जालंधर में गुलजार सिंह आत्महत्या मामले को लेकर पंजाब कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मामले में निष्पक्ष जांच और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन किया। बठिंडा में वित्त मंत्री का पुतला फूंका गया, जबकि पठानकोट में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय के बाहर विरोध जताया। जालंधर में प्रदर्शन के दौरान डीसी दफ्तर के बाहर काफी देर तक हंगामा देखने को मिला। पुलिस ने कांग्रेसियों को कार्यालय के भीतर जाने से रोका, जिसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।
गुलजार सिंह मामले में कांग्रेस ने सरकार को घेरा
गुलजार सिंह आत्महत्या मामले को लेकर पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मामले में जो भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।
इसी मांग को लेकर पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए मांगपत्र भी सौंपे।
कांग्रेस की ओर से विशेष रूप से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की भूमिका की जांच की मांग की जा रही है। पार्टी का कहना है कि यदि जांच के दौरान मंत्री की किसी तरह की भूमिका सामने आती है, तो उन्हें भी मामले में नामजद किया जाए।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मंत्री की भूमिका साबित होने या उनके खिलाफ किसी अदालत के निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है। कांग्रेस फिलहाल जांच और FIR की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है।
जालंधर में डीसी दफ्तर के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन
गुलजार आत्महत्या मामले को लेकर जालंधर में कांग्रेस नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में वहां पहुंचे और मामले में इंसाफ की मांग को लेकर नारेबाजी की। कांग्रेसियों के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने के बाद प्रशासन की ओर से डीसी दफ्तर का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। गेट बंद होने से प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के भीतर जाने की कोशिश की, जिसके चलते कुछ लोग बंद गेट को फांदकर अंदर प्रवेश करने का प्रयास करने लगे।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। सुरक्षाकर्मियों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गेट पार करने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की हुई। कुछ समय के लिए मौके पर तनाव का माहौल बन गया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद डीसी कार्यालय के बाहर ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध जारी रहा। काफी देर तक नारेबाजी और हंगामे के कारण कार्यालय के बाहर माहौल गर्म बना रहा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि जनता की जायज मांगों को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने गुलजार सिंह मामले में न्याय दिलाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठ गए कांग्रेसी
जालंधर में गेट फांदकर भीतर जाने की कोशिश के बाद पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक दिया। पुलिस की कार्रवाई के चलते प्रदर्शनकारियों को कार्यालय के अंदर जाने का रास्ता नहीं मिला। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं को शांत कराया। कुछ समय पहले तक जहां प्रदर्शन के दौरान हंगामा देखने को मिल रहा था, वहीं बाद में कांग्रेसियों ने डीसी कार्यालय के बाहर बैठकर विरोध शुरू कर दिया। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठाईं।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नारेबाजी की और गुलजार सिंह मामले में इंसाफ की गुहार लगाई। उनका कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जनता की शिकायतों को नजरअंदाज कर रही है। पार्टी नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि गुलजार सिंह की आत्महत्या से जुड़े मामले को गंभीरता से लिया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की संख्या काफी अधिक रही। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा और प्रदर्शनकारियों को कार्यालय के भीतर जाने से रोकते हुए बाहर ही विरोध करने दिया।
विधायकों ने अधिकारियों को सौंपा मांगपत्र
जालंधर में काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत के लिए आगे आया। पार्टी की ओर से विधायक सुखविंदर कोटली, लाडी शेरोवालिया और राजिंदर बेरी ने अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मांगपत्र सौंपा। इसमें गुलजार सिंह आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने अधिकारियों से कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। पार्टी की ओर से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की भूमिका की भी जांच कराने की मांग उठाई गई। ज्ञापन सौंपने के बाद ही प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध समाप्त किया। इसके साथ जालंधर में डीसी कार्यालय के बाहर चल रहा प्रदर्शन खत्म हो गया।
कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि उनका उद्देश्य मामले में इंसाफ की मांग को प्रशासन तक पहुंचाना है। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
बठिंडा में हरपाल चीमा का पुतला जलाया
