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इंग्लैंड दौरे से पहले रोहित शर्मा ने संभाली तैयारी की कमान, लंदन पहुंचते ही नेट्स में बहाया पसीना

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज की तैयारियों का आगाज तय कार्यक्रम से पहले ही कर दिया है। 14 जुलाई से शुरू होने वाली इस महत्वपूर्ण सीरीज से पहले रोहित लंदन पहुंच चुके हैं और वहां स्थानीय क्रिकेट क्लबों में नियमित अभ्यास कर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। अनुभवी बल्लेबाज का यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वह इंग्लैंड की चुनौती को हल्के में नहीं लेना चाहते और शुरुआती मुकाबले से पहले ही वहां की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को पूरी तरह तैयार करना चाहते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रोहित शर्मा ने लंदन पहुंचने के बाद सबसे पहले बर्कशायर स्थित स्लो क्रिकेट क्लब में नेट्स पर लंबा अभ्यास किया। यहां उन्होंने तेज और स्विंग गेंदबाजी का सामना करते हुए बल्लेबाजी की बारीकियों पर काम किया। इसके बाद उन्होंने स्विनकोम्बे क्रिकेट क्लब में भी अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने अलग-अलग तरह की गेंदबाजी के खिलाफ अपनी तकनीक को और मजबूत बनाने की कोशिश की। इंग्लैंड की पिचें भारतीय परिस्थितियों से काफी अलग मानी जाती हैं। यहां गेंद नई होने पर अधिक स्विंग करती है और मौसम भी लगातार बदलता रहता है। ऐसे में पहले से पहुंचकर अभ्यास करना किसी भी बल्लेबाज के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।

रोहित शर्मा लंबे समय तक भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके हैं और बड़े टूर्नामेंटों में अपने अनुभव के लिए जाने जाते हैं। हालांकि अब उन्होंने टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है और फिलहाल सिर्फ वनडे प्रारूप में ही भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। सीमित ओवरों के इस प्रारूप में वह अभी भी टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। यही वजह है कि आगामी इंग्लैंड सीरीज में उनकी भूमिका बेहद अहम रहने वाली है।

टेस्ट और टी20 क्रिकेट से दूरी बनाने के बाद रोहित का पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट पर केंद्रित है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि किसी एक प्रारूप पर फोकस करने से खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस और तकनीक पर ज्यादा समय देने का मौका मिलता है। रोहित भी इसी रणनीति पर काम कर रहे हैं और इंग्लैंड पहुंचने के बाद उन्होंने टीम के साथ आधिकारिक अभ्यास शुरू होने का इंतजार करने के बजाय खुद ही नेट्स में उतरने का फैसला किया।

इंग्लैंड की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना दुनिया के सबसे कठिन कामों में गिना जाता है। यहां शुरुआती ओवरों में गेंद हवा और पिच दोनों से मूव करती है। ऐसे में बल्लेबाजों को अपने फुटवर्क, धैर्य और शॉट चयन पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। रोहित शर्मा का अनुभव इस चुनौती से निपटने में हमेशा काम आया है। उन्होंने अपने करियर में इंग्लैंड की धरती पर कई यादगार पारियां खेली हैं और यही वजह है कि उनकी तैयारियों पर क्रिकेट प्रेमियों की नजर बनी हुई है।

यदि रोहित के इंग्लैंड में वनडे रिकॉर्ड पर नजर डालें तो आंकड़े उनके शानदार प्रदर्शन की कहानी खुद बयां करते हैं। उन्होंने इंग्लैंड में खेले गए 27 वनडे मुकाबलों में 64.9 की शानदार औसत से 1428 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से सात शतक भी निकले हैं। खास बात यह है कि इंग्लैंड की सरजमीं पर किसी भी विदेशी बल्लेबाज द्वारा वनडे क्रिकेट में लगाए गए शतकों की सूची में रोहित सबसे आगे हैं। यह उपलब्धि बताती है कि उन्हें वहां की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने का भरपूर अनुभव है और वह इन हालात में खुद को सहज महसूस करते हैं।

