धनतेरस के शुभ अवसर पर सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए कीमतों में आई गिरावट राहत लेकर आई है। त्योहार के दिन दोनों कीमती धातुओं के बाजार भाव में बड़ी कमी दर्ज की गई है। सोने की कीमत में एक ही दिन में 3,106 रुपये की गिरावट आई है, जबकि चांदी भी 5,437 रुपये सस्ती हो गई है। इस बदलाव के बाद खरीदारों को पहले के मुकाबले कम कीमत पर सोना और चांदी खरीदने का मौका मिल रहा है। हालांकि, बाजार में आगे कीमतों का रुख क्या रहेगा, इस पर निवेशकों और कारोबारियों की नजर बनी हुई है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव घटकर लगभग 1.41 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया है। इससे पिछले कारोबारी दिन इसकी कीमत करीब 1.44 लाख रुपये थी। इस तरह सोने के दाम में 3,106 रुपये की कमी दर्ज की गई। दूसरी ओर, चांदी की कीमत में भी उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली। एक किलो चांदी का भाव 5,437 रुपये टूटकर लगभग 1.81 लाख रुपये पर पहुंच गया है। इससे पहले चांदी करीब 1.87 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही थी।
त्योहारों के दौरान आमतौर पर सोने-चांदी की मांग में तेजी देखने को मिलती है। धनतेरस को विशेष रूप से इन धातुओं की खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है। ऐसे में कीमतों में आई गिरावट उन लोगों के लिए अहम है, जो इस मौके पर गहने, सिक्के या अन्य कीमती वस्तुएं खरीदना चाहते हैं।
इस साल सोने और चांदी का प्रदर्शन रहा बिल्कुल अलग
2026 में अब तक सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। दोनों धातुओं के भाव में आई तेजी और गिरावट ने बाजार को लगातार चर्चा में बनाए रखा है। साल के शुरुआती स्तर से तुलना करें तो सोने की कीमत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि चांदी का भाव नीचे आया है।
31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 1.33 लाख रुपये थी। मौजूदा भाव करीब 1.41 लाख रुपये होने के कारण इसमें लगभग 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यानी साल की शुरुआत के मुकाबले सोना अब भी महंगा है।
इसके उलट चांदी की कीमत में बड़ी कमी देखने को मिली है। पिछले साल के आखिरी दिन एक किलो चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपये था, जो अब घटकर लगभग 1.81 लाख रुपये रह गया है। इस हिसाब से चांदी करीब 49 हजार रुपये सस्ती हो चुकी है।
हालांकि, साल के दौरान दोनों धातुओं ने अपने उच्चतम स्तर भी छुए। 29 जनवरी को सोने का भाव बढ़कर करीब 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। इसी दिन चांदी ने भी जबरदस्त तेजी दिखाते हुए 3.86 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर बनाया था। इसके बाद बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा और कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ गईं।
आखिर अलग-अलग शहरों में क्यों बदल जाता है सोने का रेट?