गुलजार सिंह मामले को लेकर बठिंडा में भी पंजाब कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के निर्देश पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय के पास विरोध जताया। इस प्रदर्शन के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का पुतला जलाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गुलजार सिंह मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
बठिंडा में प्रदर्शन की अगुवाई जिला कांग्रेस शहरी अध्यक्ष राजन गर्ग ने की। उनके नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मामले को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गुलजार सिंह मामले में दर्ज FIR की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने मांग की कि जांच किसी भी दबाव से मुक्त होकर की जाए और सभी पहलुओं को सामने लाया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यदि जांच के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की कोई भूमिका सामने आती है, तो उन्हें भी कानून के अनुसार मामले में नामजद किया जाना चाहिए। कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के डीजीपी के नाम एसएसपी को मांगपत्र सौंपा गया। इस मांगपत्र के माध्यम से पार्टी ने मामले में कार्रवाई की मांग प्रशासन तक पहुंचाई।
बठिंडा में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। उनका कहना था कि गुलजार सिंह आत्महत्या मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।
पठानकोट में भी कांग्रेस ने उठाई आवाज
गुलजार सिंह आत्महत्या मामले को लेकर पठानकोट में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय के बाहर विरोध जताते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का पुतला जलाया।
पठानकोट में कांग्रेसियों ने मामले को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने एसएसपी पठानकोट मनप्रीत सिंह को मांगपत्र सौंपा।
इस मांगपत्र में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की गई। कांग्रेस ने कहा कि गुलजार सिंह मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि जांच में मंत्री की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन को उचित कदम उठाने चाहिए।
पठानकोट में प्रदर्शन के दौरान भी कांग्रेस ने वित्त मंत्री की भूमिका की जांच का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पार्टी की मांग है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।
तीन जिलों में प्रदर्शन से बढ़ा राजनीतिक दबाव
गुलजार सिंह आत्महत्या मामले को लेकर जालंधर, बठिंडा और पठानकोट में हुए प्रदर्शनों से पंजाब कांग्रेस ने सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश की है। अलग-अलग जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक ही मुद्दे को लेकर विरोध जताया और प्रशासन को मांगपत्र सौंपे।
जालंधर में प्रदर्शन के दौरान डीसी कार्यालय का गेट बंद किए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भीतर जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। बाद में नेताओं ने कार्यकर्ताओं को शांत कराया और कार्यालय के बाहर बैठकर प्रदर्शन किया।
वहीं, बठिंडा में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का पुतला जलाकर विरोध जताया गया। पठानकोट में भी इसी तरह प्रदर्शन करते हुए मंत्री के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग उठाई गई।
कांग्रेस की प्रमुख मांग है कि गुलजार सिंह मामले में दर्ज FIR की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पार्टी यह भी चाहती है कि जांच के दौरान यदि किसी राजनीतिक व्यक्ति या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
क्या है कांग्रेस की मुख्य मांग?
गुलजार सिंह मामले को लेकर कांग्रेस की ओर से मुख्य रूप से निम्न मांगें उठाई गई हैं:
- मामले में दर्ज FIR की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- जांच में किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं होना चाहिए।
- यदि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की भूमिका सामने आती है तो उन्हें भी मामले में नामजद किया जाए।
- जांच के दौरान दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई हो।
- पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए प्रशासन उचित कदम उठाए।
कांग्रेस नेताओं ने इन मांगों को लेकर जिला स्तर पर अधिकारियों से बातचीत की और मांगपत्र सौंपे। पार्टी का कहना है कि गुलजार सिंह मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए।
आगे क्या होगा?
गुलजार सिंह आत्महत्या मामले में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद अब प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी। कांग्रेस लगातार निष्पक्ष जांच और FIR दर्ज करने की मांग उठा रही है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन मांगपत्रों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की गई है। यह भी सामने नहीं आया है कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कोई नई FIR दर्ज हुई है या नहीं।
कांग्रेस ने जालंधर, बठिंडा और पठानकोट में प्रदर्शन कर अपनी मांगें अधिकारियों तक पहुंचा दी हैं। अब आगे की कार्रवाई जांच और प्रशासनिक निर्णयों पर निर्भर करेगी।
गुलजार सिंह मामले को लेकर कांग्रेस का विरोध यह संकेत देता है कि पार्टी इस मुद्दे को पंजाब की राजनीति में प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में मामले की जांच और प्रशासन की प्रतिक्रिया के आधार पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।