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RBI का बड़ा फैसला: नए मनी चेंजर लाइसेंस बंद, फॉरेक्स कारोबार के नियमों में बड़ा बदलाव

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा यानी फॉरेक्स कारोबार से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। केंद्रीय बैंक ने साफ कर दिया है कि अब नए फुल फ्लेज्ड मनी चेंजर (FFMC) लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे। इसके साथ ही फॉरेक्स सेवाएं देने वाली संस्थाओं के लिए नई गाइडलाइंस लागू कर दी गई हैं।

RBI ने बताया कि विदेशी मुद्रा सेवाओं को ज्यादा व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए मौजूदा ढांचे की समीक्षा की गई है। अब फॉरेक्स से जुड़ा कोई भी कारोबार करने के लिए संस्थाओं को RBI की मंजूरी लेना जरूरी होगा। केंद्रीय बैंक ने अलग-अलग तरह के अधिकृत डीलरों (Authorized Dealers) की श्रेणियों को भी नए सिरे से तय किया है।

नए नियमों के तहत ‘प्रिंसिपल-एजेंट मॉडल’ को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका मकसद है कि अधिक संस्थाओं के जरिए ग्राहकों तक विदेशी मुद्रा सेवाएं पहुंचें, लेकिन निगरानी और नियमों का पालन भी मजबूत बना रहे।

RBI ने फॉरेक्स कारोबार से जुड़ी संस्थाओं को तीन कैटेगरी में बांटा है। AD Category-I में केवल बैंक आवेदन कर सकेंगे। वहीं AD Category-II के तहत ऐसे NBFC, फॉरेक्स एजेंट और मौजूदा FFMC आवेदन के पात्र होंगे, जो कम से कम दो साल से कारोबार कर रहे हों और पिछले दो वित्तीय वर्षों में उनका औसत सालाना फॉरेक्स टर्नओवर 50 करोड़ रुपये रहा हो।

इसके अलावा AD Category-III उन संस्थाओं के लिए बनाई गई है, जो विदेशी मुद्रा क्षेत्र में नए और इनोवेटिव प्रोडक्ट या सेवाएं शुरू करना चाहती हैं।

30 अप्रैल को जारी अधिसूचना में RBI ने स्पष्ट किया कि अब नए FFMC लाइसेंस के लिए आने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। केंद्रीय बैंक का कहना है कि इन बदलावों से फॉरेक्स सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी और रेगुलेटरी सिस्टम ज्यादा प्रभावी बनेगा।