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नोवाक जोकोविच तोड़ पाएंगे विंबलडन का सबसे बड़ा रिकॉर्ड? फेडरर की बराबरी के बाद अब नई चुनौती सामने

विंबलडन 2026 में टेनिस प्रेमियों को लगातार रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। इस बीच सर्बिया के दिग्गज खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। उन्होंने फ्रांस के आर्थर रिंडरकनेच को हराकर विंबलडन में अपने करियर की 105वीं जीत दर्ज की और इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पुरुष एकल वर्ग में सबसे अधिक मैच जीतने के मामले में रोजर फेडरर की बराबरी कर ली। इस उपलब्धि के साथ जोकोविच ने एक बार फिर साबित किया कि उम्र उनके खेल पर कोई असर नहीं डाल रही है।

हालांकि टूर्नामेंट में केवल जोकोविच ही नहीं, बल्कि मौजूदा विश्व नंबर-1 जानिक सिनर और महिला वर्ग की शीर्ष वरीय आर्यना सबालेंका ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम-16 में अपनी जगह पक्की कर ली है। दूसरी ओर, जापान की स्टार खिलाड़ी नाओमी ओसाका ने पहली बार विंबलडन के चौथे दौर में पहुंचकर अपने करियर का नया अध्याय लिख दिया है।

जोकोविच ने कठिन मुकाबले में दिखाई अनुभव की ताकत

39 वर्षीय नोवाक जोकोविच का मुकाबला फ्रांस के 25वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी आर्थर रिंडरकनेच से हुआ। शुरुआत से ही मुकाबला प्रतिस्पर्धी रहा, लेकिन अनुभव के दम पर जोकोविच ने अहम मौकों पर बेहतर खेल दिखाया। उन्होंने पहला सेट 7-5 से अपने नाम किया। इसके बाद दूसरे सेट में भी उन्होंने 6-4 से जीत दर्ज कर मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली।

तीसरे सेट में हालांकि रिंडरकनेच ने शानदार वापसी की। उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए जोकोविच को सिर्फ एक गेम जीतने दिया और 6-1 से सेट अपने नाम कर लिया। इससे मुकाबला रोमांचक हो गया और ऐसा लगा कि मैच पांचवें सेट तक जा सकता है।

चौथा सेट दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहद कड़ा रहा। किसी भी खिलाड़ी ने आसानी से अपनी सर्विस नहीं गंवाई और आखिरकार मुकाबला टाईब्रेक तक पहुंचा। यहां जोकोविच ने अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए 7-4 से टाईब्रेक जीत लिया और चार सेटों में मुकाबला समाप्त कर दिया।

अंतिम पॉइंट ने जीत को बना दिया यादगार

करीब तीन घंटे तक चले इस मुकाबले का आखिरी अंक दर्शकों के लिए किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। रिंडरकनेच ने शानदार ड्रॉप शॉट खेलकर जोकोविच को आगे आने के लिए मजबूर किया। गेंद तक पहुंचने के लिए जोकोविच ने पूरी ताकत के साथ डाइव लगाई। दोनों खिलाड़ी कोर्ट पर गिर पड़े, लेकिन अंततः अंक जोकोविच के खाते में गया।

जैसे ही मुकाबला खत्म हुआ, सेंटर कोर्ट में मौजूद दर्शक अपनी सीटों से खड़े हो गए और तालियों की गड़गड़ाहट से दिग्गज खिलाड़ी का स्वागत किया। यह पल मैच के सबसे यादगार क्षणों में शामिल रहा।

फेडरर के रिकॉर्ड की बराबरी पर मजेदार प्रतिक्रिया

मैच के बाद जब जोकोविच से रिकॉर्ड की बराबरी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह रोजर फेडरर को 106वें मैच के लिए आमंत्रित करना चाहेंगे और जो खिलाड़ी वह मुकाबला जीत जाएगा, रिकॉर्ड उसी के नाम हो जाएगा।

उनकी इस टिप्पणी पर दर्शकों और पत्रकारों के बीच हंसी का माहौल बन गया। इसके बाद जोकोविच ने कहा कि बचपन से उनका सपना था कि वह विंबलडन के ऐतिहासिक सेंटर कोर्ट पर खेलें और यहां इतिहास का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि हर बार इस कोर्ट पर उतरना उनके लिए गर्व की बात होती है।

विंबलडन में अब सिर्फ एक खिलाड़ी आगे

पुरुष एकल वर्ग में 105 जीत के साथ अब जोकोविच और रोजर फेडरर संयुक्त रूप से सबसे आगे हैं। लेकिन यदि पूरे विंबलडन इतिहास की बात करें तो महिलाओं की महान खिलाड़ी मार्टिना नवरातिलोवा अब भी 120 मैच जीतकर शीर्ष स्थान पर बनी हुई हैं। ऐसे में जोकोविच के पास आने वाले मुकाबलों में इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड के और करीब पहुंचने का अवसर रहेगा।

