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ब्रेन ट्यूमर के संकेत समझना है जरूरी, शरीर में दिखने वाले इन बदलावों को न करें अनदेखा

अक्सर लोग सिरदर्द, भूलने की समस्या या व्यवहार में बदलाव जैसी परेशानियों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। उन्हें लगता है कि यह तनाव, व्यस्त जीवनशैली या बढ़ती उम्र का असर है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार कुछ मामलों में यही लक्षण ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी की ओर भी इशारा कर सकते हैं। समय रहते बीमारी की पहचान हो जाए तो इलाज अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।

न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण गुप्ता का कहना है कि ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती संकेत कई बार धीरे-धीरे सामने आते हैं, इसलिए इनके प्रति सतर्क रहना जरूरी है।

चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है संकेत
यदि किसी व्यक्ति को अचानक संतुलन बनाने में दिक्कत होने लगे, बार-बार ठोकर लगे या चलते समय लड़खड़ाहट महसूस हो, तो इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह मस्तिष्क से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है।

हाथ-पैरों में कमजोरी या सुन्नपन
शरीर के किसी एक हिस्से में सुन्नपन, हाथों से चीजें पकड़ने में कठिनाई या अचानक कमजोरी महसूस होना भी चेतावनी का संकेत माना जाता है। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

दृष्टि संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं वजह
बिना किसी स्पष्ट कारण के नजर धुंधली होना, चीजों का दोहरा दिखाई देना या देखने की क्षमता में बदलाव आना केवल आंखों की बीमारी नहीं हो सकती। कुछ प्रकार के ब्रेन ट्यूमर दृष्टि को नियंत्रित करने वाले हिस्सों को प्रभावित कर सकते हैं।

व्यवहार और स्वभाव में बदलाव
अगर किसी व्यक्ति का स्वभाव अचानक बदलने लगे, चिड़चिड़ापन बढ़ जाए, गुस्सा अधिक आने लगे या वह सामाजिक गतिविधियों से दूरी बनाने लगे, तो इसे भी गंभीरता से लेना चाहिए। कई बार परिवार के सदस्य ऐसे बदलाव सबसे पहले महसूस करते हैं।

ध्यान लगाने और याद रखने में कठिनाई
रोजमर्रा की बातें भूलना, एकाग्रता में कमी आना या निर्णय लेने में परेशानी होना केवल मानसिक थकान का परिणाम नहीं होता। मस्तिष्क के कुछ हिस्सों पर दबाव पड़ने से याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

लगातार बढ़ता सिरदर्द
हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का संकेत नहीं होता, लेकिन यदि दर्द पहले की तुलना में ज्यादा होने लगे, समय के साथ बढ़ता जाए या सुबह उठते ही अधिक महसूस हो, तो इसकी जांच करवाना बेहतर रहता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन लक्षणों का दिखना हमेशा ब्रेन ट्यूमर होने का प्रमाण नहीं है। हालांकि यदि इनमें से एक या अधिक संकेत लंबे समय तक बने रहें या उनकी तीव्रता बढ़ती जाए, तो न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए। एमआरआई और अन्य जांचों के जरिए सही कारण का पता लगाया जा सकता है।

नोट: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, उपचार या जीवनशैली में बदलाव से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।