लखनऊ से सऊदी अरब के दम्माम के लिए रवाना हुई इंडिगो की एक इंटरनेशनल फ्लाइट को गुरुवार शाम अहमदाबाद में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान विमान के टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर मिलने के बाद सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया। इस टिश्यू पर अंग्रेजी में सिर्फ ‘बम’ लिखा हुआ था। लिखे हुए इस एक शब्द ने विमान के अंदर मौजूद क्रू मेंबर्स को सतर्क कर दिया और मामले की जानकारी तुरंत पायलट तथा संबंधित सुरक्षा अधिकारियों तक पहुंचाई गई।
फ्लाइट में कुल 133 यात्री यात्रा कर रहे थे। स्थिति को देखते हुए विमान को उसके निर्धारित गंतव्य दम्माम ले जाने के बजाय अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला लिया गया। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों को एक-एक करके बाहर निकाला गया और उन्हें एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 में ले जाया गया।
घटना के बाद विमान को सामान्य पार्किंग क्षेत्र में रखने के बजाय आइसोलेशन एरिया में ले जाया गया। यहां सुरक्षा एजेंसियों ने तय प्रोटोकॉल के तहत विमान की विस्तृत जांच शुरू की। विमान के केबिन से लेकर सीटों, कार्गो और यात्रियों के सामान तक की जांच की गई। शुरुआती जांच में विमान के भीतर कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है।
लखनऊ से उड़ान भरने के कुछ समय बाद मिला संदेश
जानकारी के मुताबिक इंडिगो की यह फ्लाइट गुरुवार शाम लखनऊ से रवाना हुई थी। विमान ने करीब 4:17 बजे उड़ान भरी। उड़ान के दौरान क्रू मेंबर की नजर टॉयलेट में पड़े एक टिश्यू पेपर पर गई। सामान्य तौर पर विमान के टॉयलेट में पड़े किसी कागज को सुरक्षा खतरे से जोड़ना जरूरी नहीं होता, लेकिन इस मामले में टिश्यू पर अंग्रेजी में ‘बम’ शब्द लिखा था।
ऐसे मामलों में किसी भी तरह की धमकी को हल्के में नहीं लिया जाता। क्रू मेंबर ने मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। इसके बाद विमान के पायलट ने सुरक्षा प्रक्रिया के तहत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और विमान को सुरक्षित एयरपोर्ट पर उतारने की तैयारी शुरू की गई।
अहमदाबाद एयरपोर्ट को इसकी जानकारी मिलने के बाद जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए। विमान के वहां पहुंचने से पहले संबंधित एजेंसियों को अलर्ट किया गया, ताकि लैंडिंग के तुरंत बाद जांच शुरू की जा सके।
शाम को अहमदाबाद में हुई सुरक्षित लैंडिंग
विमान को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार फ्लाइट करीब 5:43 बजे अहमदाबाद पहुंची। इसके बाद विमान को अलग स्थान यानी आइसोलेशन एरिया में ले जाया गया।
सुरक्षा प्रक्रिया के तहत यात्रियों को विमान से बाहर निकाला गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से टर्मिनल-2 में पहुंचाया गया। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने विमान को अपने नियंत्रण में लेकर उसकी तलाशी शुरू की।
जांच का दायरा केवल उस टॉयलेट तक सीमित नहीं रहा, जहां धमकी वाला टिश्यू मिला था। सुरक्षा टीमों ने विमान के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। सीटों, केबिन, कार्गो सेक्शन और यात्रियों के सामान को भी चेक किया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विमान में कहीं कोई संदिग्ध वस्तु, पैकेट या विस्फोटक सामग्री तो मौजूद नहीं है।
शुरुआती जांच में नहीं मिला कोई विस्फोटक
सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में विमान के अंदर से किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, बम की धमकी से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह संतुष्ट होने तक जांच जारी रखती हैं।
विमान में मौजूद 133 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। किसी यात्री के घायल होने की जानकारी नहीं है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को सुरक्षा के नजरिए से देखा जा रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि टॉयलेट में ‘बम’ लिखे टिश्यू को किसने रखा था और इसका उद्देश्य क्या था।
धमकी वास्तविक थी या किसी व्यक्ति की शरारत, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। विमान में विस्फोटक नहीं मिलने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह जानना अहम है कि धमकी वाला संदेश वहां तक कैसे पहुंचा।
क्यों अहमदाबाद में कराई गई लैंडिंग?
