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The Scoopp

 

क्वार्टर फाइनल में फ्रांस की एंट्री, एमबाप्पे का गोल बना जीत की वजह, मैच के बाद दिखा तनाव

फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप में फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया है। राउंड ऑफ-16 के मुकाबले में फ्रांसीसी टीम ने पैराग्वे को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट के अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की कर ली। मुकाबले का इकलौता गोल स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे ने दूसरे हाफ में पेनल्टी के जरिए किया। इसी गोल ने फ्रांस को जीत दिलाई और टीम लगातार आगे बढ़ने में सफल रही।

इस जीत के साथ फ्रांस चौथी बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा है। अब उसका अगला मुकाबला 9 जुलाई की रात 1:30 बजे मोरक्को से होगा। दूसरी ओर मोरक्को ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा को 3-0 से हराकर इतिहास रच दिया। अफ्रीकी टीम विश्व कप इतिहास में एक से अधिक बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम बन गई है।

मैच खत्म होने के बाद बढ़ा विवाद

फ्रांस और पैराग्वे के बीच मुकाबला खत्म होने के बाद खेल भावना से जुड़ा एक घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया। अंतिम सीटी बजने के बाद पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल किलियन एमबाप्पे से हाथ मिलाने के लिए आगे आए। हालांकि एमबाप्पे बिना प्रतिक्रिया दिए आगे बढ़ गए। इस व्यवहार से गिल नाराज नजर आए और उन्होंने फुटबॉल एमबाप्पे की दिशा में उछाल दी, जो उनकी पीठ पर जाकर लगी। मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और अधिकारियों ने स्थिति को संभाल लिया और मामला ज्यादा नहीं बढ़ा, लेकिन यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।

पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष

मुकाबले की शुरुआत से ही फ्रांस ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रमण करने की कोशिश की। दूसरी ओर पैराग्वे ने बेहद अनुशासित डिफेंस का प्रदर्शन किया। फ्रांस के कई हमलों को पैराग्वे के डिफेंडरों ने समय रहते विफल कर दिया। पहले 45 मिनट में दोनों टीमों को कुछ अवसर जरूर मिले, लेकिन कोई भी खिलाड़ी गोल करने में सफल नहीं हो सका। इस कारण हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 बना रहा।

VAR ने बदला मुकाबले का रुख

दूसरे हाफ में फ्रांस ने दबाव और बढ़ा दिया। मैच के 70वें मिनट में फ्रांस के आक्रमण के दौरान पेनल्टी बॉक्स के अंदर हुई चुनौती पर रेफरी ने पहले खेल जारी रखा, लेकिन बाद में वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की मदद ली गई। समीक्षा के बाद रेफरी ने फ्रांस के पक्ष में पेनल्टी देने का फैसला किया।

पेनल्टी लेने की जिम्मेदारी किलियन एमबाप्पे ने संभाली। उन्होंने बिना किसी गलती के गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिला दी। यही गोल अंत तक निर्णायक साबित हुआ और फ्रांस ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।

पैराग्वे ने आखिरी समय तक नहीं मानी हार

हालांकि स्कोरलाइन सिर्फ एक गोल की रही, लेकिन पैराग्वे ने पूरे मुकाबले में फ्रांस को आसान जीत नहीं लेने दी। टीम ने लगातार संघर्ष किया और मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया। गोल खाने के बाद भी पैराग्वे ने बराबरी की कोशिश जारी रखी, लेकिन फ्रांस की रक्षा पंक्ति ने उन्हें सफल नहीं होने दिया।

मैच के अंतिम मिनटों में फ्रांस को बढ़त दोगुनी करने के कई मौके मिले। एमबाप्पे को ब्रेकअवे अटैक में शानदार अवसर मिला, लेकिन वे उसे गोल में नहीं बदल सके। वहीं मैनू कोने ने भी जोरदार शॉट लगाया, जिसे गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार डाइव लगाकर रोक दिया।

इंजरी टाइम में भी गिल ने लगातार दो शानदार बचाव किए। उन्होंने एमबाप्पे के दो बेहतरीन प्रयासों को विफल करते हुए अपनी टीम को बड़े अंतर से हारने से बचा लिया। भले ही पैराग्वे मुकाबला हार गया, लेकिन उसके गोलकीपर के प्रदर्शन की काफी सराहना हुई।

एमबाप्पे का शानदार रिकॉर्ड कायम

इस मुकाबले में किया गया गोल किलियन एमबाप्पे के विश्व कप करियर का 19वां गोल रहा। इसके साथ ही वह विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। अब वह अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी के रिकॉर्ड से केवल एक गोल पीछे रह गए हैं।

मौजूदा टूर्नामेंट में भी एमबाप्पे शानदार फॉर्म में दिखाई दे रहे हैं। इस गोल के बाद उनके खाते में सात गोल हो चुके हैं। गोल्डन बूट की दौड़ में भी वह लियोनेल मेसी के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं।

अब मोरक्को से होगी टक्कर

फ्रांस की अगली चुनौती मोरक्को होगी, जिसने राउंड ऑफ-16 में कनाडा को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। मोरक्को ने पूरे मुकाबले में आक्रामक और संतुलित खेल दिखाया तथा कनाडा को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

मोरक्को की ओर से पहला गोल 50वें मिनट में आया। अचरफ हकीमी की फ्री-किक के बाद मिले पास पर अजेद्दीन ऊनाही ने बॉक्स के बाहर से शानदार राइट फुटेड शॉट लगाकर टीम को बढ़त दिलाई।

इसके बाद 82वें मिनट में ब्राहिम डियाज के शानदार पास पर ऊनाही ने अपना दूसरा गोल दागा और स्कोर 2-0 कर दिया। इंजरी टाइम के अंतिम क्षणों में सूफियान रहीमी ने तीसरा गोल कर कनाडा की उम्मीदों पर पूरी तरह विराम लगा दिया।

कनाडा को मिले मौके, लेकिन नहीं कर सका फायदा

कनाडा ने मैच के दौरान कुछ अच्छे अवसर जरूर बनाए, लेकिन उन्हें गोल में बदलने में सफल नहीं हो सका। 78वें मिनट में जोनाथन डेविड को फ्री-किक मिली, लेकिन उनका प्रयास क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया।

इसके कुछ ही देर बाद ताजोन बुकानन ने लंबी दूरी से शानदार शॉट लगाया, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर यासीन बूनू ने बेहतरीन डाइव लगाकर गेंद को रोक दिया। पूरे मुकाबले में बूनू ने तीन महत्वपूर्ण बचाव किए और अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

इतिहास रचने के करीब दोनों टीमें

अब क्वार्टर फाइनल में फ्रांस और मोरक्को आमने-सामने होंगे। फ्रांस जहां अपने चौथे विश्व कप खिताब की ओर एक और कदम बढ़ाना चाहेगा, वहीं मोरक्को इतिहास रचते हुए पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचने का सपना पूरा करने उतरेगा।

दोनों टीमों के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए मुकाबले के बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। फ्रांस के पास एमबाप्पे जैसे विश्वस्तरीय फिनिशर हैं, जबकि मोरक्को की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत डिफेंस और सामूहिक खेल रहा है। ऐसे में क्वार्टर फाइनल का यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे चर्चित मैचों में से एक माना जा रहा है।