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बांग्लादेश में राम मंदिर को लेकर विवाद तेज, हिंदू संगठनों ने निकाला मार्च; 64 जिलों में मंदिर निर्माण का दावा

बांग्लादेश में भगवान राम की मूर्ति और मंदिर निर्माण को लेकर विवाद अब बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। ढाका समेत कई इलाकों में हिंदू समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान के मामले में कार्रवाई की मांग की और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।

शुक्रवार को राजधानी ढाका में बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों, छात्रों और श्रद्धालुओं ने मशाल जुलूस निकाला। यह मार्च शाहबाग चौराहे से शुरू होकर नेशनल प्रेस क्लब तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक नारों के साथ कथित अपमान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना था कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं पर सरकार को तुरंत कदम उठाना चाहिए।

81 फीट ऊंची राम प्रतिमा को लेकर शुरू हुआ विवाद

पूरा मामला बांग्लादेश के गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी क्षेत्र से जुड़ा है, जहां भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की योजना बनाई जा रही थी। इस परियोजना का संचालन श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति द्वारा किया जा रहा है। समिति का आरोप है कि कुछ इस्लामिक समूहों की आपत्तियों और धमकियों के बाद मूर्ति निर्माण का काम रोकना पड़ा।

मूर्ति निर्माण रुकने के बाद हिंदू समुदाय में नाराजगी बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस प्रोजेक्ट का विरोध किया जा रहा है और प्रशासन को सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

ढाका में हजारों लोगों ने जताया विरोध

हिंदू संगठनों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। साथ ही बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू समुदाय के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की अपील की गई।

वहीं, रंगपुर में भी प्रदर्शन की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प की खबर सामने आई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

तस्वीर के अपमान को लेकर भड़का आक्रोश

बताया जा रहा है कि इस महीने की शुरुआत में गाइबांधा में राम मंदिर और प्रतिमा निर्माण के विरोध में प्रदर्शन हुआ था। इसी दौरान भगवान राम की तस्वीर के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार किए जाने का आरोप लगा। घटना को लेकर मामला दर्ज किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अभी तक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

हिंदू संगठनों का कहना है कि बांग्लादेश के सभी 64 जिलों में भगवान राम के मंदिर निर्माण की इच्छा जताई जा रही है और यह मुद्दा अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ अल्पसंख्यक सुरक्षा से भी जुड़ गया है। इस विवाद के बाद बांग्लादेश में धार्मिक सौहार्द और अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।