भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी-20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 4 विकेट से मात दे दी। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। पहला मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका था, इसलिए यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 190 रन बनाए, लेकिन इंग्लैंड ने जैकब बेथेल की नाबाद 76 रन की पारी की बदौलत 19 ओवर में ही 191 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू को लेकर रही। कम उम्र में भारतीय टीम के लिए पहला मैच खेलने उतरे वैभव ने इतिहास रच दिया। 15 साल और 99 दिन की उम्र में उन्होंने भारत की ओर से टी-20 इंटरनेशनल में पदार्पण किया और देश के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने इस मामले में सचिन तेंदुलकर और शेफाली वर्मा के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हालांकि उनका डेब्यू जीत के साथ यादगार नहीं बन सका।
भारत की पारी की शुरुआत काफी सकारात्मक रही। कप्तान श्रेयस अय्यर ने युवा वैभव सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग का मौका दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। पहले विकेट के लिए दोनों ने केवल 29 गेंदों में 50 रन जोड़ दिए। वैभव ने अपनी छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी में 10 गेंदों पर 14 रन बनाए, जिसमें दो शानदार छक्के शामिल रहे। उन्होंने बेखौफ बल्लेबाजी का परिचय दिया और अपने पहले ही मैच में आत्मविश्वास से भरे नजर आए।
वैभव के आउट होने के बाद अभिषेक शर्मा ने रन बनाने की रफ्तार बनाए रखी। उन्होंने 24 गेंदों में 43 रन की तेज पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने शुरुआती ओवरों में मजबूत स्थिति बना ली थी। हालांकि 65 रन के स्कोर तक भारत के दो विकेट गिर गए, जिसके बाद टीम को संभालने की जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर और ईशान किशन ने उठाई।
श्रेयस और ईशान ने समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए तीसरे विकेट के लिए 65 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत में संयम रखा और बाद में तेजी से रन बटोरे। श्रेयस अय्यर ने 37 रन का योगदान दिया, जबकि ईशान किशन 49 रन बनाकर अर्धशतक से सिर्फ एक रन दूर रह गए। दोनों की साझेदारी ने भारत को बड़े स्कोर की दिशा में आगे बढ़ाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों को लंबे समय तक विकेट के लिए तरसाया।
पारी के अंतिम ओवरों में तिलक वर्मा ने तेज बल्लेबाजी करते हुए टीम के स्कोर को मजबूती दी। उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाए और कई आकर्षक शॉट लगाए। उनकी तेज पारी की बदौलत भारत निर्धारित 20 ओवर में 190 रन तक पहुंचने में सफल रहा। इंग्लैंड की ओर से सैम करन सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने तीन विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की रफ्तार को अंत के ओवरों में कुछ हद तक रोकने का काम किया।
191 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में दो बड़े झटके देकर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। उन्होंने पहले फिल सॉल्ट को पवेलियन भेजा और फिर जोस बटलर का विकेट लेकर इंग्लैंड को मुश्किल में डाल दिया। शुरुआती झटकों के बाद भारतीय टीम पूरी तरह हावी नजर आ रही थी।
इसके बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए टीम को संभालने की कोशिश की। उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में 39 रन बनाए और कुछ शानदार चौके-छक्के लगाए। हालांकि उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। अक्षर पटेल ने उन्हें आउट कर भारत को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। इस विकेट के साथ अक्षर पटेल ने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 100 विकेट भी पूरे कर लिए, जो उनके करियर की बड़ी उपलब्धि रही।
जब इंग्लैंड का स्कोर 51 रन पर तीन विकेट था, तब ऐसा लग रहा था कि भारत मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए है। लेकिन इसके बाद जैकब बेथेल और टॉम बैंटन ने शानदार साझेदारी कर मैच की तस्वीर बदल दी। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। चौथे विकेट के लिए दोनों के बीच 67 रन की साझेदारी हुई, जिसने इंग्लैंड को मुकाबले में मजबूती से वापस ला दिया।
टॉम बैंटन ने 39 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि जैकब बेथेल अंत तक टिके रहे। बेथेल ने नाबाद 76 रन बनाते हुए इंग्लैंड की जीत की नींव रखी। उनकी पारी में पांच चौके और पांच छक्के शामिल रहे। उन्होंने दबाव के क्षणों में बड़े शॉट लगाए और भारतीय गेंदबाजों को वापसी का मौका नहीं दिया। आखिर तक क्रीज पर टिके रहकर उन्होंने टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया।
मुकाबले का सबसे अहम पल भारत की गेंदबाजी के दौरान 17वां ओवर साबित हुआ। यह ओवर रवि बिश्नोई लेकर आए और यहीं से मैच पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में चला गया। बिश्नोई ने इस ओवर में तीन नो-बॉल फेंकी, जिसका इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। जैकब बेथेल ने इस ओवर में लगातार आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए तीन छक्के और एक चौका जड़ा। कुल मिलाकर इस ओवर से 29 रन आए, जिसने मैच का संतुलन पूरी तरह बदल दिया। भारत के लिए यह ओवर बेहद महंगा साबित हुआ और इंग्लैंड ने इसके बाद जीत की ओर तेजी से कदम बढ़ा दिए।
भारत ने बीच-बीच में विकेट जरूर हासिल किए, लेकिन बेथेल ने संयम बनाए रखा और दूसरे छोर से मिले सहयोग के साथ लक्ष्य तक पहुंचने में कोई गलती नहीं की। इंग्लैंड ने 19 ओवर में छह विकेट खोकर 191 रन बना लिए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद मेजबान टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है, जबकि भारतीय टीम को अगले मुकाबले में वापसी के लिए अपनी गेंदबाजी, खासकर डेथ ओवरों में प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा।
हालांकि भारत को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू भारतीय क्रिकेट के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। उन्होंने बल्लेबाजी के अलावा फील्डिंग में भी शानदार योगदान दिया और अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में एक बेहतरीन कैच भी लपका। कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और खेलने का अंदाज भविष्य के लिए अच्छी उम्मीदें जगाता है।
अब दोनों टीमों की नजरें सीरीज के तीसरे मुकाबले पर होंगी, जो नॉटिंघम में खेला जाएगा। भारत इस मैच को जीतकर सीरीज बराबर करना चाहेगा, जबकि इंग्लैंड अपनी बढ़त को और मजबूत बनाने के इरादे से मैदान में उतरेगा। दूसरे टी-20 में मिली हार से भारतीय टीम को कई सबक मिले हैं और उम्मीद रहेगी कि अगले मुकाबले में खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीख लेकर बेहतर प्रदर्शन करेंगे।