पंजाबी गायक और गीतकार गुलाब सिद्धू के बरनाला स्थित घर पर हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस ने करीब 10 दिन बाद बड़ी कार्रवाई की है। बरनाला पुलिस, संगरूर पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने इस केस में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जिन्हें पुलिस ने फायरिंग की वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य शूटर बताया है। दोनों को मंगलवार सुबह पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया।
पुलिस के मुताबिक, 12 और 13 सितंबर की दरम्यानी रात गुलाब सिद्धू के फरवाही गांव स्थित घर के बाहर बाइक सवार तीन नकाबपोश युवकों ने कई राउंड गोलियां चलाई थीं। घटना के समय घर में परिवार के सदस्य मौजूद थे, हालांकि गोलीबारी में किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी। हमलावरों की गोलियां घर के मुख्य गेट पर लगी थीं। घटनास्थल से पुलिस ने खाली कारतूस भी बरामद किए थे।
पुलिस ने ऐसे पकड़े दोनों मुख्य शूटर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मंगलवार सुबह संदिग्ध आरोपियों के बारे में सूचना मिलने के बाद बरनाला-मानसा रोड पर टीमों को सक्रिय किया गया। पुलिस को शक था कि फायरिंग की वारदात में शामिल कुछ आरोपी इसी इलाके में मौजूद हैं। इसके बाद एक बाइक पर सवार संदिग्धों को रोकने की कोशिश की गई।
पुलिस का दावा है कि संदिग्धों ने रुकने के बजाय लिंक रोड की तरफ जाने का प्रयास किया। इसी दौरान बाइक पर पीछे बैठे व्यक्ति ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। इस दौरान बाइक सवार दोनों आरोपी घायल हो गए और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान गुरविंदर सिंह और गुरप्यार सिंह के रूप में हुई है। दोनों संगरूर जिले के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में गुरविंदर के पैर में गोली लगी, जबकि गुरप्यार बाइक से गिरने के कारण घायल हुआ और उसकी टांग में चोट आई। दोनों को इलाज के लिए बरनाला सिविल अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गुरविंदर सिंह पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसकी पिछली आपराधिक गतिविधियों और गुलाब सिद्धू के घर हुई फायरिंग के बीच कोई संबंध है या नहीं।
चार अन्य लोगों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी
इस मामले में केवल दो कथित शूटर ही नहीं, बल्कि वारदात में सहयोग करने वाले चार अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक इनकी पहचान गुरविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रमनप्रीत सिंह और गौरव शर्मा के तौर पर हुई है। इन्हें अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया था।
जांच में पुलिस इस बात को भी खंगाल रही है कि इन आरोपियों ने मुख्य हमलावरों की किस तरह मदद की। अधिकारियों के अनुसार, कुछ आरोपियों पर वारदात के लिए वाहन उपलब्ध कराने और अन्य लॉजिस्टिक मदद देने का आरोप है। इसके साथ ही सोशल मीडिया से जुड़ी गतिविधियों और आरोपियों के आपसी संपर्क की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि घटना केवल गोली चलाने वाले लोगों तक सीमित नहीं हो सकती। इसी वजह से जांच का दायरा बढ़ाकर उन लोगों तक किया जा रहा है, जिन्होंने कथित तौर पर पूरी वारदात की तैयारी में किसी न किसी रूप में सहयोग किया।
घर के बाहर रात में हुई थी फायरिंग
गुलाब सिद्धू के फरवाही स्थित घर पर फायरिंग की घटना 12-13 सितंबर की रात करीब 1:30 बजे के आसपास हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक बाइक पर तीन नकाबपोश लोग पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों की गतिविधियां कैद हुई थीं। हमलावरों ने घर के मुख्य गेट की तरफ कई गोलियां चलाईं और इसके बाद मौके से फरार हो गए।
इस घटना में घर के किसी सदस्य को चोट नहीं आई थी। पुलिस ने मौके से कारतूसों के खोल बरामद किए और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की दिशा में जांच शुरू की थी। शुरुआती दौर में पुलिस ने आसपास के इलाकों में मौजूद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारी जुटाने पर भी काम किया।
गुलाब सिद्धू उस समय भारत में नहीं थे। रिपोर्टों के अनुसार वह ऑस्ट्रेलिया में थे। उनके परिवार के सदस्य घर पर मौजूद थे और गोलीबारी के बावजूद सभी सुरक्षित रहे।
हथियार और वाहन भी जांच के घेरे में
छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कई हथियार और वाहन बरामद करने का दावा किया है। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों से तीन पिस्तौल, मैगजीन, 10 जिंदा कारतूस, पांच खाली कारतूस, एक अर्टिगा कार और दो बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाली मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं।
