नेपाल में आई भीषण बाढ़ और उसके बाद मची तबाही के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने राहत और बचाव अभियान में जुटे लोगों को भी हैरान कर दिया है। त्रिशूली 3A जलविद्युत परियोजना की सुरंग में कई दिनों से फंसे लोगों में से दो युवकों को आखिरकार जिंदा बाहर निकाल लिया गया है। करीब नौ दिनों तक सुरंग के भीतर फंसे रहने के बाद संजय शाह को सुरक्षित बाहर लाया गया। इसके बाद एक और युवक को भी जीवित निकालने में बचाव दल कामयाब रहा।
इतने लंबे समय तक अंधेरे, मलबे और बेहद कठिन परिस्थितियों के बीच किसी व्यक्ति का जिंदा मिलना रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक लंबे समय तक कोई सीधी मदद नहीं पहुंच सकी थी। ऐसे में बचाव दल को जब भीतर से इंसानी आवाजें सुनाई दीं तो अभियान को नई उम्मीद मिली।
रेस्क्यू के बाद संजय शाह की तत्काल मेडिकल जांच शुरू कर दी गई। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति का आकलन कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, संजय ने सुरंग के अंदर फंसे अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी है। इससे बचाव दल का ध्यान अब उन लोगों तक पहुंचने पर है, जो अभी भी अंदर मौजूद हो सकते हैं।
सुरंग के भीतर से आई आवाज ने जगाई उम्मीद
रेस्क्यू अभियान के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मोड़ उस वक्त आया, जब बचाव दल को सर्च शाफ्ट के जरिए सुरंग के अंदर से आवाज सुनाई दी। कई दिनों से लापता लोगों की तलाश में जुटी टीम के लिए यह आवाज किसी बड़ी उम्मीद से कम नहीं थी। टीम ने अंदर मौजूद लोगों से बातचीत करने की कोशिश की और उन्हें भरोसा दिलाया कि उन्हें बचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
बचाव कर्मियों ने अंदर फंसे लोगों से कहा कि वे घबराएं नहीं, टीम उन्हें बाहर निकालने के लिए पहुंच रही है। इसके जवाब में अंदर से ‘ठीक है’ सुनाई दिया। इस संवाद के बाद यह लगभग स्पष्ट हो गया कि सुरंग के भीतर लोग अभी जीवित हैं। इसके बाद सेना और सुरक्षा बलों ने बचाव अभियान को और तेज कर दिया।
अंदर से एक से ज्यादा लोगों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद रेस्क्यू टीम के सामने चुनौती और बड़ी हो गई। उन्हें सुरंग की स्थिति, मलबे और अंदर तक पहुंचने के रास्ते को ध्यान में रखते हुए बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ा।
संजय शाह को सबसे पहले निकाला गया बाहर
काफी मशक्कत के बाद बचाव दल ने संजय शाह नाम के एक युवक को सुरंग से बाहर निकालने में सफलता हासिल की। नौ दिनों तक भीतर फंसे रहने के बाद उनका बाहर आना अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रहा। उन्हें बाहर निकालते ही मेडिकल टीम ने अपने कब्जे में लिया और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जांच शुरू की।
संजय के जीवित मिलने से बचाव दल को यह भरोसा भी मिला कि सुरंग के भीतर अन्य लोगों के बचने की संभावना अभी कायम है। इसी वजह से अभियान को रोकने के बजाय और तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
संजय से मिली शुरुआती जानकारी के आधार पर बचाव दल को सुरंग के भीतर मौजूद अन्य लोगों के बारे में सुराग मिलने की उम्मीद है। हालांकि, उनके बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
दूसरे युवक को भी मिली जिंदगी
संजय शाह के बाहर आने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में एक और बड़ी सफलता मिली। बचाव दल ने एक अन्य युवक को भी जिंदा सुरंग से बाहर निकाल लिया। लगातार दो लोगों को सुरक्षित निकालने के बाद अभियान में जुटे लोगों का मनोबल बढ़ा है।
नौ दिनों तक किसी सुरंग या बंद ढांचे के भीतर फंसे रहने के बाद किसी व्यक्ति का जीवित मिलना अपने आप में बेहद असाधारण स्थिति है। यही वजह है कि इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर भी लोगों में राहत और उम्मीद का माहौल है।
रेस्क्यू टीम के लिए अभी सबसे बड़ा लक्ष्य उन सभी लोगों तक पहुंचना है, जिनके सुरंग के भीतर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। टीम किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचते हुए आगे बढ़ रही है, क्योंकि मलबे और क्षतिग्रस्त ढांचे के कारण अंदर जाना जोखिम भरा हो सकता है।
