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इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए पीएम मोदी, वैश्विक नागरिक पुरस्कारों का आंकड़ा 35 तक पहुंचा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। इंडोनेशिया सरकार ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किया है। इस सम्मान के साथ प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न देशों द्वारा दिए गए अंतरराष्ट्रीय नागरिक सम्मानों की कुल संख्या 35 हो गई है। पिछले कुछ वर्षों में एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के कई देशों ने भारत के प्रधानमंत्री को अपने सर्वोच्च या प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा है। इंडोनेशिया का यह सम्मान भी उन्हीं महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

इंडोनेशिया का ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ सम्मान वहां के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक अलंकरणों में गिना जाता है। इसे अक्सर ‘मेडल ऑफ ऑनर’ के नाम से भी जाना जाता है। यह सम्मान उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने इंडोनेशिया गणराज्य की एकता, स्थिरता, समृद्धि और राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। किसी विदेशी नेता को यह सम्मान मिलना दोनों देशों के मजबूत संबंधों और आपसी विश्वास का प्रतीक माना जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान ऐसे समय में मिला है जब भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक, आर्थिक और समुद्री सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदार माने जाते हैं और व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक तथा समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। ऐसे में इंडोनेशिया द्वारा दिया गया यह सर्वोच्च सम्मान द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।

साल 2016 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न देशों की ओर से लगातार प्रतिष्ठित नागरिक और राजकीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। इन सम्मानों की संख्या अब बढ़कर 35 हो चुकी है। यह उपलब्धि किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को मिले विदेशी नागरिक सम्मानों की तुलना में सबसे अधिक बताई जा रही है। अलग-अलग महाद्वीपों के देशों ने भारत के साथ अपने रिश्तों को मजबूत बनाने और वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को देखते हुए उन्हें इन अलंकरणों से सम्मानित किया है।

हाल के दिनों में अफ्रीकी देश सेशेल्स ने भी प्रधानमंत्री मोदी को अपने प्रमुख राष्ट्रीय सम्मानों में शामिल ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया था। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग और जलवायु परिवर्तन से जुड़े वैश्विक प्रयासों में नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया। सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बताया, बल्कि जलवायु संरक्षण और टिकाऊ विकास के लिए कार्य कर रहे सभी देशों और लोगों को समर्पित किया।

भूटान ने भी प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ से सम्मानित किया था। इस सम्मान के साथ वह ऐसे पहले विदेशी शासनाध्यक्ष बने जिन्हें भूटान का यह सर्वोच्च अलंकरण प्राप्त हुआ। भारत और भूटान के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने और विकास साझेदारी को नई दिशा देने में उनके योगदान को इस सम्मान के पीछे महत्वपूर्ण कारण माना गया।

अफ्रीकी देश नाइजीरिया ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर’ से सम्मानित किया। यह नाइजीरिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है। जानकारी के अनुसार, ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बाद प्रधानमंत्री मोदी ऐसे दूसरे विदेशी नेता बने जिन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। इसे भारत और नाइजीरिया के बढ़ते रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों की मान्यता के रूप में देखा गया।

पश्चिम एशिया में भी प्रधानमंत्री मोदी को विशेष सम्मान प्राप्त हुए हैं। इजरायल ने उन्हें ‘मेडल ऑफ द नेसेट’ प्रदान किया। इस सम्मान को प्राप्त करने वाले वह पहले व्यक्ति बने। भारत और इजरायल के बीच रक्षा, कृषि, तकनीक और नवाचार के क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग को इस सम्मान का प्रमुख आधार माना गया।

मिस्र ने भी प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च राजकीय अलंकरण ‘ऑर्डर ऑफ द नाइल’ से सम्मानित किया। यह सम्मान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने उन्हें प्रदान किया। दोनों देशों के बीच राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना करते हुए यह सम्मान दिया गया था।

अमेरिका ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को देखते हुए उन्हें ‘लीजन ऑफ मेरिट’ सम्मान से नवाजा। यह सम्मान तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रदान किया गया था। रक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी और दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच बढ़ते संबंधों को इस सम्मान का आधार माना गया।

रूस ने भी प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च राजकीय सम्मानों में शामिल ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित किया। यह सम्मान भारत और रूस के बीच दशकों पुराने रणनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने तथा रक्षा, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने में उनके योगदान की मान्यता के रूप में दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की सूची केवल कुछ देशों तक सीमित नहीं है। पिछले एक दशक के दौरान अनेक देशों ने भारत की वैश्विक भूमिका, कूटनीतिक सक्रियता, आर्थिक सहयोग, विकास साझेदारी और मानवीय पहल की सराहना करते हुए उन्हें अपने प्रतिष्ठित नागरिक अलंकरणों से सम्मानित किया है। इन सम्मानों को भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और विभिन्न देशों के साथ मजबूत होते रिश्तों के संकेत के रूप में भी देखा जाता है।

इनमें से कई सम्मान ऐसे हैं जिनका इतिहास कई दशकों या सदियों पुराना है। दुनिया के अनेक प्रसिद्ध नेताओं और राष्ट्राध्यक्षों को भी समय-समय पर इन्हीं प्रतिष्ठित अलंकरणों से सम्मानित किया जा चुका है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, दक्षिण अफ्रीका के महान नेता नेल्सन मंडेला, ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल जैसी अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को भी अलग-अलग देशों के ऐसे सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी उन वैश्विक नेताओं की सूची में शामिल हो गया है जिन्हें विभिन्न देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक या राजकीय सम्मानों से सम्मानित किया है।

इंडोनेशिया से मिला ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ सम्मान प्रधानमंत्री मोदी के अंतरराष्ट्रीय सम्मान सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इसके साथ ही विदेशी सरकारों द्वारा दिए गए उनके नागरिक सम्मानों का आंकड़ा 35 तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, विभिन्न देशों के साथ मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी को भी दर्शाती है।