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पंजाब में सत्ता बदली तो योजनाओं पर नहीं लगेगा ब्रेक? नायब सैनी बोले- सुविधाएं बंद नहीं, जरूरतमंदों तक और पहुंचाएंगे

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। आम आदमी पार्टी और विपक्षी दलों के बीच जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चल रहा है। इसी बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के लोगों को लेकर योजनाओं के भविष्य पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है तो मौजूदा जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि जरूरत के मुताबिक उनका दायरा बढ़ाया जाएगा।

सैनी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी लगातार यह मुद्दा उठा रही है कि विपक्ष के सत्ता में आने की स्थिति में मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल में विपक्ष पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि सत्ता परिवर्तन होने पर कई मौजूदा सुविधाएं बंद हो सकती हैं।

सुनाम में भाजपा नेता के घर पहुंचे सैनी

रविवार रात हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सुनाम पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष दामन बाजवा के निवास स्थान पर मुलाकात की। इसी दौरान बातचीत में उन्होंने पंजाब में भाजपा के सत्ता में आने की स्थिति में सरकारी योजनाओं को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया।

सैनी ने कहा कि लोगों को यह आशंका रखने की जरूरत नहीं है कि सरकार बदलने पर उन्हें मिलने वाली सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी। उनके मुताबिक भाजपा की सरकार बनने पर योजनाओं को समाप्त करने के बजाय उनके लाभ को अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।

उनका यह बयान सीधे तौर पर पंजाब में चल रही उस राजनीतिक बहस से जुड़ा है जिसमें मौजूदा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को चुनावी मुद्दा बनाया जा रहा है। आम आदमी पार्टी जहां अपनी सरकार की योजनाओं को उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है, वहीं भाजपा और अन्य विपक्षी दल सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं।

सैनी ने कहा- लोगों को भ्रमित किया जा रहा है

नायब सिंह सैनी ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि वह योजनाओं को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रही है। उनके मुताबिक यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि भाजपा के सत्ता में आने पर आम लोगों को मिलने वाली सुविधाएं वापस ले ली जाएंगी।

सैनी ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं को रोकने के बजाय उनका विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लाभ उन लोगों तक पहुंचाना होना चाहिए जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है।

पंजाब की राजनीति में कल्याणकारी योजनाएं इस समय महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी हाल में विपक्ष पर हमला करते हुए कहा था कि सत्ता में लौटने पर विपक्ष मुफ्त बिजली, महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा और महिलाओं के लिए घोषित 1,000 रुपये की सम्मान राशि जैसी योजनाओं को रोक सकता है।

ऐसे माहौल में सैनी का बयान भाजपा की ओर से मतदाताओं को दिया गया राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। हालांकि योजनाओं के विस्तार की बात फिलहाल सैनी के बयान और भाजपा के राजनीतिक दावे के रूप में सामने आई है।

आप सरकार के कामकाज पर भी निशाना

योजनाओं के मुद्दे के साथ नायब सैनी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का जोर जमीन पर काम करने के बजाय प्रचार और विज्ञापनों पर अधिक रहा है।

सैनी ने दावा किया कि पंजाब में विकास के मोर्चे पर अपेक्षित काम नहीं हुआ है। उन्होंने आम आदमी पार्टी द्वारा चुनाव से पहले किए गए पुराने वादों का भी जिक्र किया और कहा कि जिन घोषणाओं को लेकर जनता से वादे किए गए थे, उनके पूरा होने पर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये देने के वादे को भी अपने हमले का हिस्सा बनाया। सैनी के अनुसार, अपनी सरकार के कामकाज और अधूरे वादों से ध्यान हटाने के लिए आप की ओर से भाजपा को लेकर योजनाएं बंद करने का डर दिखाया जा रहा है।