सांसद श्रीराम न्यौपाने ने दी जानकारी
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के सांसद और इंजीनियर श्रीराम न्यौपाने ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। उन्होंने बताया कि सर्ज शाफ्ट के अंदर से संजय शाह को जिंदा बचा लिया गया है। साथ ही यह भी जानकारी सामने आई कि वहां अभी कुछ और लोगों के मौजूद होने की संभावना है।
न्यौपाने के मुताबिक बचाव दल को पहले सुरंग के भीतर से आवाजें सुनाई दी थीं। इसके बाद टीम ने अंदर फंसे लोगों के साथ संपर्क स्थापित किया। जब वहां से जवाब मिला तो रेस्क्यू ऑपरेशन को नई दिशा मिली।
बचाव दल के लिए यह पल इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि कई दिनों की तलाश के बाद पहली बार उन्हें इस बात का ठोस संकेत मिला कि सुरंग में फंसे कुछ लोग अभी जीवित हैं। आवाज मिलने के बाद टीम ने अंदर तक पहुंचने के प्रयास तेज किए और आखिरकार लोगों को बाहर निकालने में कामयाबी मिली।
नेपाली सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स ने संभाला मोर्चा
इस मुश्किल ऑपरेशन में नेपाली सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवानों की अहम भूमिका रही। बाढ़ के बाद कई इलाकों में रास्ते बाधित होने और परियोजना के ढांचों को नुकसान पहुंचने के कारण राहत एवं बचाव कार्य आसान नहीं था।
सुरंग के भीतर मौजूद लोगों तक पहुंचने के लिए बचाव दल को बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। मलबे और पानी के खतरे के बीच टीम ने सर्च शाफ्ट के जरिए अंदर मौजूद लोगों का पता लगाने की कोशिश की। आवाज सुनाई देने के बाद यह कोशिश और महत्वपूर्ण हो गई।
बचाव अभियान में शामिल कर्मियों को हर कदम सावधानी से उठाना पड़ा, क्योंकि अंदर की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित नहीं थी। इसके बावजूद टीम ने प्रयास जारी रखे और दो लोगों को जिंदा बाहर निकालने में सफलता हासिल की।
26 अगस्त की बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ है। त्रिशूली नदी घाटी में अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए।
बाढ़ का असर जलविद्युत परियोजनाओं के साथ-साथ प्रमुख सड़क मार्गों पर भी पड़ा। कई स्थानों पर मलबा जमा हो गया और संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई। ऐसी परिस्थितियों में लापता लोगों तक पहुंचना बचाव एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
बाढ़ के बाद से ही राहत और खोज अभियान लगातार चलाए जा रहे थे। सुरंगों और अन्य बंद ढांचों में किसी के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव दल अलग-अलग स्थानों पर तलाश कर रहे थे। त्रिशूली 3A परियोजना की सुरंग में लोगों के फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद यहां भी खोज अभियान जारी रखा गया।
अब भी जारी है लोगों की तलाश
दो युवकों को जिंदा बाहर निकालने के बाद रेस्क्यू टीम की जिम्मेदारी खत्म नहीं हुई है। बल्कि अब अभियान का अगला और सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू हो गया है। संजय शाह से मिली जानकारी के आधार पर सुरंग के भीतर मौजूद अन्य लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
बचाव दल को उम्मीद है कि यदि सुरंग के कुछ हिस्सों में लोग अब भी सुरक्षित हैं तो उन्हें भी बाहर निकाला जा सकता है। हालांकि अंदर की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना आसान नहीं है। इसलिए टीम पूरी सतर्कता के साथ अभियान आगे बढ़ा रही है।
नौ दिनों तक जीवन और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद दो युवकों का जिंदा बाहर आना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक बड़ी किरण बनकर सामने आया है। जहां बाढ़ ने भारी तबाही मचाई, वहीं त्रिशूली सुरंग से मिली यह खबर बचाव अभियान में जुटे लोगों और प्रभावित परिवारों के लिए राहत लेकर आई है।
फिलहाल सभी की नजरें सुरंग के अंदर चल रहे अभियान पर टिकी हैं। बचाव दल की कोशिश है कि वहां मौजूद हर व्यक्ति तक पहुंचा जाए और ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। दो लोगों को जीवित निकालने की सफलता ने इस उम्मीद को और मजबूत किया है कि मुश्किल हालात के बावजूद अंदर फंसी अन्य जिंदगियों को भी बचाया जा सकता है।