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The Scoopp

 

लुधियाना में शिक्षा को नई रफ्तार, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दो नए स्कूल ऑफ एमिनेंस किए समर्पित

पंजाब सरकार ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए लुधियाना को दो नए स्कूल ऑफ एमिनेंस की सौगात दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को किदवई नगर और मिलर गंज में आधुनिक सुविधाओं से लैस इन दोनों स्कूलों का उद्घाटन किया। इन नए परिसरों के शुरू होने के बाद लुधियाना में स्कूल ऑफ एमिनेंस की कुल संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जिससे यह राज्य का ऐसा पहला जिला बन गया है जहां सबसे अधिक स्कूल ऑफ एमिनेंस संचालित हो रहे हैं। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को साझा किया और कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से पंजाब का भविष्य मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नए स्कूल बनाना नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा को उस स्तर तक पहुंचाना है जहां किसी भी परिवार को अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए निजी स्कूलों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी स्कूलों के ढांचे, शिक्षण प्रणाली और संसाधनों में व्यापक बदलाव किए गए हैं, जिसका सकारात्मक असर अब साफ दिखाई देने लगा है। इसी वजह से बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करवाने के लिए आगे आ रहे हैं।

सरकार के अनुसार, किदवई नगर और मिलर गंज में तैयार किए गए इन दोनों स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विशाल और आधुनिक कक्षाओं के अलावा विज्ञान प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लासरूम, ऑडिटोरियम और अन्य शैक्षणिक संसाधन विकसित किए गए हैं ताकि छात्रों को बेहतर सीखने का वातावरण मिल सके। इन परिसरों का उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए आधुनिक शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना भी है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि शिक्षा में किए गए निवेश का असर अब पूरे राज्य में दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि पहले जिन सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सवाल उठते थे, आज वहीं स्कूल नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम और नई शिक्षण तकनीकों को अपनाने से शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यही कारण है कि लोगों का भरोसा सरकारी स्कूलों की ओर लगातार बढ़ रहा है।

पंजाब ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके मुताबिक, राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति में बड़ा सुधार करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल रैंकिंग में आगे बढ़ना नहीं, बल्कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है ताकि भविष्य में शिक्षित, सक्षम और नशा-मुक्त पंजाब का निर्माण किया जा सके।

उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने दोनों स्कूल परिसरों का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं तथा विज्ञान से जुड़े प्रयोगों के बारे में जानकारी ली। विज्ञान प्रयोगशालाओं और अन्य आधुनिक सुविधाओं का अवलोकन करते हुए उन्होंने अधिकारियों से भी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने छात्रों को मेहनत के साथ पढ़ाई करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और स्कूल स्टाफ से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षा व्यवस्था की सफलता केवल भवनों से नहीं, बल्कि शिक्षकों की मेहनत और समर्पण से तय होती है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा देने में उनका योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार भविष्य में भी शिक्षकों के प्रशिक्षण और संसाधनों पर विशेष ध्यान देती रहेगी ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई छात्रों ने उनसे मुलाकात कर ऑटोग्राफ लिए, जबकि कुछ विद्यार्थियों ने अपने हाथों से तैयार किए गए चित्र और स्केच उन्हें भेंट किए। मुख्यमंत्री ने बच्चों के इस स्नेह को स्वीकार करते हुए उनकी रचनात्मकता की सराहना की। कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे बदलावों की प्रशंसा की। कई अभिभावकों का कहना था कि सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ने से अब उन्हें अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं रहती।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी अपनी खुशी साझा की। उन्होंने लिखा कि लुधियाना में नए स्कूल ऑफ एमिनेंस भवनों का उद्घाटन उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों का बेहतर वातावरण और आधुनिक सुविधाएं निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी आकर्षित कर रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस वर्ष सरकारी स्कूलों के सैकड़ों विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है, जो सरकारी शिक्षा व्यवस्था में आए बदलाव का प्रमाण है।

इस वर्ष सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि 125 से अधिक छात्रों ने जेईई मेन्स परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां इस बात का संकेत हैं कि यदि विद्यार्थियों को सही वातावरण और उचित संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे किसी भी स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में और अधिक छात्र राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लुधियाना पहले ही पंजाब की औद्योगिक राजधानी के रूप में अपनी पहचान रखता है और अब शिक्षा के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल ऑफ एमिनेंस की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उनके अनुसार, इन स्कूलों के माध्यम से शहर के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।

स्कूल ऑफ एमिनेंस मॉडल ने शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक असमानता को काफी हद तक कम करने का काम किया है। पहले जहां बेहतर सुविधाएं केवल महंगे निजी स्कूलों तक सीमित थीं, वहीं अब सामान्य परिवारों के बच्चों को भी अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लासरूम और उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण सरकारी स्कूलों में उपलब्ध हो रहा है। इससे शिक्षा का स्तर बढ़ने के साथ-साथ सामाजिक समानता को भी मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले समय में भी शिक्षा क्षेत्र में निवेश जारी रखेगी। नए स्कूलों के निर्माण, मौजूदा स्कूलों के उन्नयन, डिजिटल शिक्षा, खेल सुविधाओं और विद्यार्थियों के कौशल विकास पर लगातार काम किया जाएगा। उनका मानना है कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राज्य के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है और इसी सोच के साथ पंजाब सरकार आगे बढ़ रही है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पूरी लगन और अनुशासन के साथ पढ़ाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और प्रशासक बनेगा। इसलिए सरकार का उद्देश्य हर बच्चे को ऐसा शैक्षणिक वातावरण देना है, जहां उसकी प्रतिभा पूरी तरह निखर सके। उन्होंने विश्वास जताया कि स्कूल ऑफ एमिनेंस की यह पहल भविष्य में पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करेगी तथा राज्य के विद्यार्थियों को नए अवसर प्रदान करेगी।