फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब पांच बार की विश्व विजेता ब्राजील प्री-क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे से 2-1 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। इस जीत के साथ नॉर्वे ने पहली बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, जबकि ब्राजील का खिताब जीतने का सपना अधूरा रह गया। मुकाबले के बाद स्टार फुटबॉलर नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी, जिससे ब्राजीलियाई फुटबॉल के एक यादगार दौर का अंत हो गया।
अमेरिका के न्यू जर्सी में खेले गए इस मुकाबले में नॉर्वे के कप्तान एरलिंग हालैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दोनों गोल दागे। दूसरी ओर ब्राजील के लिए एकमात्र गोल नेमार ने इंजरी टाइम में पेनल्टी के जरिए किया, लेकिन तब तक मैच लगभग हाथ से निकल चुका था।
मैच के बाद नेमार ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने अपने देश के लिए हमेशा पूरी ताकत से खेलने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि इसी मैदान पर उन्होंने 2010 में ब्राजील की सीनियर टीम के लिए पहला मैच खेला था और अब उसी जगह से उनका अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त हो रहा है। उनके अनुसार अब ब्राजील की नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
हालैंड की अगुआई में नॉर्वे ने पूरे मुकाबले में अनुशासित खेल दिखाया। पहले हाफ में ब्राजील के पास बढ़त हासिल करने का सुनहरा अवसर आया था। वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के बाद टीम को पेनल्टी मिली, लेकिन ब्रूनो गुइमारेस का शॉट नॉर्वे के गोलकीपर ऑर्जन नीलैंड ने शानदार डाइव लगाकर रोक दिया। इसके बाद भी गेब्रियल मार्टिनेली और विनीसियस जूनियर ने कई हमले किए, मगर नीलैंड ने सभी प्रयास विफल कर दिए और पहले हाफ तक स्कोर 0-0 बना रहा।
दूसरे हाफ की शुरुआत में भी ब्राजील ने दबाव बनाने की कोशिश की। युवा स्ट्राइकर एंड्रिक को गोल करने का अच्छा मौका मिला, लेकिन वह उसका फायदा नहीं उठा सके। इसके बाद नॉर्वे ने तेज जवाबी हमला किया। 72वें मिनट में एंड्रियास शेल्डरप ने बाएं फ्लैंक से शानदार क्रॉस भेजा, जिस पर एरलिंग हालैंड ने सटीक हेडर लगाकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
मैच के अंतिम क्षणों में ब्राजील बराबरी की कोशिश में पूरी तरह आगे बढ़ गया, जिसका फायदा नॉर्वे को मिला। इंजरी टाइम से ठीक पहले हालैंड ने एक और शानदार मूव बनाया। उन्होंने डिफेंडर डेनिलो के पैरों के बीच से गेंद निकालते हुए गोल दागा और स्कोर 2-0 कर दिया। यह टूर्नामेंट में उनका छठा और सातवां गोल था। इन गोलों के साथ वह गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी और किलियन एमबाप्पे के बराबर पहुंच गए।
ब्राजील को मैच के आखिरी पलों में पेनल्टी मिली, जिस पर नेमार ने कोई गलती नहीं की और गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर स्कोर 2-1 कर दिया। हालांकि यह गोल केवल हार का अंतर कम करने तक सीमित रहा और ब्राजील टूर्नामेंट से बाहर हो गया। 1990 के बाद यह पहला अवसर है जब ब्राजील विश्व कप के इतने शुरुआती नॉकआउट चरण में बाहर हुआ है।
लगातार चोटों से परेशान रहे नेमार इस विश्व कप में सिर्फ दो मुकाबले ही खेल पाए। नॉर्वे के खिलाफ भी वे दूसरे हाफ में मैदान पर उतरे और अंतिम समय में गोल करने में सफल रहे। उनके संन्यास के बाद ब्राजील के कप्तान मार्किन्योस ने कहा कि अब युवा खिलाड़ियों पर टीम को आगे ले जाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशंसकों से अपील की कि वे नई टीम का पूरा समर्थन करें और धैर्य बनाए रखें।
