The Scoopp

 

होर्मुज स्ट्रेट पर फिर बढ़ा तनाव, ईरान ने बंद होने की खबरों को बताया गलत; जहाजों को 48 घंटे पहले देनी होगी जानकारी

इजरायल के ताजा हमलों के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हलचल तेज हो गई है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ईरान ने एक बार फिर इस अहम एनर्जी रूट को बंद करने का आदेश दे दिया है। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन खबरों को खारिज करते हुए साफ किया कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं किया गया है।

ईरानी अधिकारियों ने बताया कि समुद्री यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए नया नियम लागू किया गया है। इसके तहत होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को अब इलाके में पहुंचने से कम से कम 48 घंटे पहले अनुमति के लिए जरूरी जानकारी देनी होगी।

ईरान का आरोप- समझौते का उल्लंघन हुआ

तेहरान ने दावा किया कि अमेरिका ने दोनों देशों के बीच हुए युद्धविराम समझौते की भावना के खिलाफ कदम उठाए हैं। इसी वजह से क्षेत्र में तनाव बढ़ा है। इससे पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज को बंद करने का निर्देश दिया है।

समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगों से बढ़ी मुश्किल

होर्मुज स्ट्रेट में सबसे बड़ी परेशानी समुद्री बारूदी सुरंगों और सुरक्षा खतरे को लेकर बनी हुई है। टैंकर ऑपरेटरों के संगठन के मुताबिक इस समुद्री मार्ग के मुख्य हिस्से में करीब 80 माइन्स मौजूद हैं, जिन्हें हटाए बिना सामान्य जहाज संचालन मुश्किल रहेगा।

मरीन विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही युद्धविराम जारी रहे, लेकिन इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही पहले जैसी सामान्य होने में समय लग सकता है। इंटरटैंको के मरीन डायरेक्टर फिल बेल्चर ने कहा कि स्ट्रेट का मुख्य रास्ता अभी भी जोखिम भरा बना हुआ है।

खाड़ी में फंसे हजारों नाविक

तनाव के दौरान खाड़ी क्षेत्र में करीब 20 हजार नाविक प्रभावित हुए थे। कुछ जहाजों ने अमेरिकी मदद से वैकल्पिक रास्तों से निकलने की कोशिश की, जबकि कई जहाजों ने ईरानी जलक्षेत्र से गुजरने के लिए अनुमति और शुल्क का सहारा लिया।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल और गैस व्यापार मार्गों में से एक है, इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।