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FIFA वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 की आज से शुरुआत, एमबाप्पे की फ्रांस का मुकाबला पैराग्वे से, मेजबान कनाडा के सामने मोरक्को की चुनौती

FIFA वर्ल्ड कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। ग्रुप स्टेज और राउंड ऑफ 32 के मुकाबलों के बाद अब शनिवार रात से राउंड ऑफ 16 की शुरुआत होगी। पहले दिन दो बड़े मुकाबले खेले जाएंगे, जिन पर दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की नजरें टिकी रहेंगी। पहला मुकाबला मेजबान कनाडा और मजबूत मोरक्को के बीच होगा, जबकि दूसरे मैच में किलियन एमबाप्पे की अगुवाई वाली फ्रांस की टीम का सामना पैराग्वे से होगा। दोनों मुकाबलों की विजेता टीमें क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित करेंगी।

कनाडा और मोरक्को के बीच होगी पहली भिड़ंत

राउंड ऑफ 16 का पहला मुकाबला ह्यूस्टन स्टेडियम में भारतीय समयानुसार रात 10:30 बजे खेला जाएगा। मेजबान कनाडा अपने घरेलू दर्शकों के समर्थन के साथ मैदान पर उतरेगा, लेकिन उसके सामने मोरक्को जैसी संतुलित और अनुशासित टीम होगी, जिसने इस टूर्नामेंट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।

कनाडा के लिए यह मुकाबला सिर्फ नॉकआउट मैच नहीं बल्कि इतिहास बदलने का भी मौका होगा। अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों देशों के बीच दो मुकाबले खेले गए हैं। इनमें एक मैच मोरक्को ने जीता, जबकि दूसरा मुकाबला ड्रॉ रहा। यानी कनाडा आज तक मोरक्को को नहीं हरा पाया है।

विश्व कप में दोनों टीमें इससे पहले 2022 के संस्करण में आमने-सामने आई थीं। तब ग्रुप स्टेज के मुकाबले में मोरक्को ने कनाडा को 2-1 से हराया था। ऐसे में कनाडाई टीम के पास पुराने हिसाब बराबर करने का सुनहरा अवसर रहेगा।

शानदार फॉर्म में है मेजबान टीम

कनाडा ने इस विश्व कप में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। राउंड ऑफ 32 में उसने दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से हराकर अंतिम-16 का टिकट हासिल किया। ग्रुप चरण में भी टीम ने दमदार खेल दिखाया था। उसने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराया, जबकि बोस्निया के खिलाफ मुकाबला 1-1 से बराबरी पर समाप्त हुआ। हालांकि स्विट्जरलैंड के खिलाफ उसे 2-1 की हार का सामना करना पड़ा था।

टीम का आत्मविश्वास इस समय काफी ऊंचा है और घरेलू दर्शकों का समर्थन भी उसके लिए बड़ा हथियार साबित हो सकता है।

मोरक्को ने दिखाया जुझारूपन

दूसरी ओर मोरक्को ने राउंड ऑफ 32 में बेहद रोमांचक मुकाबले में नीदरलैंड को बाहर का रास्ता दिखाया। निर्धारित समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। इसके बाद फैसला पेनाल्टी शूटआउट में हुआ, जहां मोरक्को ने 3-2 से जीत दर्ज कर अंतिम-16 में जगह बनाई।

ग्रुप स्टेज में भी मोरक्को ने शानदार लय दिखाई थी। टीम ने हैती को 4-2 से हराया, स्कॉटलैंड को 1-0 से मात दी और ब्राजील जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 1-1 की बराबरी हासिल की। इस प्रदर्शन ने साबित किया कि अफ्रीकी टीम किसी भी बड़े प्रतिद्वंद्वी को चुनौती देने की क्षमता रखती है।

किन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें

कनाडा की उम्मीदें उसके स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस और अनुभवी स्ट्राइकर जोनाथन डेविड पर टिकी रहेंगी। डेविस अपनी तेज रफ्तार और आक्रामक रन के लिए जाने जाते हैं, जबकि डेविड गोल करने में माहिर हैं।

वहीं मोरक्को की ताकत उसके अनुभवी खिलाड़ी हैं। कप्तान अचराफ हकीमी रक्षा पंक्ति को मजबूती देंगे, जबकि हाकिम जियेच अपने अनुभव और शानदार क्रॉसिंग से विपक्षी डिफेंस के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। मिडफील्ड में सोफयान अमराबत भी टीम की लय बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएंगे।

कनाडा की संभावित प्लेइंग इलेवन

मैक्सिम क्रेप्यू, एलिस्टेयर जॉनसन, कमल मिलर, डेरेक कॉर्नेलियस, अल्फोंसो डेविस, इस्माइल कोने, स्टीफन यूस्टाक्वियो, ताजोन बुकानन, जोनाथन डेविड, काइल लारिन और लियाम मिलर।

मोरक्को की संभावित प्लेइंग इलेवन

यासीन बोनो, अचराफ हकीमी, नायेफ अगुएर्ड, रोमन साइस, नुसैर मजरौई, सोफयान अमराबत, अजेदीन औनाही, सेलिम अमल्लाह, हाकिम जियेच, यूसुफ एन-नेसिरी और सोफियान बौफाल।

