पंजाब विधानसभा का 13वां सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। सत्र की पहली बैठक सुबह 11 बजे विधानसभा परिसर में आयोजित होगी। सदन की कार्यवाही की शुरुआत प्रदेश की चार दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होगी। इस दौरान पूर्व विधायक साही राम बिश्नोई, शहीद सिपाही सरबजीत सिंह, स्वतंत्रता सेनानी सेवा सिंह और प्रसिद्ध खिलाड़ी रणधीर सिंह को याद किया जाएगा। विधानसभा सदस्य इन हस्तियों के योगदान को नमन करते हुए उनके सम्मान में श्रद्धांजलि प्रस्ताव पारित करेंगे।
पहले दिन की कार्यवाही में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद प्रश्नकाल रखा गया है। इसमें विधायक सरकार से प्रदेश से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर सवाल पूछेंगे और संबंधित विभागों के मंत्री उनके जवाब देंगे। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष और सचिव की ओर से सदन की प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी घोषणाएं भी की जाएंगी। सत्र के दौरान कई ऐसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है, जिनका सीधा संबंध आम जनता की समस्याओं और राज्य के विकास से जुड़ा हुआ है।
विधायकों ने तैयार किए जनहित से जुड़े मुद्दे
विधानसभा के इस सत्र में विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं। कार्यसूची के अनुसार, कई जनहित के मामलों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए जाएंगे। इन प्रस्तावों के जरिए विधायक सरकार का ध्यान उन मुद्दों की ओर आकर्षित करेंगे, जिनके समाधान की मांग लंबे समय से की जा रही है।
विधायक डॉ. चरणजीत सिंह की ओर से खरड़-बस्सी पठाना मार्ग पर स्थायी पुल निर्माण का मामला सदन में उठाया जाएगा। इस मार्ग पर पुल की आवश्यकता को लेकर क्षेत्र के लोगों की ओर से लगातार मांग की जाती रही है। विधायक इस मुद्दे के माध्यम से सरकार से निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने और लोगों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखेंगे।
इसी तरह विधायक डॉ. जसबीर सिंह संधू मुख्यमंत्री सेहत योजना में मोतियाबिंद यानी कैटरेक्ट के इलाज को शामिल करने का मुद्दा उठाएंगे। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में लोग आंखों से जुड़ी इस समस्या से परेशान हैं और इलाज का खर्च कई परिवारों के लिए चुनौती बन जाता है। ऐसे में अगर इस बीमारी का इलाज योजना के दायरे में लाया जाता है तो जरूरतमंद लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
विधायक बलकार सिंह सिद्धू भी अपने क्षेत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय सदन में उठाएंगे। वह रामपुरा फूल स्थित सरकारी मिडिल स्कूल की खराब हालत का मामला विधानसभा में रखेंगे। स्कूल की जर्जर इमारत को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। विधायक सरकार से मांग करेंगे कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्कूल भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण की दिशा में जल्द कदम उठाए जाएं।
सत्र में पेश होगी बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की पहली रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएगी। इस रिपोर्ट में सत्र के दौरान होने वाले कामकाज की रूपरेखा और समय निर्धारण से जुड़ी जानकारी होगी। रिपोर्ट पेश होने के बाद इस पर चर्चा की जाएगी और सदन की मंजूरी ली जाएगी।
विधानसभा सत्र में विधायी कार्यों को भी आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार की ओर से पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया जाएगा। इस विधेयक पर सदन में चर्चा होगी और इसके प्रावधानों पर विचार किया जाएगा। सरकार की कोशिश रहेगी कि आवश्यक कानूनी बदलावों को इस सत्र में मंजूरी दिलाई जाए।
सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के आसार
सत्र के पहले ही दिन राजनीतिक माहौल गर्म रहने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष प्रदेश सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपनी उपलब्धियों और नीतियों को सदन में रखने की कोशिश करेगी। कानून व्यवस्था, विकास कार्य, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा व्यवस्था और अन्य जनहित से जुड़े मामलों पर बहस होने के आसार हैं।
विधानसभा सत्र को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। विपक्ष जहां सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है, वहीं सत्तारूढ़ दल विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और अपने फैसलों का बचाव करने की तैयारी में है। ऐसे में सदन की कार्यवाही के दौरान कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
जनता से जुड़े मुद्दों पर रहेगी नजर
इस विधानसभा सत्र को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी काफी चर्चा है। इसकी वजह यह है कि सत्र के दौरान प्रदेश की मौजूदा चुनौतियों और सरकार की योजनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। विधायक अपने क्षेत्रों से जुड़े मामलों को सदन में उठाकर सरकार से समाधान की मांग करेंगे।
पंजाब में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे हमेशा विधानसभा की कार्यवाही के केंद्र में रहते हैं। इस बार भी विधायकों की ओर से स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है। आम लोगों की उम्मीद है कि सदन में होने वाली चर्चाओं के बाद सरकार ठोस कदम उठाएगी और लंबित मामलों का समाधान किया जाएगा।
सत्र में दिखेगा राजनीतिक रुख
विधानसभा का यह सत्र केवल विधायी कामकाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही इस मौके का इस्तेमाल अपनी बात मजबूती से रखने के लिए करेंगे। जहां सरकार विकास कार्यों और नीतियों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी, वहीं विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करेगा।
पहले दिन श्रद्धांजलि और औपचारिक कार्यवाही के बाद सदन में सवाल-जवाब और विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा होगी। आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर बहस होने की संभावना है। विधानसभा की कार्यवाही पर प्रदेश की जनता और राजनीतिक दलों की नजरें बनी हुई हैं।
कुल मिलाकर पंजाब विधानसभा का 13वां सत्र कई मायनों में अहम रहने वाला है। शुरुआत भले ही दिवंगत हस्तियों को सम्मान देने के साथ होगी, लेकिन इसके बाद सदन में जनहित के मुद्दों, सरकारी नीतियों और विकास कार्यों को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो जाएगा। सरकार और विपक्ष के बीच होने वाली बहस यह तय करेगी कि इस सत्र का राजनीतिक और प्रशासनिक असर कितना व्यापक रहता है।