जानिक सिनर ने भी दिखाई चैंपियन जैसी फॉर्म

डिफेंडिंग चैंपियन और दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी जानिक सिनर ने भी अपने तीसरे दौर के मुकाबले में दमदार प्रदर्शन किया। उनका सामना अमेरिका के जेनसन ब्रूक्सबी से हुआ, जिसे उन्होंने सीधे सेटों में 6-4, 6-3 और 6-4 से हराया।

पहले सेट में शुरुआती बढ़त लेने के बाद सिनर ने पूरे मुकाबले में अपने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। हालांकि तीसरे सेट में ब्रूक्सबी ने एक समय उनकी सर्विस ब्रेक कर मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन सिनर ने तुरंत जवाब देते हुए मैच दोबारा अपने पक्ष में कर लिया और बिना कोई अतिरिक्त सेट गंवाए जीत हासिल की।

अब जापानी क्वालिफायर से होगी भिड़ंत

अंतिम-16 में सिनर का मुकाबला जापान के क्वालिफायर शिनतारो मोचिजुकी से होगा। मुकाबले के बाद सिनर ने कहा कि उन्होंने पहले कभी मोचिजुकी के खिलाफ मैच नहीं खेला है। उनके अनुसार चौथे दौर तक पहुंचने वाला हर खिलाड़ी बेहद खतरनाक होता है और किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता रिकवरी करना और अगले मैच की तैयारी करना है ताकि वह अपने खिताब की रक्षा की दिशा में आगे बढ़ सकें।

महिला वर्ग में सबालेंका का शानदार प्रदर्शन

महिला एकल प्रतियोगिता में दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने भी शानदार लय बरकरार रखी। उन्होंने लातविया की येलेना ओस्टापेंको को 6-4, 6-4 से हराकर चौथे दौर में प्रवेश किया।

सेंटर कोर्ट पर खेले गए इस मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक टेनिस खेला। सबालेंका की तेज सर्विस उनके लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हुई। उन्होंने पहले सेट के दौरान 111 मील प्रति घंटे की रफ्तार से ऐस सर्विस लगाकर दर्शकों को प्रभावित किया। इसके बाद उन्होंने लगातार दबाव बनाए रखा और सीधे सेटों में मुकाबला जीत लिया।

पहली बार चौथे दौर में पहुंचीं नाओमी ओसाका

चार बार ग्रैंड स्लैम जीत चुकी जापान की स्टार खिलाड़ी नाओमी ओसाका के लिए भी यह विंबलडन बेहद खास साबित हो रहा है। उन्होंने दारिया कसात्किना को सिर्फ 65 मिनट में 6-1, 6-3 से हराकर पहली बार इस टूर्नामेंट के अंतिम-16 में जगह बनाई।

ओसाका ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और अपने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उनकी सर्विस और बेसलाइन शॉट्स पूरे मुकाबले में प्रभावी रहे। इस जीत के साथ उन्होंने विंबलडन में अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी नहीं बल्कि नया रिकॉर्ड बना लिया।

चौथे दौर में होगी बड़ी टक्कर

अब महिला वर्ग के चौथे दौर का सबसे चर्चित मुकाबला आर्यना सबालेंका और नाओमी ओसाका के बीच खेला जाएगा। दोनों स्टार खिलाड़ियों के बीच अब तक पांच मुकाबले हो चुके हैं, जिनमें चार बार सबालेंका ने जीत दर्ज की है, जबकि एक मैच ओसाका के नाम रहा है।

दोनों खिलाड़ी आक्रामक खेल के लिए जानी जाती हैं, इसलिए टेनिस विशेषज्ञ इस मुकाबले को टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मैचों में से एक मान रहे हैं। जहां सबालेंका अपनी नंबर-1 रैंकिंग के अनुरूप प्रदर्शन जारी रखना चाहेंगी, वहीं ओसाका पहली बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का सपना पूरा करने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगी।

रिकॉर्ड, रोमांच और बड़े मुकाबलों से सजा विंबलडन

विंबलडन 2026 का यह चरण कई यादगार लम्हों का गवाह बन रहा है। एक ओर नोवाक जोकोविच ने रोजर फेडरर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर टेनिस इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है, वहीं जानिक सिनर ने अपने खिताब बचाने की मजबूत दावेदारी पेश की है। महिला वर्ग में आर्यना सबालेंका और नाओमी ओसाका की भिड़ंत पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी होंगी। आने वाले मुकाबले तय करेंगे कि कौन खिलाड़ी इतिहास रचेगा और कौन विंबलडन 2026 की ट्रॉफी की ओर एक और कदम बढ़ाएगा।