रात 2:30 बजे होगा फ्रांस और पैराग्वे का महामुकाबला

पहले मैच के बाद सभी की निगाहें फिलाडेल्फिया स्टेडियम पर टिक जाएंगी, जहां भारतीय समयानुसार रात 2:30 बजे फ्रांस और पैराग्वे आमने-सामने होंगे। फ्रांस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में गिनी जा रही है, जबकि पैराग्वे ने अपने प्रदर्शन से कई दिग्गजों को चौंकाया है।

इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे होंगे। वह इस विश्व कप में अब तक छह गोल दाग चुके हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। फ्रांसीसी टीम को उनसे एक बार फिर बड़े मैच में निर्णायक प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

इतिहास भी फ्रांस के पक्ष में

फ्रांस और पैराग्वे के बीच अब तक पांच अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं। इनमें तीन बार फ्रांस विजेता रहा, जबकि दो मैच ड्रॉ रहे। पैराग्वे अभी तक फ्रांस के खिलाफ जीत का स्वाद नहीं चख पाया है।

विश्व कप में दोनों देशों की यह तीसरी मुलाकात होगी। पहली बार 1958 में दोनों टीमें भिड़ी थीं, तब फ्रांस ने 7-3 के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1998 विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में भी फ्रांस ने 1-0 से जीत हासिल कर पैराग्वे का सफर समाप्त किया था।

फ्रांस का अब तक शानदार अभियान

फ्रांस ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया है। राउंड ऑफ 32 में उसने स्वीडन को 3-0 से हराकर आसानी से अगले दौर में प्रवेश किया।

ग्रुप चरण में भी फ्रांसीसी टीम पूरी तरह हावी रही। उसने नॉर्वे को 4-1 से हराया, इराक को 3-0 से शिकस्त दी और सेनेगल के खिलाफ 3-1 से जीत दर्ज की। टीम की आक्रमण पंक्ति लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है, जबकि डिफेंस भी काफी मजबूत नजर आया है।

पैराग्वे ने जर्मनी को किया बाहर

पैराग्वे को हल्के में लेना फ्रांस के लिए बड़ी भूल साबित हो सकती है। राउंड ऑफ 32 में इस टीम ने चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को पेनाल्टी शूटआउट में हराकर बड़ा उलटफेर किया था। निर्धारित समय तक दोनों टीमें 1-1 से बराबरी पर थीं, लेकिन शूटआउट में पैराग्वे ने 4-3 से जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया।

ग्रुप स्टेज में टीम ने तुर्की को 1-0 से हराया, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेला, जबकि अमेरिका से उसे 4-1 की हार झेलनी पड़ी थी। हालांकि नॉकआउट मुकाबले में जर्मनी जैसी मजबूत टीम को हराकर पैराग्वे ने अपना आत्मविश्वास काफी बढ़ा लिया है।

इन खिलाड़ियों से होगी बड़ी उम्मीद

पैराग्वे के लिए युवा स्टार जूलियो एनसिसो सबसे अहम खिलाड़ी होंगे। उनकी गति और ड्रिब्लिंग विपक्षी रक्षा पंक्ति को परेशान कर सकती है। वहीं गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने जर्मनी के खिलाफ पेनाल्टी शूटआउट में शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी। एक बार फिर उनकी जिम्मेदारी बढ़ेगी।

फ्रांस की ओर से एमबाप्पे सबसे बड़े मैच विनर होंगे। उनके अलावा उस्मान डेमबेले, माइकल ओलिस और बार्कोला जैसे खिलाड़ी आक्रमण को धार देंगे। मिडफील्ड में ऑरेलियन चुआमेनी और एड्रियन रैबियो खेल की गति नियंत्रित करने की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि डिफेंस में विलियम सलीबा और उपामेकानो मजबूत दीवार बन सकते हैं।

पैराग्वे की संभावित प्लेइंग इलेवन

ऑरलैंडो गिल, कैसेरेस, अलोंसो, कैनाले, गुस्तावो गोमेज, मिगुएल अल्मिरोन, कुबास, बोबाडिला, गालार्जा, जूलियो एनसिसो और एवलोस।

फ्रांस की संभावित प्लेइंग इलेवन

माइक मैग्नन, जूल्स कौंडे, दायोट उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, ऑरेलियन चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, माइकल ओलिस, उस्मान डेमबेले, बार्कोला और किलियन एमबाप्पे।

राउंड ऑफ 16 के पहले दिन होने वाले दोनों मुकाबले बेहद अहम माने जा रहे हैं। एक तरफ मेजबान कनाडा अपने घरेलू मैदान पर इतिहास रचने की कोशिश करेगा, तो दूसरी ओर फ्रांस की नजर लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने पर होगी। वहीं मोरक्को और पैराग्वे दोनों ही टीमें अपने पिछले मुकाबलों में बड़े प्रदर्शन कर चुकी हैं और किसी भी कीमत पर आसान चुनौती साबित नहीं होंगी। ऐसे में फुटबॉल प्रशंसकों को शनिवार रात दो हाई-वोल्टेज मुकाबलों का रोमांच देखने को मिलेगा।