पंजाब के तरनतारन जिले के पट्टी इलाके में मंगलवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की वारदात से सनसनी फैल गई। गांव तूत के आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े सरपंच अश्वनी कुमार उर्फ अश्वनी देवगन की बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात तूत बस स्टैंड के पास उस समय हुई, जब अश्वनी कुमार अपनी इनोवा कार से दाना मंडी तूत स्थित अपनी आढ़त की दुकान की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान दो हमलावर बाइक पर पहुंचे और उनकी गाड़ी को निशाना बनाकर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। हमले में सरपंच को तीन गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें पट्टी सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बस स्टैंड के पास अचानक शुरू हुई फायरिंग
मिली जानकारी के अनुसार, अश्वनी कुमार मंगलवार को अपनी इनोवा कार में सवार होकर इलाके में ही एक किराना स्टोर से निकलने के बाद दाना मंडी की ओर जा रहे थे। उनकी गाड़ी जैसे ही तूत बस स्टैंड के आसपास पहुंची, बाइक पर सवार दो युवकों ने उनका पीछा करते हुए कार पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। हमलावरों ने अपने चेहरे कपड़े से ढके हुए थे, जिससे उनकी पहचान तत्काल नहीं हो सकी।
हमले के दौरान बदमाशों ने कार को कई गोलियों से छलनी कर दिया। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए। फायरिंग इतनी अचानक हुई कि सरपंच और उनके साथ मौजूद लोग संभल भी नहीं पाए। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद उसी बाइक से मौके से निकल गए।
फायरिंग में कार के शीशे भी टूट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने काफी नजदीक से वाहन को निशाना बनाया था। घटना के बाद आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग घायल सरपंच तथा उनके ड्राइवर की मदद के लिए मौके पर पहुंचे।
तीन गोलियां लगने से बिगड़ी हालत
गोलीबारी में अश्वनी कुमार को शरीर के अलग-अलग हिस्सों में तीन गोलियां लगीं। इनमें से एक गोली सीधे उनके हार्ट के पास लगी, जिसके चलते काफी खून बह गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक रक्तस्राव उनकी मौत की प्रमुख वजह बना।
सरपंच के साथ कार में मौजूद ड्राइवर चमकौर सिंह भी इस हमले में घायल हुआ। उसे गोलियों के छर्रे लगे हैं। स्थानीय लोगों ने दोनों घायलों को तुरंत पट्टी सिविल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने अश्वनी कुमार की जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया, जबकि ड्राइवर का उपचार शुरू कर दिया गया।
अश्वनी कुमार की मौत की खबर गांव और आसपास के इलाके में तेजी से फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में उनके परिवार के सदस्य, समर्थक और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पत्नी ने लगाया 50 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप
मामले में मृतक सरपंच की पत्नी परवीन कुमारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परिवार को कुछ समय से धमकियां मिल रही थीं। पत्नी के मुताबिक, उनसे 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। कथित तौर पर धमकी दी गई थी कि अगर रकम नहीं दी गई तो परिवार के सदस्यों को जान से मार दिया जाएगा।
परवीन कुमारी ने बताया कि धमकियों को लेकर उन्होंने अपने पति से भी बातचीत की थी। हालांकि, अश्वनी कुमार ने उन्हें इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं दी थी। परिवार को आशंका है कि इसी धमकी का संबंध हत्या की वारदात से हो सकता है।
पुलिस ने फिलहाल इस आरोप को जांच का हिस्सा बनाया है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे रंगदारी, आपसी रंजिश, गैंग से जुड़ा विवाद या कोई अन्य कारण हो सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।
अस्पताल में पुलिस के खिलाफ गुस्सा
हत्या की जानकारी मिलते ही मृतक के परिवार और समर्थकों का गुस्सा भी सामने आया। बड़ी संख्या में लोग पट्टी सिविल अस्पताल पहुंच गए। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस अधिकारियों को घेर लिया और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। परिजनों और समर्थकों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब गुस्साए लोगों ने पुलिस अधिकारियों की गाड़ियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस टीम ने लोगों को शांत कराने और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पट्टी के डीएसपी रवि शेर सिंह भी मौके पर पहुंचे। उनके साथ पट्टी सिटी थाना प्रभारी विपिन कुमार और थाना सदर प्रभारी गुरचरण सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परिवार और समर्थकों से बातचीत कर स्थिति संभालने की कोशिश की।
CCTV में कैद हुए दो संदिग्ध
पुलिस ने वारदात की जांच शुरू करते हुए घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली है। शुरुआती जांच में पुलिस को दो संदिग्ध युवकों की तस्वीरें मिली हैं। दोनों युवक बाइक पर दिखाई दे रहे हैं और उन्होंने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे।
पुलिस इन तस्वीरों और CCTV फुटेज के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। संदिग्धों की पहचान के लिए आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने संदिग्धों की तस्वीरें जारी कर लोगों से अपील की है कि यदि किसी को उनके बारे में जानकारी हो तो पुलिस को सूचित किया जाए।
जांच टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावर वारदात से पहले सरपंच की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे या नहीं। जिस तरह से हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाया और फायरिंग के बाद तुरंत फरार हो गए, उससे पुलिस को आशंका है कि वारदात की पहले से योजना बनाई गई हो सकती है।
हमले के पीछे क्या वजह? कई एंगल पर जांच
पुलिस फिलहाल हत्या के कारण को लेकर किसी एक निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। मृतक की पत्नी द्वारा लगाए गए 50 लाख रुपये की फिरौती के आरोप को भी जांच में शामिल किया गया है। इसके अलावा पुलिस सरपंच के निजी, कारोबारी और राजनीतिक संपर्कों से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी जुटा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी विवाद या दुश्मनी की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया था या नहीं।
जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि हमलावरों ने सरपंच को ही क्यों निशाना बनाया और वारदात से पहले उन्हें किस तरह ट्रैक किया गया। पुलिस घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ के साथ-साथ CCTV फुटेज को जोड़कर हमलावरों के आने और भागने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है।
इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस्तेमाल की गई बाइक किसकी थी और हमलावर वारदात के बाद किस दिशा में गए। अगर बाइक की पहचान हो जाती है तो आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को अहम सुराग मिल सकता है।
पुलिस ने टीमें बनाकर शुरू की तलाश
डीएसपी रवि शेर सिंह के मुताबिक, घटना की जांच के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। CCTV फुटेज से मिले सुरागों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस आसपास के इलाकों में भी पूछताछ कर रही है और आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि अभी हत्या के पीछे की वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। फिरौती की धमकी से लेकर अन्य संभावित कारणों तक सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों ने दावा किया है कि मामले में जल्द ही महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव तूत और आसपास के क्षेत्रों में वारदात के बाद लोगों में डर का माहौल है। वहीं, मृतक के परिवार और समर्थक आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। अब पुलिस की जांच इस बात पर टिकी है कि CCTV फुटेज में नजर आए दोनों संदिग्ध कौन हैं और आखिर सरपंच की हत्या के पीछे किसका हाथ है।