फुटबॉल विश्व कप में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। अटलांटा स्टेडियम में खेले गए बेहद रोमांचक मुकाबले में टीम ने मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। खास बात यह रही कि अर्जेंटीना मुकाबले के 78वें मिनट तक दो गोल से पीछे चल रही थी और उसकी हार लगभग तय मानी जा रही थी। लेकिन इसके बाद केवल 13 मिनट के भीतर टीम ने तीन गोल दागकर पूरे मैच की कहानी बदल दी और शानदार जीत अपने नाम कर ली।
इस मुकाबले ने दर्शकों को आखिरी मिनट तक रोमांचित रखा। शुरुआत से ही मिस्र ने आक्रामक खेल दिखाया और अर्जेंटीना की मजबूत टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। दूसरी ओर, अर्जेंटीना को शुरुआती समय में कई मौके मिले, लेकिन टीम उनका फायदा नहीं उठा सकी। पहले हाफ में कप्तान लियोनेल मेसी के पास पेनाल्टी के जरिए बराबरी करने का सुनहरा अवसर था, लेकिन मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शौबीर ने शानदार बचाव करते हुए उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया।
मैच के शुरुआती मिनटों में मिस्र ने अपने इरादे साफ कर दिए थे। 15वें मिनट में यासिर इब्राहिम ने अर्जेंटीना के डिफेंस को चकमा देते हुए शानदार गोल दागा और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद अर्जेंटीना ने लगातार आक्रमण किए, लेकिन मिस्र की रक्षापंक्ति और गोलकीपर दोनों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कोर में कोई बदलाव नहीं होने दिया।
पहले हाफ के अंत तक अर्जेंटीना बराबरी करने के लिए संघर्ष करती रही, लेकिन मिस्र का आत्मविश्वास लगातार बढ़ता गया। टीम ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और हर जवाबी हमले को प्रभावी ढंग से रोका। अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ियों को भी मिस्र के डिफेंस ने खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
दूसरे हाफ में भी मिस्र ने अपनी रणनीति नहीं बदली। उसने रक्षात्मक होने के बजाय लगातार अटैक जारी रखा। इसका फायदा उसे 67वें मिनट में मिला, जब मुस्तफा जीको ने शानदार फील्ड गोल करते हुए स्कोर 2-0 कर दिया। इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को लगने लगा कि मौजूदा विश्व चैंपियन का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा।
78वें मिनट तक अर्जेंटीना के खिलाड़ी दबाव में दिखाई दे रहे थे। टीम को जीत तो दूर, बराबरी की उम्मीद भी मुश्किल नजर आ रही थी। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने विश्व कप इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।
79वें मिनट में अर्जेंटीना को पहला गोल मिला। कप्तान मेसी ने बेहतरीन क्रॉस दिया, जिस पर क्रिस्टियन रोमेरो ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया। इस गोल ने टीम में नई ऊर्जा भर दी और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास अचानक बढ़ गया।
पहले गोल के केवल चार मिनट बाद अर्जेंटीना ने फिर हमला बोला। इस बार कप्तान लियोनेल मेसी ने अपनी काबिलियत का शानदार नमूना पेश करते हुए 83वें मिनट में गोल दाग दिया। मेसी के इस गोल के साथ स्कोर 2-2 हो गया और मुकाबला पूरी तरह खुल गया। कुछ मिनट पहले तक जीत के करीब पहुंच चुकी मिस्र की टीम अचानक दबाव में आ गई।
बराबरी के बाद अर्जेंटीना ने जीत के लिए लगातार आक्रमण जारी रखा। इंजरी टाइम में टीम को निर्णायक मौका मिला। अतिरिक्त समय के तीसरे मिनट में मार्टिनेज के सटीक क्रॉस पर एंजो फर्नांडीज ने शानदार हेडर लगाकर गेंद गोलपोस्ट में पहुंचा दी। यह गोल अर्जेंटीना के लिए जीत का कारण बना और टीम ने 3-2 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
