अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के बीच अब समझौते की संभावना मजबूत होती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में दोनों देशों के बीच काफी सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि हालात फिलहाल अच्छे हैं और दोनों पक्ष किसी नतीजे तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द कोई बड़ा समझौता हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान की तरफ से जवाब आने के लिए अमेरिका ने कोई तय समय सीमा नहीं रखी है। ट्रंप के मुताबिक, अगर बातचीत सफल नहीं होती तो अमेरिका को आगे और कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।
परमाणु हथियारों के मुद्दे पर भी ट्रंप ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रखेगा और इस विषय पर कुछ सहमति बन चुकी है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि किन शर्तों पर दोनों देशों में सहमति बनी है।
दूसरी तरफ Iran ने अमेरिकी प्रस्ताव पर सावधानी से प्रतिक्रिया दी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि तेहरान फिलहाल अमेरिकी प्रस्ताव का अध्ययन कर रहा है और उचित समय पर अपनी राय देगा। जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है।
सूत्रों का कहना है कि करीब 14 बिंदुओं वाले एक प्रारंभिक ड्राफ्ट पर बातचीत आगे बढ़ रही है। अगर इस पर सहमति बनती है तो दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी कम हो सकती है। इसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने, अमेरिकी प्रतिबंध हटाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं तय करने जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।
मध्यस्थता से जुड़े सूत्रों ने दावा किया कि बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। वहीं ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान तय शर्तें मान लेता है तो संघर्ष टल सकता है, लेकिन इनकार की स्थिति में सैन्य कार्रवाई और तेज हो सकती है।