गेंद पुरानी होती गई, रन गति भी बढ़ा दी। दोनों बल्लेबाजों ने मैदान के हर हिस्से में आकर्षक शॉट लगाए और दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।

नेट साइवर-ब्रंट इस मुकाबले से पहले चोट के कारण लगातार तीन मैच नहीं खेल सकी थीं। काफ इंजरी से उबरने के बाद उनकी टीम में वापसी हुई और उन्होंने अपने चयन को पूरी तरह सही साबित किया। उन्होंने 47 गेंदों में 75 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 11 चौके और एक शानदार छक्का शामिल रहा। बल्लेबाजी के दौरान उनकी फिटनेस पर चोट का कोई असर नजर नहीं आया और उन्होंने बेहतरीन रनिंग भी की।

दूसरे छोर पर कप्तान हीथर नाइट ने भी जिम्मेदारी से बल्लेबाजी की। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। नाइट ने 47 गेंदों में 58 रन बनाए और अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान कई शानदार चौके-छक्के लगाए। उन्होंने अयाबोंगा खाका की गेंद पर छक्का जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 90 गेंदों में 133 रन जोड़कर इंग्लैंड की पारी को नई ऊंचाई दी।

हालांकि पारी के अंतिम चरण में नॉनकुलुलेको म्लाबा ने लगातार तीन गेंदों के भीतर साइवर-ब्रंट और हीथर नाइट दोनों को आउट कर इंग्लैंड को झटका दिया, लेकिन तब तक टीम मजबूत स्कोर तक पहुंच चुकी थी। निर्धारित 20 ओवर समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 5 विकेट के नुकसान पर 169 रन बनाए और साउथ अफ्रीका के सामने 170 रन का लक्ष्य रखा। महिला टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह लक्ष्य सबसे कठिन रन चेज में से एक माना जा रहा था।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की शुरुआत भी ज्यादा मजबूत नहीं रही। टीम को कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने उन्हें ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। वोल्वार्ड्ट कुछ अच्छे शॉट खेलती नजर आईं, मगर छठे ओवर में उनका शानदार कैच लेकर सोफी एक्लेस्टोन ने मैच का रुख इंग्लैंड की ओर मोड़ दिया।

सोफी एक्लेस्टोन ने केवल गेंद से ही नहीं बल्कि फील्डिंग में भी कमाल दिखाया। उन्होंने सुने लूस का भी शानदार कैच लपका, जिससे साउथ अफ्रीका पर दबाव और बढ़ गया। इंग्लैंड की चुस्त फील्डिंग ने विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

इसके बाद ताजमिन ब्रिट्स ने अकेले संघर्ष करने की कोशिश की। उन्होंने 44 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और कुछ समय तक टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। मध्यक्रम के बल्लेबाज इंग्लैंड की स्पिन गेंदबाजी के सामने लगातार संघर्ष करते रहे।

चार्ली डीन ने बीच के ओवरों में शानदार स्पेल डालते हुए साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उनकी सटीक लाइन और लेंथ के सामने बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके। ताजमिन ब्रिट्स और मरिजाने काप दोनों ने बड़े शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन अतिरिक्त कवर पर नेट साइवर-ब्रंट ने शानदार कैच पकड़कर दोनों की पारियां समाप्त कर दीं।

इन विकेटों के बाद साउथ अफ्रीका की रन गति लगातार गिरती चली गई। आखिरी ओवरों में टीम को बड़े शॉट्स की जरूरत थी, लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने बेहद अनुशासित गेंदबाजी की। परिणामस्वरूप निर्धारित 20 ओवर में साउथ अफ्रीका 8 विकेट खोकर केवल 129 रन ही बना सकी और उसे 40 रन से हार का सामना करना पड़ा।

इस मुकाबले में नेट साइवर-ब्रंट का हरफनमौला प्रदर्शन इंग्लैंड की जीत का सबसे बड़ा कारण रहा। उन्होंने पहले बल्ले से सर्वाधिक 75 रन बनाए और बाद में फील्डिंग के दौरान महत्वपूर्ण कैच भी लपके। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

दूसरी ओर साउथ अफ्रीका की तेज गेंदबाज शबनीम इस्माइल ने भले ही टीम को जीत नहीं दिला सकीं, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धि अपने नाम कर ली। मुकाबले की पहली गेंद पर विकेट लेकर वह महिला टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में 50 विकेट पूरे करने वाली पहली क्रिकेटर बन गईं। उन्होंने अपने स्पेल में दो अहम विकेट झटके और पूरे टूर्नामेंट में अपनी शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन जारी रखा।

सेमीफाइनल में मिली इस जीत के साथ इंग्लैंड का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। शुरुआती झटकों के बाद टीम ने जिस तरह वापसी की, उसने उसकी मानसिक मजबूती भी साबित कर दी। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड ने दिखाया कि वह खिताब की प्रबल दावेदार है।

अब सभी की नजरें लॉर्ड्स में होने वाले फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की मजबूत टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच लंबे समय से कड़ी प्रतिद्वंद्विता रही है और ऐसे में महिला टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल भी बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। इंग्लैंड जहां इस शानदार जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगा, वहीं ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर अपनी बादशाहत कायम रखने के इरादे से मैदान में उतरेगा।