फर्नांडीज का यह गोल कई मायनों में खास रहा। यह फुटबॉल विश्व कप के इतिहास का 3000वां गोल भी बन गया। इस उपलब्धि ने अर्जेंटीना की यादगार जीत को और भी ऐतिहासिक बना दिया।
अर्जेंटीना के लिए यह जीत सिर्फ क्वार्टर फाइनल में पहुंचने भर की नहीं थी, बल्कि यह टीम के जज्बे और कभी हार न मानने वाली मानसिकता का भी शानदार उदाहरण बनी। विश्व कप के इतिहास में पहली बार अर्जेंटीना ने दो गोल से पिछड़ने के बाद मुकाबला जीतने का कारनामा किया है।
कप्तान लियोनेल मेसी ने इस मुकाबले में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। उन्होंने टूर्नामेंट का अपना आठवां गोल किया और गोल्डन बूट की दौड़ में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इसके अलावा विश्व कप में उनके कुल गोलों की संख्या 21 हो गई, जिससे वे प्रतियोगिता के सर्वकालिक सबसे सफल गोल स्कोरर बने हुए हैं।
मेसी ने विश्व कप के नौ अलग-अलग मुकाबलों में गोल करने का रिकॉर्ड भी और मजबूत किया। मैच खत्म होने के बाद भावुक मेसी मैदान पर ही आंसुओं में नजर आए। जीत के बाद उनके चेहरे पर राहत और खुशी दोनों साफ दिखाई दे रही थीं। साथियों ने उन्हें गले लगाकर इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया।
मिस्र की टीम के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। उसने लगभग पूरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और 78 मिनट तक जीत की ओर बढ़ रही थी। गोलकीपर मुस्तफा शौबीर ने कई शानदार बचाव किए और अर्जेंटीना के आक्रमण को लंबे समय तक रोककर रखा। हालांकि अंतिम क्षणों में टीम अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सकी।
यासिर इब्राहिम और मुस्तफा जीको के गोलों ने मिस्र को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था, लेकिन अंतिम 13 मिनट में रक्षापंक्ति पूरी तरह दबाव में आ गई। अर्जेंटीना के लगातार हमलों का जवाब देने में टीम असफल रही और जीत हाथ से निकल गई।
अब अर्जेंटीना का अगला मुकाबला 12 जुलाई को स्विट्जरलैंड से होगा। स्विट्जरलैंड ने भी इस विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 72 साल बाद क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। इससे पहले उसने 1954 में अंतिम आठ में प्रवेश किया था। ऐसे में दोनों टीमों के बीच होने वाला मुकाबला काफी रोमांचक माना जा रहा है।
विश्व कप के क्वार्टर फाइनल की सभी आठ टीमें अब तय हो चुकी हैं। इस बार अंतिम आठ में कई ऐसी टीमें भी पहुंची हैं, जिन्होंने अब तक विश्व कप का खिताब नहीं जीता। इनमें मोरक्को, बेल्जियम, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।
मोरक्को ने भी नया इतिहास रचा है। वह लगातार दूसरे विश्व कप में नॉकआउट चरण तक पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम बन गई है। इससे पहले 2022 में मोरक्को ने सेमीफाइनल तक पहुंचकर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। इस बार भी टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
अर्जेंटीना की यह जीत केवल स्कोरलाइन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह विश्व कप के सबसे यादगार मुकाबलों में शामिल हो गई। आखिरी 13 मिनट में तीन गोल करना, दो गोल से पिछड़ने के बाद जीत दर्ज करना, मेसी का रिकॉर्ड बनाना और फर्नांडीज द्वारा टूर्नामेंट का 3000वां गोल करना—इन सभी घटनाओं ने इस मैच को ऐतिहासिक बना दिया।
अब सभी की नजरें क्वार्टर फाइनल पर टिकी हैं, जहां अर्जेंटीना अपने खिताब बचाने की मुहिम को आगे बढ़ाने के इरादे से मैदान में उतरेगा। यदि टीम इसी तरह जुझारू खेल दिखाती रही, तो वह लगातार दूसरे विश्व कप खिताब की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ा सकती है।