अक्सर लोग देखते हैं कि एक ही दिन सोने की कीमत अलग-अलग शहरों में एक जैसी नहीं होती। किसी शहर में ज्वेलर्स सोना कुछ कम कीमत पर बेचते हैं, तो किसी दूसरे शहर में वही सोना महंगा मिल सकता है। इसके पीछे केवल बाजार का भाव जिम्मेदार नहीं होता, बल्कि कई स्थानीय और कारोबारी कारण भी कीमत को प्रभावित करते हैं।
1. एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का खर्च
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने के लिए परिवहन और सुरक्षा की व्यवस्था करनी पड़ती है। सोना बेहद कीमती धातु है, इसलिए इसकी ढुलाई सामान्य सामान की तरह नहीं की जाती। इसके लिए सुरक्षित वाहनों, बीमा और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च होता है। दूरी अधिक होने पर परिवहन से जुड़ी लागत भी बढ़ सकती है। कई बार यही अतिरिक्त खर्च स्थानीय बिक्री मूल्य में शामिल कर दिया जाता है।
2. स्थानीय बाजार में मांग और खरीदारी का स्तर
हर राज्य और शहर में सोने की मांग एक जैसी नहीं रहती। दक्षिण भारत में सोने की खपत काफी अधिक मानी जाती है और देश की कुल मांग में इसकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत बताई जाती है। अधिक मांग वाले बाजारों में ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में सोना खरीदते हैं। हालांकि, बड़े स्तर पर खरीदारी होने का मतलब यह नहीं है कि ग्राहकों को हर बार उतनी ही अधिक छूट मिलेगी। स्थानीय प्रतिस्पर्धा और कारोबार की लागत भी अंतिम कीमत को प्रभावित करती है।
3. स्थानीय ज्वेलरी संगठनों की भूमिका
कई शहरों और राज्यों में ज्वेलर्स के स्थानीय संगठन बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दैनिक भाव जारी करते हैं। इन संगठनों के सामने स्थानीय मांग, उपलब्ध स्टॉक और कारोबार की स्थिति जैसे कई पहलू होते हैं। इसी वजह से अलग-अलग क्षेत्रों में सोने के खुदरा रेट में अंतर देखने को मिल सकता है।
4. दुकानदार के पास मौजूद पुराने स्टॉक की कीमत
ज्वेलर्स के पास उपलब्ध सोने का स्टॉक अलग-अलग समय पर खरीदा गया होता है। किसी दुकानदार ने सोना उस समय खरीदा हो सकता है, जब बाजार में कीमत ज्यादा थी, जबकि दूसरे दुकानदार के पास अपेक्षाकृत कम भाव पर खरीदा गया स्टॉक हो सकता है। ऐसे में दोनों के लिए बिक्री मूल्य तय करने का आधार अलग हो सकता है। कारोबारी लागत और मुनाफे को जोड़ने के बाद ग्राहकों को मिलने वाली कीमत में अंतर आ जाता है।
धनतेरस पर सोना खरीदने से पहले इन जरूरी बातों को न करें नजरअंदाज
धनतेरस पर सोना खरीदना केवल धार्मिक परंपरा से जुड़ा फैसला नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण आर्थिक खरीदारी भी है। ऐसे में जल्दबाजी में गहने या सोने के सिक्के खरीदने के बजाय उनकी शुद्धता और कीमत की जांच करना जरूरी है। खासकर पहली बार सोना खरीदने वाले लोगों को कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए।
BIS हॉलमार्क की जांच जरूर करें
सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता की पुष्टि करना सबसे जरूरी कदम है। इसके लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क देखना चाहिए। हॉलमार्क वाले आभूषण पर निर्धारित पहचान संबंधी निशान होते हैं, जिनसे सोने की शुद्धता और उसकी कैरेट श्रेणी की जानकारी मिलती है।
खरीदार को आभूषण पर मौजूद हॉलमार्क और छह अंकों वाले HUID नंबर की जांच करनी चाहिए। यह नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है, यानी इसमें अंग्रेजी अक्षर और अंक दोनों शामिल हो सकते हैं। इसकी प्रामाणिकता BIS Care ऐप के माध्यम से भी जांची जा सकती है। केवल दुकानदार की बात पर भरोसा करने के बजाय खुद भी प्रमाणिकता की पुष्टि करना बेहतर रहता है।
इसके अलावा यह भी समझना जरूरी है कि 24 कैरेट सोना, 22 कैरेट सोना और 18 कैरेट सोना एक समान नहीं होते। 24 कैरेट सोना अधिक शुद्ध होता है, जबकि गहने बनाने के लिए आमतौर पर 22 या 18 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए खरीदारी से पहले यह जान लें कि आप किस कैरेट का आभूषण खरीद रहे हैं।
दुकान पर बताए गए भाव का दूसरी जगह से मिलान करें
सोने की खरीदारी करते समय केवल एक ज्वेलर द्वारा बताए गए रेट को अंतिम कीमत न मानें। खरीदारी वाले दिन IBJA जैसी विश्वसनीय संस्था के प्रकाशित भाव को देख सकते हैं। इसके बाद अलग-अलग दुकानों पर सोने की कीमत की तुलना करें।
यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि बाजार में बताए जाने वाले सोने के भाव और दुकान पर मिलने वाले गहने की अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है। आभूषण की कीमत में मेकिंग चार्ज, लागू टैक्स और अन्य शुल्क शामिल हो सकते हैं। इसलिए बिल बनवाते समय हर खर्च का अलग-अलग विवरण जरूर लें। इससे यह समझने में आसानी होगी कि आप सोने के लिए कितना भुगतान कर रहे हैं और अन्य शुल्क कितने हैं।
चांदी खरीदने वाले कैसे पता लगाएं कि धातु असली है या नकली?
