उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर और एक्टर अंकित बालियान हत्याकांड से जुड़े मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले बताए जा रहे दो मुख्य शूटर्स को मुठभेड़ में मार गिराया। दोनों बदमाशों की पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) की संयुक्त टीम से मुठभेड़ हुई। कार्रवाई के दौरान दो कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्ध शूटर मोटरसाइकिल पर सवार होकर शामली की ओर पहुंच रहे थे। पुलिस को पहले ही उनके आने की सूचना मिल गई थी। इसके बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग शुरू कर दी गई। तड़के करीब चार बजे पुलिस टीम को बदमाशों की गतिविधि का पता चला। उन्हें रोकने की कोशिश की गई, लेकिन आरोप है कि उन्होंने पुलिस टीम पर गोली चला दी और वहां से भागने लगे।
इसके बाद शुरू हुआ पीछा कई स्थानों से होते हुए शहर के अंदर तक पहुंचा। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने बदमाशों को घेरने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपियों ने लगातार फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। आखिरकार दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।
जिम के बाहर हुई थी अंकित बालियान की हत्या
अंकित बालियान की हत्या के बाद से ही पुलिस इस मामले में शामिल आरोपियों की तलाश कर रही थी। पुलिस के अनुसार, हरियाणवी सिंगर और एक्टर को जिम के बाहर निशाना बनाया गया था। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें सक्रिय की थीं।
हत्या के बाद पुलिस ने शामली जिले में रात के समय निगरानी बढ़ा दी थी। प्रमुख रास्तों और चौराहों पर बैरिकेडिंग के साथ वाहनों की जांच की जा रही थी। संदिग्ध लोगों और वाहनों पर विशेष नजर रखी जा रही थी। इसी अभियान के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि हत्याकांड से जुड़े दो संदिग्ध शूटर इलाके में दाखिल होने वाले हैं।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और STF की टीमों ने संभावित रास्तों पर मोर्चा संभाल लिया। अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया था। इसी बीच मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों की गतिविधि संदिग्ध लगी। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर पुलिस की बात मानने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी।
चेकपोस्ट पर पुलिस को देखते ही शुरू हुई फायरिंग
शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, दोनों बदमाश करीब चार बजे एक पुलिस चेकपोस्ट के पास से गुजरे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। हालांकि, बाइक सवारों ने रुकने के बजाय पुलिस पर गोली चला दी। फायरिंग में पुलिस की गाड़ी भी निशाने पर आ गई और एक गोली वाहन में लगी।
फायरिंग के बाद दोनों संदिग्ध बाइक लेकर तेजी से वहां से निकल गए। पुलिस टीम ने तुरंत उनका पीछा शुरू कर दिया। वायरलेस के जरिए आसपास मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों को भी अलर्ट कर दिया गया। इसके बाद अलग-अलग टीमों ने संभावित रास्तों को घेरना शुरू किया, ताकि बदमाशों को शहर से बाहर निकलने का मौका न मिल सके।
पुलिस के मुताबिक, पीछा करते हुए एक टीम उस स्थान तक पहुंची, जहां कोतवाली के एसएचओ भी चेकिंग अभियान में मौजूद थे। बदमाशों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने वहां भी कथित रूप से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इस दौरान एसएचओ की गाड़ी का शीशा गोली लगने से टूट गया। पुलिसकर्मियों ने खुद को सुरक्षित करते हुए जवाबी कार्रवाई की और बदमाशों को पकड़ने का प्रयास जारी रखा।
शहर की तरफ भागे बदमाश, पुलिस ने घेराबंदी की
फायरिंग के बीच दोनों आरोपी शहर की दिशा में भाग निकले। पुलिस की एक टीम लगातार उनका पीछा कर रही थी, जबकि दूसरी टीम ने आगे के रास्तों पर घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस को अंदेशा था कि बदमाश भीड़भाड़ वाले इलाके या किसी गली में छिपने की कोशिश कर सकते हैं।
इसी दौरान पुलिस की टीम बदमाशों को एक गली के आसपास घेरने में सफल रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खुद को चारों तरफ से घिरा देखकर दोनों आरोपियों ने एक बार फिर पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अचानक हुई फायरिंग के कारण पुलिसकर्मियों को भी अपनी स्थिति बदलनी पड़ी।
मुठभेड़ के दौरान दो कांस्टेबल गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को तत्काल उपचार के लिए शामली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद उनकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों शूटर घायल
पुलिस पर लगातार हो रही फायरिंग के बाद टीम ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान दोनों बदमाशों को गोली लगी और वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। पुलिस ने इलाके को सुरक्षित किया और दोनों को कब्जे में लेकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
दोनों घायलों को शामली के सीएचसी में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी हालत गंभीर थी। इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ वाली जगह से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। बरामदगी की जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अंकित बालियान की हत्या की साजिश में इन दोनों की भूमिका क्या थी और उनके पीछे कौन लोग थे।
हत्या के बाद से ही तलाश में जुटी थीं कई टीमें
अंकित बालियान की हत्या के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई स्तर पर जांच शुरू की थी। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई थी। संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ पुलिस ने दूसरे जिलों में भी संपर्क किया था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ STF को भी सक्रिय किया गया। पुलिस को आशंका थी कि वारदात में शामिल आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए दूसरे स्थानों पर छिप सकते हैं। इसी कारण जिले में आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई थी।
रात के समय विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया था कि संदिग्ध वाहनों और लोगों की गहनता से जांच की जाए। इसी सतर्कता के दौरान पुलिस को दोनों संदिग्ध शूटर्स के शामली की ओर आने की सूचना मिली और इसके बाद ऑपरेशन शुरू किया गया।
अब साजिश के पीछे के लोगों तक पहुंचने की कोशिश
मुठभेड़ में दोनों मुख्य शूटर्स के मारे जाने के बाद पुलिस की जांच अब इस दिशा में आगे बढ़ेगी कि अंकित बालियान की हत्या की वजह क्या थी और इस वारदात को किसके इशारे पर अंजाम दिया गया। पुलिस दोनों मृत आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की भी जानकारी जुटा सकती है।
जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि हत्या से पहले दोनों आरोपियों ने किन लोगों से संपर्क किया था और वारदात के बाद उन्होंने कहां-कहां शरण लेने की कोशिश की। पुलिस उनके मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर सकती है।
फिलहाल शामली पुलिस के लिए यह मुठभेड़ अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में एक अहम कार्रवाई मानी जा रही है। दो संदिग्ध मुख्य शूटर्स के मारे जाने के बावजूद मामले की पूरी तस्वीर सामने आना अभी बाकी है। पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, हथियारों की सप्लाई, संभावित मददगारों और इस वारदात के पीछे मौजूद अन्य लोगों की भूमिका की जांच करेगी।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि घायल दोनों कांस्टेबलों का इलाज कराया जा रहा है। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल पर भी जांच की गई और वहां से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।