पंजाब में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने चार जिलों में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। बारिश के चलते पिछले कुछ दिनों से बनी उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आने वाले समय में अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना जताई गई है। बारिश के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर उन इलाकों में जहां जलभराव की समस्या पहले से बनी रहती है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बन सकती है।
वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। मोहाली, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, मोगा और लुधियाना में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। यानी राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही और बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
बारिश के इस दौर का सीधा असर तापमान पर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश और बादल छाए रहने के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। अधिकतम तापमान सामान्य से बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन उमस के कारण लोगों को गर्मी अधिक महसूस हो रही है। बारिश होने के बाद वातावरण में नमी और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम में बदलाव के कारण अगले कुछ दिनों तक तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
शुक्रवार को भी पंजाब के कई इलाकों में बारिश देखने को मिली थी। इसके चलते राज्य के औसत तापमान में करीब 0.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि तापमान अभी सामान्य के आसपास बना हुआ है। मौसम में अचानक आए बदलाव से दिन के समय गर्मी की तीव्रता कम हुई है, जबकि बारिश के बाद कई इलाकों में मौसम सुहावना भी हुआ। शनिवार को बारिश का दायरा बढ़ने पर तापमान में और कमी आने का अनुमान है।
राज्य में शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान रूपनगर में दर्ज किया गया। यहां पारा 35.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। इसके बावजूद बारिश और बादलों के असर के कारण तापमान में पहले के मुकाबले कुछ नरमी देखने को मिली। दूसरी तरफ बठिंडा में रात का तापमान सबसे कम रहा। यहां न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान के बीच इस अंतर से भी मौसम के बदलते मिजाज का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अमृतसर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि रात में न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री रहा। शहर में बादलों और बारिश के कारण मौसम में गर्मी के बावजूद कुछ राहत महसूस की गई। आने वाले दिनों में यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो यहां दिन के तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि बारिश की मात्रा और स्थानीय मौसम की स्थिति के आधार पर अलग-अलग इलाकों में तापमान में अंतर रह सकता है।
लुधियाना में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यहां न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री रहा। औद्योगिक शहर में उमस के कारण दिन में गर्मी का असर महसूस किया गया, लेकिन बारिश के बाद मौसम में राहत की स्थिति बनी। शनिवार को भी बारिश होने की संभावना के चलते तापमान में कमी आने की उम्मीद है। लगातार बादल रहने पर धूप का असर सीमित रह सकता है।
पटियाला में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा। रात का न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पटियाला समेत आसपास के इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। बारिश होने की स्थिति में दिन के तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
पठानकोट में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री रहा। पठानकोट उन चार जिलों में शामिल है जहां शनिवार को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसलिए यहां मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। तेज गरज और बिजली चमकने के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की जरूरत होगी।
फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 26.9 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं फिरोजपुर में रात का पारा 25.7 डिग्री दर्ज किया गया। इन इलाकों में भी शनिवार को बारिश की संभावना है। यदि बारिश लंबे समय तक होती है तो तापमान में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट आ सकती है। हालांकि बारिश की तीव्रता हर स्थान पर एक जैसी रहने की उम्मीद नहीं है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को बारिश के दौरान जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज गरज-चमक के समय बिजली के खंभों, पेड़ों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा। जिन इलाकों में जलभराव की आशंका रहती है, वहां वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। लगातार बारिश होने पर सड़क पर पानी का स्तर बढ़ सकता है और दृश्यता भी प्रभावित हो सकती है।
किसानों के लिए भी मानसून की यह सक्रियता महत्वपूर्ण है। पंजाब कृषि प्रधान राज्य है और बारिश का सीधा संबंध खेती-किसानी से है। पर्याप्त बारिश से फसलों को फायदा मिल सकता है, लेकिन बहुत अधिक पानी होने पर खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है। इसलिए जिन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है, वहां किसानों को मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत होगी। खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था होने से अत्यधिक बारिश के नुकसान को कम किया जा सकता है।
पंजाब में पिछले कुछ समय से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी तेज धूप और उमस बढ़ जाती है तो कभी बादल और बारिश से तापमान नीचे आ जाता है। मानसून के सक्रिय होने के कारण यह बदलाव आगे भी जारी रहने की संभावना है। शनिवार को चार जिलों में भारी बारिश और बाकी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान इसी सक्रिय मानसूनी स्थिति का हिस्सा है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले समय में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। इसका असर खासकर दिन के समय महसूस होगा। बारिश के कारण अधिकतम तापमान कम होने के साथ ही वातावरण में गर्मी की तीव्रता घट सकती है। हालांकि बारिश रुकने के बाद उमस दोबारा बढ़ सकती है, इसलिए पूरी तरह ठंडे मौसम की उम्मीद अभी नहीं की जा सकती।
कुल मिलाकर शनिवार को पंजाब में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश का खतरा ज्यादा है, जबकि अन्य जिलों में भी बादल और बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। राज्य में शुक्रवार को तापमान में गिरावट दर्ज होने के बाद अब शनिवार को इसके और नीचे जाने की संभावना है। ऐसे में मानसून की बारिश जहां गर्मी और उमस से राहत देगी, वहीं लोगों को तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान सावधानी भी बरतनी होगी। मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार यात्रा और बाहरी गतिविधियों की योजना बनाना बेहतर रहेगा।