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गंगा दशहरा पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब, हाईवे से घाटों तक भारी भीड़

गंगा दशहरा के पावन पर्व पर उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह होते ही हर की पौड़ी और अन्य गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन और स्नान के लिए उमड़ पड़े। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे भक्तों ने गंगा स्नान कर पूजा-पाठ और दान-पुण्य किया।

श्रद्धालुओं का कहना है कि गंगा दशहरा के दिन गंगा में डुबकी लगाने से जीवन के पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। गर्मी की छुट्टियों और चारधाम यात्रा के कारण भी इस बार हरिद्वार में सामान्य दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा भीड़ देखने को मिली।

भीड़ बढ़ने के चलते शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर भी असर पड़ा। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने वाले मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। शहर के अंदर भी प्रमुख चौराहों और हाईवे पर वाहन धीरे-धीरे चलते नजर आए। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने अस्थायी पार्किंग और वैकल्पिक रूट की व्यवस्था की।

सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिए। हर की पौड़ी समेत संवेदनशील घाटों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए। गंगा में हादसों से बचाव के लिए जल पुलिस, गोताखोर और बैरिकेडिंग की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और धैर्य बनाए रखने की अपील कर रहा है।

इस मौके पर शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने बताया कि गंगा दशहरा का दिन बेहद पुण्यदायी माना जाता है, क्योंकि इसी तिथि पर मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। उन्होंने कहा कि हरिद्वार का धार्मिक महत्व इसलिए भी विशेष है क्योंकि यहीं से मां गंगा पहाड़ों से निकलकर मैदानों में प्रवेश करती हैं।

संतों ने श्रद्धालुओं से गंगा घाटों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। साथ ही प्रशासन और नगर निगम से गंगा को प्रदूषित करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई।