फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-ई में शनिवार का दिन जबरदस्त उतार-चढ़ाव भरा रहा, जहां जर्मनी ने एक कठिन मैच में आइवरी कोस्ट को 2-1 से मात देकर अगले चरण यानी नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं दूसरे मुकाबले में इक्वाडोर और कुरासाओ के बीच खेला गया मैच बिना किसी गोल के 0-0 पर समाप्त हुआ, लेकिन इस ड्रॉ ने कुरासाओ के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कर दी।
टोरंटो में खेले गए पहले मैच में शुरुआत आइवरी कोस्ट के पक्ष में रही। कप्तान फ्रैंक केसी ने 30वें मिनट में गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई थी, जिससे जर्मनी पहले हाफ तक दबाव में नजर आया। इससे पहले जर्मनी को भी शुरुआती बढ़त लेने का मौका मिला था, लेकिन अलेक्सांद्र पावलोविच का गोल फाउल की वजह से रद्द कर दिया गया। इसके अलावा काई हावर्त्ज का एक और प्रयास भी मान्य नहीं हुआ, जिससे जर्मनी को निराशा हाथ लगी।
हालांकि दूसरे हाफ में मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। जर्मनी के कोच जूलियन नागल्समैन ने लगभग 60वें मिनट के आसपास तीन अहम बदलाव किए, जिनमें डेनिज उंदाव और नादीम अमीरी जैसे खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा गया। ये बदलाव तुरंत असर दिखाने लगे और जर्मनी ने मैच में वापसी शुरू कर दी।
68वें मिनट में नादीम अमीरी के शानदार क्रॉस पर डेनिज उंदाव ने गोल करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद मैच आखिरी क्षणों तक बेहद रोमांचक बना रहा और ऐसा लग रहा था कि मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ रहा है।
लेकिन इंजरी टाइम में जर्मनी ने पूरा खेल पलट दिया। फेलिक्स नमेचा के बेहतरीन पास पर उंदाव ने एक बार फिर शानदार फिनिश करते हुए 94वें मिनट में विजयी गोल दाग दिया और टीम को 2-1 की यादगार जीत दिला दी। इस जीत के साथ जर्मनी ने न केवल तीन अंक हासिल किए बल्कि नॉकआउट राउंड में भी अपनी जगह सुनिश्चित कर ली।
उधर दिन के दूसरे मुकाबले में इक्वाडोर और कुरासाओ के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन दोनों ही टीमें गोल करने में नाकाम रहीं और मैच 0-0 से ड्रॉ पर खत्म हुआ। हालांकि इस परिणाम ने कुरासाओ के लिए इतिहास रच दिया, क्योंकि यह उनके वर्ल्ड कप इतिहास का पहला अंक था।
कुरासाओ के गोलकीपर एलॉय रूम इस मैच के सबसे बड़े हीरो साबित हुए, जिन्होंने एक के बाद एक कई बेहतरीन सेव करते हुए कुल 15 शॉट्स को गोल में बदलने से रोक दिया। उनके शानदार प्रदर्शन की वजह से मजबूत मानी जाने वाली इक्वाडोर टीम भी स्कोर नहीं कर सकी।
इस ड्रॉ के बाद कुरासाओ की टीम की अगले राउंड (लास्ट 32) में पहुंचने की उम्मीदें अभी भी जिंदा हैं, जबकि इक्वाडोर के लिए स्थिति मुश्किल हो गई है और उस पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा बढ़ गया है।
आइवरी कोस्ट के लिए हालांकि अभी सब खत्म नहीं हुआ है। टीम अब भी नॉकआउट की दौड़ में बनी हुई है और उसे अपने अगले ग्रुप मैच में कुरासाओ के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी, तभी वह आगे बढ़ने की उम्मीद बनाए रख सकती है।