पुलिस अब इन हथियारों को फायरिंग की घटना से जोड़कर जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घर पर गोलियां चलाने के लिए इनमें से किन हथियारों का इस्तेमाल हुआ था। साथ ही बरामद वाहनों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के दौरान कौन-सा वाहन इस्तेमाल किया गया था।
जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और आपसी संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह समझने का प्रयास कर रही है कि वारदात से पहले आरोपियों के बीच किस तरह की बातचीत हुई और उन्हें कथित तौर पर किससे निर्देश या मदद मिल रही थी।
विदेश में बैठे आपराधिक नेटवर्क से कनेक्शन की जांच
पुलिस की शुरुआती जांच में इस मामले के तार कथित तौर पर विदेश में बैठे आपराधिक तत्वों और जबरन वसूली से जुड़े नेटवर्क से जुड़ने की बात सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के विदेशी संपर्कों की भी जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस कनेक्शन से संबंधित सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैं।
पुलिस के अनुसार, फायरिंग के पीछे कथित तौर पर वसूली से जुड़ा उद्देश्य हो सकता है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।
मामले में सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप भी सामने आई थी, जिसमें एक व्यक्ति ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। हालांकि पुलिस ने उस ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है और इसकी जांच किए जाने की बात कही थी।
पुलिस को तीसरे शूटर की भी तलाश
पुलिस के सामने अब अगली चुनौती उस तीसरे व्यक्ति तक पहुंचने की है, जो कथित तौर पर फायरिंग के समय बाइक पर मौजूद था। हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार, पुलिस तीसरे शूटर की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास कर रही है।
जांच एजेंसियां गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के जरिए तीसरे हमलावर और अन्य संभावित सहयोगियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात की योजना कब बनाई गई थी, आरोपियों ने गुलाब सिद्धू के घर की रेकी कैसे की और उन्हें घर की गतिविधियों की जानकारी किस माध्यम से मिली।
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने ऐसे लोगों को भी जांच के दायरे में लिया है जिन्होंने कथित तौर पर घर की रेकी की थी। इससे यह संकेत मिलता है कि जांच केवल फायरिंग करने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी साजिश और उसके पीछे मौजूद नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पहले से धमकियों का भी रिकॉर्ड
गुलाब सिद्धू को इससे पहले भी कथित तौर पर धमकियां मिलने की बात सामने आई थी। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के बाद उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ाई गई थी और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी।
गुलाब सिद्धू का नाम दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के साथ उनकी करीबी के कारण भी चर्चा में रहा है। हालांकि वर्तमान फायरिंग मामले में पुलिस अलग-अलग संभावित कारणों और आपराधिक नेटवर्क के कनेक्शन की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए दावों को पुलिस ने अभी अंतिम तथ्य के तौर पर स्वीकार नहीं किया है।
आगे की जांच में सामने आएगी पूरी तस्वीर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान फायरिंग के पीछे की पूरी योजना, हथियारों की व्यवस्था, वाहन की भूमिका और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाएगी। आरोपियों के रिमांड के दौरान जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है।
फिलहाल छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और दो मुख्य संदिग्ध शूटर पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़े गए हैं। पुलिस की जांच में कथित विदेशी आपराधिक संपर्क, जबरन वसूली और वारदात में सहयोग करने वाले लोगों की भूमिका जैसे पहलू शामिल हैं। तीसरे कथित शूटर समेत अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।
इस मामले में पुलिस ने अभी तक सामने आए सभी दावों को अंतिम निष्कर्ष के रूप में पेश नहीं किया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद हथियारों तथा वाहनों की जांच पूरी होने के बाद फायरिंग की वजह और पूरे नेटवर्क की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है।