जब किसी विमान में बम या किसी अन्य सुरक्षा खतरे की सूचना मिलती है, तो पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच तत्काल समन्वय किया जाता है। विमान को ऐसे एयरपोर्ट पर उतारना प्राथमिकता होती है जहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित जांच एजेंसियां मौजूद हों।
इस मामले में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर विमान को उतारने का निर्णय इसी सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा था। विमान को सीधे सामान्य पार्किंग बे में नहीं ले जाया गया, बल्कि अलग आइसोलेशन एरिया में खड़ा किया गया। इस क्षेत्र का इस्तेमाल ऐसे मामलों में किया जाता है, जहां विमान की सुरक्षा जांच करनी होती है और उसे अन्य विमानों तथा सामान्य एयरपोर्ट गतिविधियों से अलग रखना जरूरी होता है।
इस व्यवस्था से सुरक्षा एजेंसियों को विमान की तलाशी के दौरान नियंत्रित वातावरण मिलता है। साथ ही यात्रियों और एयरपोर्ट पर मौजूद अन्य लोगों को संभावित खतरे से दूर रखा जा सकता है।
बम की धमकी मिलने पर क्या होता है सुरक्षा प्रोटोकॉल?
विमान में बम की धमकी या किसी संदिग्ध वस्तु की जानकारी मिलने के बाद कई स्तरों पर सुरक्षा प्रक्रिया लागू की जाती है। सबसे पहले फ्लाइट क्रू मामले को गंभीरता से लेते हुए पायलट को जानकारी देता है। पायलट इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क करता है और आवश्यकता पड़ने पर इमरजेंसी घोषित की जाती है।
इसके बाद विमान को ऐसे एयरपोर्ट की ओर मोड़ा जा सकता है जहां सुरक्षा एजेंसियां तत्काल उपलब्ध हों। लैंडिंग के बाद विमान को आमतौर पर अलग आइसोलेशन-बे में ले जाया जाता है।
यात्रियों को विमान से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाता है। इसके बाद बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियां विमान की तलाशी शुरू करती हैं। जांच में विमान के केबिन, सीटों, टॉयलेट, ओवरहेड बिन, कार्गो और अन्य संभावित स्थानों को देखा जाता है।
जरूरत पड़ने पर यात्रियों के सामान की भी जांच की जाती है। सुरक्षा टीमों का मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि विमान में कोई विस्फोटक या संदिग्ध उपकरण मौजूद नहीं है।
जब जांच पूरी हो जाती है और विमान को सुरक्षा की दृष्टि से क्लियर कर दिया जाता है, तभी आगे की कार्रवाई तय की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
हाल में अहमदाबाद में सामने आया था ऐसा ही मामला
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इस तरह की घटना इससे पहले भी सामने आ चुकी है। 31 अगस्त को सऊदी अरब के दम्माम से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट को भी बम की धमकी मिलने के बाद अहमदाबाद में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी।
उस घटना के बाद भी विमान को अलग क्षेत्र में ले जाकर सुरक्षा जांच की गई थी। अब कुछ ही दिनों के अंतराल में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एक और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट को धमकी के चलते उतारे जाने से एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था फिर चर्चा में आ गई है।
हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। मौजूदा मामले में जांच एजेंसियां इस बात पर ध्यान दे रही हैं कि इंडिगो की फ्लाइट के टॉयलेट में मिला संदेश किसने लिखा और वहां कैसे छोड़ा गया।
यात्रियों के बीच बढ़ी चिंता, लेकिन सभी सुरक्षित
अचानक विमान का रास्ता बदलकर दूसरे एयरपोर्ट पर उतरना यात्रियों के लिए चिंता का कारण बन सकता है। खासकर तब, जब उन्हें पता चले कि विमान को सुरक्षा कारणों से इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है। इस मामले में भी 133 यात्रियों को विमान से बाहर निकालकर सुरक्षित टर्मिनल में पहुंचाया गया।
सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में कोई विस्फोटक नहीं मिलने से फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि विमान में किसी तरह की खतरनाक सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद धमकी वाले संदेश की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी है।
पूरे घटनाक्रम में एक टिश्यू पेपर पर लिखा गया ‘बम’ शब्द ही सुरक्षा अलर्ट की वजह बना। विमान में किसी संदिग्ध वस्तु के नहीं मिलने के बाद अब जांच का फोकस धमकी की उत्पत्ति और उसके पीछे की मंशा पर है।
आगे क्या होगा?
अब संबंधित सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच आगे बढ़ाएंगी। यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि टिश्यू पेपर विमान के टॉयलेट में किस समय रखा गया और उसे किस व्यक्ति ने वहां छोड़ा। इसके लिए विमान के यात्रियों और क्रू से पूछताछ के साथ-साथ उपलब्ध सुरक्षा जानकारी की भी जांच की जा सकती है।
सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही विमान को आगे की उड़ान के लिए अनुमति दी जाएगी। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लखनऊ से दम्माम जा रही इस फ्लाइट को समय रहते सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत अहमदाबाद उतार लिया गया और विमान में सवार सभी 133 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
एक छोटे से लिखित संदेश को लेकर शुरू हुई इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर यह दिखाया कि विमानन सुरक्षा में किसी भी धमकी को मामूली मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाता। चाहे जांच के दौरान कोई विस्फोटक मिले या नहीं, ऐसी सूचना मिलने पर तय सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है, ताकि किसी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।