नेमार ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 130 मैच खेले। ब्राजील की ओर से उनसे अधिक मुकाबले केवल दिग्गज काफू ने खेले हैं, जिनके नाम 142 अंतरराष्ट्रीय मैच दर्ज हैं। अपने अंतिम मुकाबले में गोल करने के साथ ही नेमार ने महान खिलाड़ी पेले के एक और रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। दोनों खिलाड़ियों ने चार-चार अलग-अलग फीफा वर्ल्ड कप में गोल करने का कारनामा किया है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय गोलों की संख्या के मामले में नेमार पेले से आगे निकल चुके हैं। उनके नाम 80 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं, जबकि पेले ने ब्राजील के लिए 77 गोल किए थे।
ब्राजील के लिए एक और चिंताजनक तथ्य यह रहा कि टीम लगातार छठे विश्व कप में किसी यूरोपीय देश के हाथों बाहर हुई। 2006 में फ्रांस, 2010 में नीदरलैंड, 2014 में जर्मनी, 2018 में बेल्जियम, 2022 में क्रोएशिया और अब 2026 में नॉर्वे ने ब्राजील का सफर समाप्त किया। इससे साफ है कि हाल के वर्षों में यूरोपीय टीमों के खिलाफ ब्राजील का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है।
उधर, दूसरे प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने मेजबान मेक्सिको को 3-2 से हराकर लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा क्योंकि इंग्लैंड को दूसरे हाफ का बड़ा हिस्सा 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, फिर भी टीम जीत दर्ज करने में सफल रही।
इंग्लैंड की ओर से जूड बेलिंगहैम ने पहले हाफ में शानदार खेल दिखाया। उन्होंने 36वें और 38वें मिनट में लगातार दो गोल कर अपनी टीम को मजबूत बढ़त दिलाई। हाफ टाइम से ठीक पहले मेक्सिको के जूलियन क्विनोनेस ने एक गोल कर मुकाबले को 2-1 पर ला दिया और वापसी की उम्मीद जगाई।
दूसरे हाफ में इंग्लैंड की मुश्किलें तब बढ़ीं जब 54वें मिनट में डिफेंडर जरेल क्वांसा को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। इसके बावजूद इंग्लैंड ने संयम बनाए रखा। 60वें मिनट में हैरी केन ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 3-1 कर दिया। इसके बाद 69वें मिनट में मेक्सिको के राउल जिमेनेज ने भी पेनल्टी पर गोल किया और अंतर घटाकर 3-2 कर दिया, लेकिन मेजबान टीम अंतिम समय तक बराबरी का गोल नहीं कर सकी।
जरेल क्वांसा अब विश्व कप इतिहास में रेड कार्ड पाने वाले इंग्लैंड के चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले 1986 में रे विल्किंस, 1998 में डेविड बेकहम और 2006 में वेन रूनी को विश्व कप में रेड कार्ड मिला था। साथ ही 2006 के बाद यह पहला अवसर है जब किसी इंग्लिश खिलाड़ी को विश्व कप मुकाबले में मैदान से बाहर भेजा गया।
मेक्सिको के लिए यह हार एक और निराशा लेकर आई। टीम 1986 के बाद से लगातार आठवीं बार प्री-क्वार्टर फाइनल की बाधा पार करने में असफल रही। वहीं नॉर्वे अब क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड से भिड़ेगा। एक ओर हालैंड जैसी शानदार फॉर्म में चल रही टीम होगी, जबकि दूसरी तरफ बेलिंगहैम और हैरी केन की अगुआई वाला इंग्लैंड। ऐसे में आगामी मुकाबले को टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक क्वार्टर फाइनल में से एक माना जा रहा है।