फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ब्राजील ने जीत का खाता खोल लिया है। 5 बार की विश्व चैंपियन टीम ने ग्रुप-सी के मुकाबले में हैती को 3-0 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ ब्राजील अपने ग्रुप में पहले स्थान पर पहुंच गई, वहीं हैती लगातार दूसरी हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई।
मैनचेस्टर यूनाइटेड के स्टार फॉरवर्ड माथियस कुन्हा ने मुकाबले में शानदार खेल दिखाया और दो गोल दागकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। कुन्हा ने 23वें और 36वें मिनट में गोल किए। इसके अलावा विनीसियस जूनियर ने भी स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया। ब्राजील अब 24 जून को स्कॉटलैंड के खिलाफ मैदान पर उतरेगी, जबकि हैती का अगला मुकाबला मोरक्को से होगा।
पहले हाफ में ही ब्राजील ने तय कर दी जीत
मैच की शुरुआत से ही ब्राजील ने आक्रामक खेल दिखाया। 23वें मिनट में विनीसियस जूनियर के शॉट को गोल पोस्ट ने रोक दिया, लेकिन रिबाउंड पर कुन्हा ने मौका नहीं गंवाया और गेंद को नेट में पहुंचाकर टीम को बढ़त दिलाई।
इसके बाद 36वें मिनट में विनीसियस जूनियर ने शानदार पास दिया, जिसे कुन्हा ने बेहतरीन फिनिश के साथ गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ ब्राजील की बढ़त 2-0 हो गई।
पहले हाफ के खत्म होने से पहले ब्राजील ने तीसरा गोल भी कर दिया। लुकस पेक्वेटा के शानदार फ्लिक पास के बाद विनीसियस जूनियर ने डबल टच करते हुए गेंद को हैती के गोलकीपर एलेक्जेंडर प्लेसिड के पैरों के बीच से निकालकर गोल कर दिया।
विनीसियस बने प्लेयर ऑफ द मैच
हालांकि दो गोल कुन्हा ने किए, लेकिन पूरे मैच में अपनी शानदार परफॉर्मेंस के कारण विनीसियस जूनियर को ‘सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने गोल करने के साथ-साथ टीम के लिए कई मौके भी बनाए।
ब्राजील ने बनाया खास वर्ल्ड कप रिकॉर्ड
इस मुकाबले में तीन गोल करने के साथ ब्राजील ने 24 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले टीम ने 2002 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज में चीन के खिलाफ 4 और कोस्टा रिका के खिलाफ 5 गोल किए थे।
ब्राजील वर्ल्ड कप इतिहास में अब तक 41 बार एक मैच में तीन या उससे ज्यादा गोल कर चुकी है, जो किसी भी देश का सबसे बड़ा आंकड़ा है। साथ ही टीम वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाली टीम भी बन गई है। ब्राजील के नाम अब 116 मैचों में 241 गोल हैं, जबकि जर्मनी के 239 गोल हैं।
दूसरे हाफ में हैती नहीं कर सकी वापसी
दूसरे हाफ में हैती ने मुकाबले में लौटने की कोशिश जरूर की, लेकिन ब्राजील की मजबूत डिफेंस लाइन के सामने उसे ज्यादा मौके नहीं मिले। गोलकीपर और डिफेंस ने मिलकर हैती के हर हमले को रोक दिया।
1974 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही हैती की टीम दो मुकाबले हारने के बाद अब नॉकआउट की रेस से बाहर हो चुकी है।