आजकल युवाओं में भी हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले इसे उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब खराब खानपान, तनाव और बैठने वाली जीवनशैली के कारण कम उम्र में ही यह समस्या सामने आ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
सिर्फ फैट नहीं, फैट का प्रकार भी है जिम्मेदार
कोलेस्ट्रॉल केवल ज्यादा तेल या फैट खाने से नहीं बढ़ता, बल्कि यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप किस तरह का फैट ले रहे हैं। शरीर को कुछ अच्छे फैट्स की भी जरूरत होती है, जो अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाते हैं और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करते हैं। ऐसे में बादाम, अखरोट, एवोकाडो और ऑलिव ऑयल को डाइट में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है।
लंबे समय तक बैठना बन सकता है खतरा
आज की लाइफस्टाइल में लोग घंटों एक ही जगह बैठे रहते हैं, जिससे शरीर की एक्टिविटी कम हो जाती है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि हर घंटे कम से कम 5 मिनट टहलना चाहिए, ताकि शरीर सक्रिय रहे और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में बना रहे।
घरेलू उपाय भी कर सकते हैं मदद
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए कुछ घरेलू चीजें भी असरदार हो सकती हैं। जैसे रात में भिगोकर रखी गई लहसुन की कलियां सुबह खाने से फायदा मिलता है। अलसी का पाउडर, मेथी दाना और दालचीनी भी लाभकारी माने जाते हैं। इसके अलावा अर्जुन की छाल का काढ़ा आयुर्वेद में दिल के लिए अच्छा माना गया है।
तेल और खाने की आदतों में बदलाव जरूरी
रिफाइंड ऑयल की जगह सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी का सीमित मात्रा में इस्तेमाल बेहतर होता है। वहीं, चुकंदर का सलाद और हल्का भोजन भी कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद करता है।
रात के खाने में रखें खास ध्यान
डिनर हमेशा हल्का और संतुलित होना चाहिए, क्योंकि इसका असर सीधे पाचन और मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है। ओट्स, दलिया, हरी सब्जियां जैसे पालक, लौकी और तोरई को रात के भोजन में शामिल करना फायदेमंद है। साथ ही, मूंग दाल, मसूर, टोफू, पनीर और स्प्राउट्स जैसे प्रोटीन स्रोत भी जरूरी हैं।
इन चीजों से बनाएं दूरी
तला-भुना खाना, फास्ट फूड, ज्यादा नमक और चीनी, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसलिए बेहतर है कि घर का बना सादा खाना ही खाया जाए, ताकि दिल स्वस्थ बना रहे।