अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी का असर अब कीमती धातुओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों दबाव में कारोबार करते नजर आए। निवेशकों के बीच बढ़ती महंगाई की आशंका और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण बुलियन बाजार में बिकवाली बढ़ी, जिससे दोनों धातुओं के वायदा भाव नीचे आ गए।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब कच्चा तेल महंगा होता है तो वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की संभावना मजबूत होती है। ऐसे माहौल में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकते हैं। ऊंची ब्याज दरें सोने जैसी ऐसी संपत्तियों के लिए चुनौती बन जाती हैं, जिन पर कोई निश्चित ब्याज या रिटर्न नहीं मिलता। यही वजह रही कि आज के कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई।
एमसीएक्स के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना वायदा 1,517 रुपये की गिरावट के साथ 1,40,740 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी 2,157 रुपये टूटकर 2,20,871 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। कारोबार के दौरान दोनों धातुओं में दबाव बना रहा और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
हालांकि यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पिछले कारोबारी सत्र में सोना और चांदी दोनों ने मजबूत बढ़त दर्ज की थी। उस समय अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़े बाजार की उम्मीदों से कम रहे थे, जिसके बाद यह संभावना बढ़ी थी कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों पर नरम रुख अपना सकता है। इसी उम्मीद में बुलियन बाजार में खरीदारी देखने को मिली थी। लेकिन अब कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों ने बाजार की धारणा बदल दी है और निवेशक फिर से सतर्क हो गए हैं।
आर्थिक जानकारों के मुताबिक सोने को लंबे समय से महंगाई के खिलाफ सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो निवेशकों का झुकाव बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की ओर बढ़ जाता है। ऐसे में सोने की मांग कमजोर पड़ सकती है। यही कारण है कि तेल की तेजी के साथ-साथ सोने पर दबाव भी बढ़ गया।
वहीं घरेलू सर्राफा बाजार की तस्वीर एमसीएक्स से कुछ अलग दिखाई दी। खुदरा बाजार में सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी के भाव लगभग स्थिर बने रहे। बाजार के जानकारों का मानना है कि वायदा बाजार और फिजिकल मार्केट की चाल कई बार अलग-अलग कारकों से प्रभावित होती है। स्थानीय मांग, ज्वेलर्स की खरीद और टैक्स सहित अन्य कारणों से दोनों बाजारों में कीमतों का अंतर देखने को मिलता है।
सर्राफा बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव 770 रुपये बढ़कर 1,43,570 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं 22 कैरेट सोना 700 रुपये की तेजी के साथ 1,31,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। 18 कैरेट सोने की कीमत में भी 570 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई और इसका भाव 1,07,670 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। दूसरी ओर चांदी का खुदरा भाव लगभग स्थिर रहा और यह करीब 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती रही।
देश के अलग-अलग शहरों में भी सोने के दाम में मामूली अंतर देखने को मिला। दक्षिण भारत के शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल रहा। चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, सलेम, तिरुपुर और अन्य तमिलनाडु के शहरों में 24 कैरेट सोना करीब 14,378 रुपये प्रति ग्राम के आसपास दर्ज किया गया। मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, नागपुर, कोच्चि और गोवा जैसे शहरों में इसका भाव लगभग 14,357 रुपये प्रति ग्राम रहा।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और कानपुर में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 14,372 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई। वहीं अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, इंदौर और पटना जैसे शहरों में यह करीब 14,362 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। कोलकाता, भुवनेश्वर, विशाखापट्टनम और गुवाहाटी में भी कीमतें लगभग मुंबई के बराबर रहीं।
22 कैरेट सोने की बात करें तो अधिकांश शहरों में इसकी कीमत 13,160 रुपये से 13,180 रुपये प्रति ग्राम के बीच रही। दिल्ली और आसपास के शहरों में यह लगभग 13,175 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया, जबकि चेन्नई और तमिलनाडु के कई शहरों में यह 13,180 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर रहा। पश्चिमी भारत के अधिकांश शहरों में इसका भाव 13,165 रुपये प्रति ग्राम के आसपास बना रहा।
18 कैरेट सोने के रेट में भी शहरों के अनुसार हल्का अंतर देखने को मिला। दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में इसका भाव लगभग 10,782 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया। मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद और कई अन्य महानगरों में यह करीब 10,767 रुपये प्रति ग्राम रहा। अहमदाबाद, पटना और इंदौर जैसे शहरों में इसका स्तर लगभग 10,772 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत मिलते हैं तो बुलियन बाजार में दबाव बना रह सकता है। दूसरी ओर यदि महंगाई के आंकड़े नरम रहते हैं और फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों में कटौती के संकेत देता है, तो सोने और चांदी को दोबारा समर्थन मिल सकता है।
निवेशकों को फिलहाल वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति, डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की चाल पर विशेष नजर रखने की सलाह दी जा रही है। इन सभी कारकों का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ता है। इसके अलावा घरेलू स्तर पर शादी-ब्याह का सीजन, आभूषणों की मांग और रुपये की विनिमय दर भी सोने-चांदी के भाव तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल तस्वीर यही है कि वायदा बाजार में सोना और चांदी दबाव में हैं, जबकि खुदरा बाजार में सोने की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। निवेशकों के लिए यह समय जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार के रुझान पर नजर बनाए रखने का माना जा रहा है। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेतों के आधार पर कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।