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The Scoopp

 

ट्रंप-जिनपिंग बैठक पर दुनिया की नजर, चीन दौरे से बदल सकते हैं वैश्विक समीकरण

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump इस हफ्ते चीन के दौरे पर जाने वाले हैं, जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping से होगी। दोनों नेताओं की यह अहम बैठक ऐसे समय में होने जा रही है, जब पश्चिम एशिया में ईरान को लेकर हालात तनावपूर्ण हैं और रूस-यूक्रेन युद्ध भी लगातार दुनिया की चिंता बढ़ा रहा है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात का असर सिर्फ अमेरिका और चीन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत समेत कई देशों की रणनीतियों पर भी पड़ सकता है।

व्हाइट हाउस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन में रहेंगे। बीजिंग पहुंचने के बाद गुरुवार को उनका आधिकारिक स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। करीब नौ साल बाद कोई अमेरिकी राष्ट्रपति चीन की यात्रा पर जा रहा है, इसलिए इस दौरे को कूटनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ट्रंप इस यात्रा के दौरान चीन के साथ व्यापारिक संबंधों, आर्थिक संतुलन और निष्पक्ष कारोबार जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही अमेरिका चीन पर ईरान से जुड़े कुछ मामलों में दबाव भी बना सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप चीन द्वारा ईरान से तेल खरीद और सैन्य व नागरिक उपयोग वाले सामानों के लेन-देन का मुद्दा उठा सकते हैं।

बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा भी प्रमुख रह सकता है। ईरान द्वारा इस समुद्री मार्ग में रुकावट पैदा किए जाने के बाद वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। अमेरिका चाहता है कि चीन इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाए, क्योंकि ऊर्जा आपूर्ति में बाधा का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।

इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत होने की संभावना है। अमेरिका लंबे समय से चीन पर रूस को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है। ऐसे में ट्रंप इस मुद्दे को भी जिनपिंग के सामने मजबूती से रख सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और चीन के बीच किसी बड़े समझौते या रणनीतिक सहमति की स्थिति बनती है, तो इसका असर भारत की विदेश नीति और आर्थिक हितों पर भी दिखाई दे सकता है।