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दिनभर बैठे रहना पड़ सकता है भारी, हाई बीपी चुपचाप बना रहा शरीर को बीमार; जानिए इसके संकेत और बचाव

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की दिनचर्या लगातार बिगड़ती जा रही है। घंटों तक बैठे रहना, बाहर का तला-भुना खाना, जरूरत से ज्यादा नमक और चीनी का सेवन, धूम्रपान और शराब जैसी आदतें शरीर को धीरे-धीरे बीमार बना रही हैं। यही वजह है कि हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। सबसे चिंता की बात यह है कि यह बीमारी लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट संकेत के शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जब ब्लड प्रेशर लगातार सामान्य स्तर 120/80 से ऊपर रहने लगे तो उसे हाइपरटेंशन कहा जाता है। यह स्थिति हार्ट अटैक, स्ट्रोक, पैरालिसिस और किडनी रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनियाभर में करोड़ों लोग हाई बीपी की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन उनमें से बड़ी संख्या को लंबे समय तक इसका पता ही नहीं चलता।

बिना लक्षण के बढ़ता है खतरा

हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते। कई लोग सामान्य जीवन जीते रहते हैं, जबकि अंदर ही अंदर शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होने लगते हैं। हालांकि बीपी अधिक बढ़ने पर कुछ संकेत दिखाई दे सकते हैं जैसे तेज सिरदर्द, सीने में दर्द, धुंधला दिखाई देना, चक्कर आना या सांस लेने में परेशानी।

डॉक्टरों का कहना है कि अब यह समस्या केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं और बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है। खराब खानपान, मोटापा और फिजिकल एक्टिविटी की कमी इसके बड़े कारण बन रहे हैं।

खर्राटे और मोटापा भी हो सकते हैं वजह

विशेषज्ञ बताते हैं कि लगातार खर्राटे लेना या स्लीप एप्निया की समस्या भी हाई बीपी का कारण बन सकती है। जो लोग कम चलते-फिरते हैं, एक्सरसाइज नहीं करते या जिनका वजन ज्यादा है, उनमें यह खतरा अधिक रहता है। पेट के आसपास जमा फैट, ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन और तनाव भी ब्लड प्रेशर बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

समय-समय पर जांच है बेहद जरूरी

डॉक्टरों का मानना है कि हाई बीपी का पता लगाने का सबसे सही तरीका नियमित जांच है। केवल लक्षणों के भरोसे रहना खतरनाक हो सकता है। अगर पहली बार बीपी सामान्य से ज्यादा आए तो उसके पीछे के कारणों की जांच जरूरी होती है। मोटापा, स्लीप एप्निया या अन्य बीमारियां भी इसकी वजह हो सकती हैं।

इन संकेतों को नजरअंदाज न करें

अगर शरीर में नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए—

  • तेज सिरदर्द
  • सीने में दर्द
  • चक्कर आना
  • सांस लेने में तकलीफ
  • मतली या उल्टी
  • धुंधला दिखाई देना
  • घबराहट और बेचैनी
  • कानों में आवाज आना
  • नाक से खून बहना
  • दिल की धड़कन अनियमित होना

जीवनशैली में बदलाव से मिल सकता है फायदा

हाई ब्लड प्रेशर से बचाव के लिए रोजमर्रा की आदतों में सुधार बेहद जरूरी माना जाता है। डॉक्टर संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और तनाव कम रखने की सलाह देते हैं।

क्या करें

  • रोजाना कुछ समय वॉक या एक्सरसाइज करें
  • मौसमी फल और हरी सब्जियां ज्यादा खाएं
  • सप्ताह में कम से कम 150 मिनट शारीरिक गतिविधि करें
  • वजन को नियंत्रित रखें
  • पर्याप्त नींद लें
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं नियमित लें

क्या न करें

  • ज्यादा नमक और तला-भुना भोजन
  • धूम्रपान और तंबाकू
  • शराब का अधिक सेवन
  • लंबे समय तक लगातार बैठे रहना
  • दवाओं में लापरवाही

विशेषज्ञों का कहना है कि हाई बीपी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका स्वस्थ जीवनशैली अपनाना है। समय रहते सावधानी बरती जाए तो इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

(Photo : AI Generated)