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The Scoopp

 

ममदोट में गोलियों की गूंज से मचा हड़कंप, कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिंह की मौत; चुनावी रंजिश में हमले का शक

पंजाब के ममदोट में शनिवार देर शाम हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी। बाजार के बीच हुई इस वारदात में कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना उस समय हुई जब हमलावरों ने पहले कार में सवार लोगों को निशाना बनाया और इसके बाद बाइक पर जा रहे दो युवकों पर भी गोलियां चला दीं। वारदात के बाद बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में इस हमले के पीछे चुनावी रंजिश की आशंका सामने आई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि वारदात में शामिल संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस थाने से कुछ ही दूरी पर हुई गोलीबारी

ममदोट में हुई इस घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फायरिंग पुलिस थाने से महज करीब 250 मीटर की दूरी पर हुई। शनिवार शाम बाजार में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं, तभी अचानक गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक कार में नगर पंचायत प्रधान विक्की मैनी के कुछ साथी मौजूद थे। इसी दौरान हथियारों से लैस हमलावर वहां पहुंचे और कार की तरफ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

बताया जा रहा है कि हमलावरों ने कार को निशाना बनाकर कई राउंड फायर किए। इसके बाद उन्होंने बाइक पर जा रहे दो युवकों पर भी गोलियां चला दीं। कुछ ही पलों में हमलावर मौके से निकल गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को संभाला और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की कोशिश शुरू की।

बाइक सवार युवकों पर भी बरसाईं गोलियां

इस हमले में बाइक पर सवार गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और हरप्रीत सिंह भी चपेट में आ गए। दोनों को गोली लगने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। फायरिंग के दौरान कार में मौजूद एक अन्य युवक के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

घटना के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की हालत की जांच करने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि उनकी अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी।

वहीं, हरप्रीत सिंह सहित दो अन्य घायल युवकों का उपचार किया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावरों ने किसे मुख्य निशाना बनाया था और फायरिंग के दौरान कितने राउंड गोलियां चलाई गईं।

बाजार में मची अफरा-तफरी

शनिवार शाम का समय होने के कारण ममदोट के बाजार में लोगों की आवाजाही थी। इसी दौरान अचानक हुई गोलीबारी ने वहां मौजूद लोगों को सकते में डाल दिया। गोलियों की आवाज सुनते ही दुकानदारों और राहगीरों में डर फैल गया।

लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए दुकानों और आसपास की इमारतों में शरण ली। कुछ देर के लिए बाजार का माहौल पूरी तरह बदल गया। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई। इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमलावर किस वाहन से पहुंचे थे और वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए।

चुनावी रंजिश को माना जा रहा है वजह

फाजिल्का जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एसएसपी भूपेंद्र सिंह सिद्धू के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला चुनावी रंजिश से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पूरी तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगी।

एसएसपी ने बताया कि फायरिंग में कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की मौत हुई है। इसके अलावा हरप्रीत सिंह समेत दो अन्य युवक घायल हुए हैं। पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

अधिकारी के अनुसार, पुलिस को हमलावरों के बारे में अहम जानकारी मिल चुकी है और उनकी पहचान भी की जा चुकी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मृतक को गैंगस्टर से संबंध होने की भी चर्चा

फायरिंग में मारे गए गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को लेकर एक और बात जांच का हिस्सा बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, उसे गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों का साथी भी बताया जाता रहा है। हालांकि, इस संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस जांच का विषय है।

पुलिस इस एंगल को भी खंगाल रही है कि क्या पुरानी आपराधिक गतिविधियों, किसी आपसी विवाद या अन्य रंजिश का इस हमले से कोई संबंध है। इसके साथ ही चुनावी विवाद की दिशा में भी जांच की जा रही है।

जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि हमलावरों और मृतक के बीच पहले से कोई विवाद था या नहीं। पुलिस वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटाकर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

ममदोट बाजार में हुई गोलीबारी की जांच के दौरान पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल सकती है। चूंकि घटना सार्वजनिक स्थान और पुलिस थाने के नजदीक हुई है, इसलिए आसपास के प्रतिष्ठानों और दुकानों में लगे कैमरों से हमलावरों की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

पुलिस यह भी जांच करेगी कि हमलावर कितने लोग थे, उनके पास किस तरह के हथियार थे और वे किस रास्ते से घटनास्थल तक पहुंचे। इसके अलावा वारदात के बाद उनके भागने की दिशा का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

जांच टीम घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों को भी एकत्र कर रही है। फायरिंग में इस्तेमाल हथियार और गोलियों से संबंधित साक्ष्य आगे की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

कई सवालों के जवाब तलाश रही जांच एजेंसी

इस वारदात के बाद पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हमलावरों ने वास्तव में किस व्यक्ति को निशाना बनाकर हमला किया था। क्या कार में बैठे लोग उनका मुख्य टारगेट थे या बाइक सवार युवकों को पहले से निशाना बनाया गया था, इसकी भी जांच की जा रही है।

इसके अलावा पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और हमलावरों के बीच पहले से कोई विवाद चल रहा था या नहीं। चुनावी रंजिश की बात सामने आने के बाद इससे जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।

पुलिस यह भी जांच रही है कि वारदात की पहले से योजना बनाई गई थी या हमला अचानक किसी विवाद के बाद हुआ। हमलावरों की पहचान होने के बाद पूछताछ से इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई

घटना के बाद ममदोट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस सतर्क हो गई है। वारदात के बाद इलाके में पुलिस की गतिविधियां बढ़ाई गईं और संदिग्धों की तलाश में संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।

स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर लोगों में चिंता का माहौल है। बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में पुलिस थाने के नजदीक गोलीबारी होने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के पीछे की पूरी वजह सामने लाने पर है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जल्द गिरफ्तारी का पुलिस का दावा

एसएसपी भूपेंद्र सिंह सिद्धू ने स्पष्ट किया है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुलिस के सामने अब इस गोलीकांड की कड़ियों को जोड़ने की चुनौती है। एक तरफ मृतक गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी से जुड़े संभावित विवादों की जांच की जा रही है, वहीं दूसरी ओर घायल लोगों और घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।

ममदोट की इस घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है। फिलहाल पुलिस जांच पूरी होने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इस खूनी वारदात की वास्तविक वजह क्या थी और हमले के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।