यह आरोप भाजपा के राजनीतिक रुख का हिस्सा है। दूसरी ओर आम आदमी पार्टी अपने शासनकाल में शुरू या लागू की गई जनकल्याणकारी सुविधाओं को अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के तौर पर सामने रख रही है। इसलिए योजनाओं का मुद्दा पंजाब में आने वाले चुनावी विमर्श का अहम हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।

हरियाणा मॉडल का भी दिया उदाहरण

नायब सिंह सैनी ने पंजाब के संदर्भ में हरियाणा में भाजपा सरकार की नीतियों का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में सरकार बनने के बाद लाभकारी योजनाओं और सरकारी सहायता को सीधे लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।

उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में महिलाओं के लिए सरकार ने शुरुआती दौर में ही बड़ा बजटीय प्रावधान किया था। सैनी के मुताबिक सरकार बनने के तुरंत बाद पहली कैबिनेट बैठक में महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया और मासिक आर्थिक सहायता की शुरुआत की गई।

सैनी ने कहा कि इसी प्रकार की सोच को पंजाब में भी लागू किया जा सकता है। उनके अनुसार, सरकारी योजनाओं का लाभ किसी राजनीतिक भेदभाव के आधार पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर लोगों तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की सरकार बनने की स्थिति में पंजाब में कल्याणकारी योजनाओं को लेकर निरंतरता बनाए रखी जाएगी। उनका जोर इस बात पर रहा कि पहले से मिलने वाली सुविधाओं को रोकने के बजाय अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा।

पंजाब में तेज हो रही चुनावी बयानबाजी

पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा लगातार राज्य में अपना संगठन मजबूत करने और सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान को धार देने में जुटी है। नायब सैनी भी पिछले कुछ समय से पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में पार्टी के कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे हैं।

हरियाणा सरकार की ओर से जारी हालिया बयानों में भी सैनी पंजाब के विकास, रोजगार और नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साध चुके हैं। सितंबर में उन्होंने पंजाब में नशामुक्ति अभियान से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हुए युवाओं के रोजगार और नशे के मुद्दे उठाए थे।

भाजपा की ओर से पंजाब में नशे, रोजगार, विकास और सरकारी योजनाओं को लगातार राजनीतिक मुद्दों के रूप में उठाया जा रहा है। 26 सितंबर को भी सैनी ने पंजाब में भाजपा की सरकार बनाने और राज्य को मजबूत एवं विकसित प्रदेश बनाने की बात कही थी।

योजनाओं पर आमने-सामने हैं भाजपा और आप

पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भाजपा और आप के बीच अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। आम आदमी पार्टी सरकार अपनी योजनाओं और सुविधाओं को जनता के बीच अपनी उपलब्धियों के रूप में पेश कर रही है। वहीं भाजपा का कहना है कि वह सत्ता में आती है तो मौजूदा लाभकारी योजनाओं को खत्म करने के बजाय उन्हें आगे बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री नायब सैनी का ताजा बयान इसी राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भाजपा की सरकार आने पर योजनाओं पर रोक नहीं लगेगी। उनके मुताबिक सरकार का प्रयास योजनाओं को अधिक व्यापक बनाना और उनके लाभ को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना होगा।

इस बयान का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि पंजाब में महिलाओं और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक पक्ष अपना-अपना संदेश जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं। एक ओर आप मौजूदा योजनाओं को जारी रखने की बात कर रही है, तो दूसरी ओर भाजपा यह भरोसा देने की कोशिश कर रही है कि सत्ता परिवर्तन की स्थिति में लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं पर कोई संकट नहीं आएगा।

फिलहाल पंजाब की राजनीति में यह बहस आगे किस रूप में जाती है, यह आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के घोषणापत्र, चुनावी वादों और सार्वजनिक अभियानों से और स्पष्ट होगा। नायब सिंह सैनी का ताजा बयान हालांकि इतना साफ संकेत देता है कि भाजपा पंजाब में कल्याणकारी योजनाओं के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के आरोपों का जवाब देने की रणनीति अपना रही है।