क्रिकेट जानकारों का मानना है कि रोहित शर्मा की बल्लेबाजी शैली इंग्लैंड में काफी प्रभावी साबित होती है। शुरुआत में संयम के साथ खेलने के बाद वह धीरे-धीरे अपनी लय पकड़ते हैं और फिर बड़े शॉट लगाने में भी पीछे नहीं रहते। उनकी टाइमिंग और लंबे शॉट खेलने की क्षमता उन्हें दुनिया के सबसे सफल वनडे बल्लेबाजों में शामिल करती है।

हाल के महीनों में रोहित शर्मा फिटनेस को लेकर भी चर्चा में रहे थे। अफगानिस्तान के खिलाफ प्रस्तावित सीरीज से पहले वह हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझ रहे थे, जिसके चलते उनकी उपलब्धता पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि उन्होंने चोट से पूरी तरह उबरने के बाद मैदान पर शानदार वापसी की। वापसी के बाद खेले गए चेन्नई वनडे में उन्होंने 79 रन की प्रभावशाली पारी खेलकर यह साबित कर दिया कि उनकी फिटनेस और लय दोनों बरकरार हैं। उस पारी ने टीम प्रबंधन को भी राहत दी थी और अब इंग्लैंड दौरे से पहले वह पूरी तरह फिट नजर आ रहे हैं।

भारतीय टीम के लिए आगामी वनडे सीरीज कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ विदेशी परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करना खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दे सकता है। ऐसे में रोहित शर्मा जैसे अनुभवी बल्लेबाज से टीम को बड़ी उम्मीदें रहेंगी। उनके पास नई गेंद का सामना करने का लंबा अनुभव है और वह बड़े मैचों में जिम्मेदारी निभाने के लिए जाने जाते हैं।

टीम प्रबंधन भी चाहता है कि वरिष्ठ खिलाड़ी शुरुआती मुकाबलों से पहले पूरी तरह तैयार रहें। इसी वजह से रोहित का समय से पहले इंग्लैंड पहुंचना रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अभ्यास के दौरान उन्होंने सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि फिटनेस ड्रिल और कैचिंग अभ्यास पर भी ध्यान दिया। विदेशी दौरे पर छोटी-छोटी तैयारियां भी मैच का परिणाम बदल सकती हैं, इसलिए रोहित किसी भी पहलू में कमी नहीं छोड़ना चाहते।

भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में रोहित शर्मा किस तरह का प्रदर्शन करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने कई बार साबित किया है कि बड़े मंच पर उनका बल्ला अक्सर जमकर बोलता है। अगर वह अपनी लय में नजर आए तो भारतीय टीम की बल्लेबाजी काफी मजबूत दिखाई दे सकती है।

इस बीच भारतीय खेल जगत के लिए एक और अच्छी खबर भी सामने आई है। लगभग 36 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद किसी भारतीय खिलाड़ी ने जूनियर विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि भारतीय टेनिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है और इससे देश में उभरते खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ेगा। क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों का लगातार बेहतर प्रदर्शन देश के खेल परिदृश्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

फिलहाल क्रिकेट प्रशंसकों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी रोहित शर्मा की तैयारियों में बनी हुई है। अनुभवी बल्लेबाज का लक्ष्य इंग्लैंड दौरे की शानदार शुरुआत करना है और इसके लिए उन्होंने समय से पहले पहुंचकर खुद को स्थानीय परिस्थितियों में ढालना शुरू कर दिया है। यदि अभ्यास का यह सिलसिला मैचों में भी सफल प्रदर्शन में बदलता है तो भारतीय टीम को सीरीज में निश्चित रूप से बड़ा फायदा मिल सकता है। अब सभी की नजरें 14 जुलाई से शुरू होने वाली वनडे सीरीज पर हैं, जहां रोहित शर्मा एक बार फिर अपने अनुभव, तकनीक और शानदार बल्लेबाजी से टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाने की कोशिश करेंगे।