जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। CIA स्टाफ की टीम ने दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से अवैध हथियार बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के कब्जे से 32 बोर की दो पिस्टल और चार जिंदा कारतूस मिले हैं। इस कार्रवाई को गैंगस्टरों और उनसे जुड़े आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कमिश्नरेट जालंधर की ओर से आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में CIA स्टाफ की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस कमिश्नर जालंधर सतिंदर सिंह के निर्देशों के बाद विशेष अभियान के तहत संदिग्ध गतिविधियों की जांच और हथियारों की अवैध सप्लाई से जुड़े लोगों की पहचान करने पर जोर दिया जा रहा है।
इस ऑपरेशन की अगुवाई CIA स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर सुरविंदर सिंह ने की। उनकी निगरानी में पुलिस टीम ने दो आरोपियों को काबू किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जीवन उर्फ अमन और दर्शन लाल उर्फ लक्की के रूप में हुई है। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके पास हथियार कहां से पहुंचे और इनके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या आपराधिक नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी जीवन उर्फ अमन पुत्र अश्वनी कुमार जालंधर के रामामंडी इलाके में रहता है। उसका पता मकान नंबर 852, फेस-1, एकता नगर, सागर मीट शॉप के नजदीक बताया गया है। दूसरे आरोपी की पहचान दर्शन लाल उर्फ लक्की पुत्र सरदारी लाल के तौर पर हुई है। वह न्यू संत नगर, मंगू बस्ती, थाना डिवीजन नंबर 5, जालंधर का निवासी बताया गया है।
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब उनके कब्जे की तलाशी ली तो दो 32 बोर पिस्टल बरामद हुईं। इसके अलावा चार जिंदा राउंड भी पुलिस के हाथ लगे। हथियारों और कारतूस की बरामदगी के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों के खिलाफ थाना रामामंडी में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद हथियार आरोपियों तक किस माध्यम से पहुंचे। पूछताछ में हथियारों के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस यह भी जानना चाहती है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात के लिए किया जाना था या इन्हें किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।
जांच का एक अहम हिस्सा आरोपियों के आपराधिक संपर्कों को खंगालना भी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जानकारी जुटाई जाएगी। इसका मतलब यह पता लगाना है कि आरोपियों के संपर्क में कौन लोग थे, उनसे पहले हथियार किसके पास थे और आगे इन्हें किसे सौंपा जाना था। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा आरोपियों का रिमांड हासिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। रिमांड मिलने के बाद जांच टीम को दोनों से विस्तृत पूछताछ करने का मौका मिलेगा। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान हथियारों की खरीद, सप्लाई और संभावित आपराधिक संपर्कों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
पुलिस रिकॉर्ड की जांच में दोनों आरोपियों के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक जीवन उर्फ अमन के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। वहीं दर्शन लाल उर्फ लक्की का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है और उसके खिलाफ पूर्व में कई मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। अब जांच टीम उसके पुराने मामलों और वर्तमान बरामदगी के बीच किसी संभावित कड़ी को भी देख सकती है।
जालंधर पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। आपराधिक गतिविधियों में हथियारों के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए पुलिस ऐसे लोगों पर नजर रख रही है, जिनके पास गैरकानूनी तरीके से हथियार पहुंचने की संभावना है। इसी वजह से संदिग्धों की गतिविधियों के साथ-साथ हथियारों की सप्लाई चेन की जानकारी जुटाना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
CIA स्टाफ की टीम अब मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। जांच के दौरान आरोपियों से यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि वे किन लोगों के संपर्क में थे और हथियारों की व्यवस्था कैसे हुई। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या दोनों आरोपी किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़े हुए हैं या किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर हथियार अपने पास रखे हुए थे।
पुलिस की कार्रवाई का एक दूसरा पहलू यह भी है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी वारदात में हुआ है या नहीं। इसके लिए जांच एजेंसियां उपलब्ध रिकॉर्ड और आरोपियों से मिली जानकारी को आपस में मिलाकर आगे की दिशा तय कर सकती हैं। यदि पूछताछ में किसी अन्य व्यक्ति का नाम सामने आता है तो पुलिस उसके बारे में भी जानकारी जुटा सकती है।
अधिकारियों के मुताबिक, केवल हथियार बरामद करना ही जांच का अंतिम उद्देश्य नहीं है। पुलिस यह समझने की कोशिश करेगी कि अवैध हथियारों का नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था। हथियार कहां से आए, किन लोगों के जरिए आरोपियों तक पहुंचे और इनके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका थी या नहीं, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जाएगी।
इस पूरे मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे की जानकारी जांच और पूछताछ के आधार पर सामने आएगी। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। थाना रामामंडी में आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले की जांच जारी है और पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
जालंधर में गैंगस्टर और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में दो पिस्टल और चार जिंदा कारतूस की बरामदगी हुई है। अब पुलिस की नजर उन संभावित कड़ियों पर है, जो इन हथियारों को आरोपियों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क से जुड़ी हो सकती हैं।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट करने में जुटी है। जांच में यदि हथियारों की सप्लाई या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मुख्य फोकस हथियारों के स्रोत और आरोपियों के आपराधिक संपर्कों का पता लगाने पर है।