The Scoopp

 

पहले वनडे में भारत की दमदार जीत, अफगानिस्तान पर 7 विकेट से विजय; गिल का अर्धशतक, डेब्यू करने वाले गेंदबाजों ने मचाया धमाल

भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला धर्मशाला में भारतीय टीम के नाम रहा। बारिश से प्रभावित इस मैच में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मुकाबला मौसम की बाधा के कारण 25-25 ओवर का कर दिया गया था, लेकिन सीमित ओवरों के बावजूद दर्शकों को रोमांचक क्रिकेट देखने को मिला।

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी का फैसला किया। शुरुआत में यह निर्णय अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज की आक्रामक बल्लेबाजी के कारण चुनौतीपूर्ण नजर आया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने समय-समय पर विकेट निकालकर विपक्षी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया।

अफगानिस्तान की ओर से सबसे यादगार प्रदर्शन विकेटकीपर बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज ने किया। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए केवल 48 गेंदों में शतक पूरा कर लिया। यह उनके वनडे करियर का नौवां शतक रहा। गुरबाज ने अपनी तूफानी पारी में 8 चौके और 8 छक्के लगाए और 102 रन बनाकर आउट हुए। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने अफगानिस्तान को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था।

हालांकि, दूसरे छोर से उन्हें ज्यादा सहयोग नहीं मिल सका। भारतीय गेंदबाज लगातार अंतराल पर विकेट लेते रहे, जिससे अफगानिस्तान की टीम बड़ी साझेदारियां बनाने में असफल रही। परिणामस्वरूप पूरी टीम 24.5 ओवर में 194 रन पर सिमट गई। एक समय ऐसा लग रहा था कि गुरबाज के दम पर अफगानिस्तान 220 से अधिक का स्कोर खड़ा कर सकता है, लेकिन भारतीय गेंदबाजी आक्रमण ने अंतिम ओवरों में शानदार वापसी की।

इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत भारत के दो युवा खिलाड़ियों का वनडे डेब्यू रहा। हर्ष दुबे और गुरनूर बरार ने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में शानदार छाप छोड़ी। दोनों गेंदबाजों ने 3-3 विकेट हासिल कर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डेब्यू मैच में ऐसा प्रदर्शन किसी भी खिलाड़ी के लिए यादगार होता है और दोनों ने अपने चयन को सही साबित किया।

हर्ष दुबे ने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से अफगान बल्लेबाजों को परेशान किया। उन्होंने मध्यक्रम को झटके देकर रनगति पर अंकुश लगाया। दूसरी ओर गुरनूर बरार ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। दोनों युवा खिलाड़ियों ने दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।

इन दोनों के अलावा अर्शदीप सिंह और नीतीश कुमार रेड्डी ने भी दो-दो विकेट हासिल किए। अर्शदीप ने नई गेंद से प्रभाव छोड़ा, जबकि नीतीश ने मध्य ओवरों में उपयोगी गेंदबाजी की। भारतीय गेंदबाजी इकाई ने सामूहिक प्रयास के दम पर अफगानिस्तान को 200 रन के आंकड़े से पहले ही रोक दिया।

195 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत सकारात्मक रही। हालांकि शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से कुछ समय के लिए मुकाबला संतुलित दिखाई दिया, लेकिन कप्तान शुभमन गिल ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए अफगान गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया।

गिल ने 66 गेंदों में नाबाद 84 रन की शानदार पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में कई आकर्षक शॉट देखने को मिले। कप्तान ने परिस्थितियों को समझते हुए पहले पारी को संभाला और बाद में रन गति को बढ़ाया। उनकी इस मैच जिताऊ पारी ने भारत की जीत को आसान बना दिया। गिल अंत तक क्रीज पर टिके रहे और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाकर ही वापस लौटे।

ईशान किशन ने भी भारतीय पारी में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने तेज गति से 34 रन बनाए और लक्ष्य का पीछा करते समय टीम को मजबूत आधार दिया। उनकी पारी ने मध्यक्रम पर दबाव कम करने का काम किया।

अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल ने भी अपना अनुभव दिखाया। राहुल 39 रन बनाकर नाबाद लौटे और कप्तान गिल के साथ मिलकर जीत सुनिश्चित की। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई साझेदारी ने अफगानिस्तान की उम्मीदों को पूरी तरह समाप्त कर दिया। भारतीय टीम ने 22.5 ओवर में सिर्फ 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

मुकाबले के दौरान धर्मशाला का मौसम भी चर्चा का विषय बना रहा। बारिश के कारण मैच की शुरुआत और ओवरों की संख्या प्रभावित हुई। हालांकि बाद में मौसम साफ होने पर खेल सुचारू रूप से संपन्न हुआ। सीमित ओवरों के इस मुकाबले में बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी, लेकिन भारतीय टीम ने परिस्थितियों के अनुसार बेहतर प्रदर्शन किया।

इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। टीम इंडिया अब दूसरे वनडे में सीरीज जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। दूसरी ओर अफगानिस्तान की टीम वापसी की कोशिश करेगी और सीरीज को बराबरी पर लाने का लक्ष्य रखेगी।

भारतीय टीम प्रबंधन के लिए इस मुकाबले की सबसे सकारात्मक बात युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन रहा। जहां कप्तान शुभमन गिल ने बल्ले से नेतृत्व किया, वहीं नए गेंदबाजों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इससे टीम को भविष्य के लिए अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं।

अफगानिस्तान के लिए भले ही परिणाम निराशाजनक रहा हो, लेकिन रहमानुल्लाह गुरबाज की शानदार शतकीय पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी। उन्होंने दुनिया की मजबूत गेंदबाजी इकाइयों में से एक भारतीय आक्रमण के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और साबित किया कि वह सीमित ओवरों के क्रिकेट के खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल हैं।

अब दोनों टीमें 17 जून को लखनऊ में होने वाले दूसरे वनडे मुकाबले में आमने-सामने होंगी। भारत की नजर सीरीज अपने नाम करने पर होगी, जबकि अफगानिस्तान जीत दर्ज कर मुकाबले को निर्णायक मैच तक ले जाने की कोशिश करेगा। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि अगला मुकाबला भी इसी तरह रोमांच और बेहतरीन प्रदर्शन से भरपूर रहेगा।