सोने के साथ-साथ चांदी की खरीदारी भी धनतेरस और दिवाली के दौरान काफी बढ़ जाती है। लोग चांदी के सिक्के, बर्तन, मूर्तियां और आभूषण खरीदना पसंद करते हैं। लेकिन बाजार में अलग-अलग गुणवत्ता और शुद्धता वाली चांदी उपलब्ध होती है। ऐसे में कुछ सामान्य परीक्षणों के बारे में जानकारी होना उपयोगी हो सकता है।
1. चुंबक से करें शुरुआती जांच
असली चांदी सामान्य चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होती। अगर किसी चांदी की वस्तु को चुंबक के पास ले जाने पर वह तेजी से चिपक जाती है, तो उसमें दूसरी चुंबकीय धातु होने की आशंका हो सकती है। हालांकि, केवल इस परीक्षण के आधार पर चांदी के असली या नकली होने का अंतिम फैसला नहीं करना चाहिए।
2. बर्फ से पहचानने का तरीका
चांदी गर्मी की अच्छी संवाहक धातुओं में शामिल है। इसी वजह से चांदी की वस्तु पर रखी बर्फ सामान्य परिस्थितियों में तेजी से पिघल सकती है। इस तरीके को आइस टेस्ट कहा जाता है। हालांकि, वस्तु का आकार, तापमान और आसपास का वातावरण भी इस परीक्षण के परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।
3. गंध के जरिए करें जांच
शुद्ध चांदी में आमतौर पर कोई खास धातु जैसी गंध नहीं आती। अगर किसी वस्तु से तेज तांबे जैसी गंध महसूस होती है, तो उसमें दूसरी धातुओं की मिलावट होने की संभावना हो सकती है। फिर भी गंध के आधार पर चांदी की शुद्धता की पुष्टि नहीं की जा सकती।
4. सफेद कपड़े से रगड़कर देखें
चांदी को सफेद कपड़े से हल्के हाथों से रगड़ने पर कभी-कभी कपड़े पर काले रंग का निशान दिखाई दे सकता है। ऐसा चांदी की सतह पर बनने वाली परत के कारण होता है। हालांकि, यह निशान न मिलना भी नकली होने का प्रमाण नहीं है। इसलिए इस तरीके को भी केवल शुरुआती जांच के रूप में ही देखना चाहिए।
त्योहार पर खरीदारी करते समय रखें इन बातों का ध्यान
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन खरीदारी के दौरान समझदारी बरतना भी उतना ही जरूरी है। ग्राहकों को केवल कम कीमत देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। सोने और चांदी की शुद्धता, वजन, हॉलमार्क और खरीदारी का पूरा बिल जरूर जांचना चाहिए।
चांदी की वस्तुओं के मामले में भी उनकी शुद्धता का प्रमाण मांगना चाहिए। अगर बड़ी रकम खर्च कर रहे हैं, तो किसी मान्यता प्राप्त जांच केंद्र से धातु की शुद्धता की पुष्टि करवाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
धनतेरस पर सोने और चांदी के भाव में आई ताजा गिरावट ने खरीदारी करने वालों को राहत जरूर दी है। सोना 3,106 रुपये और चांदी 5,437 रुपये सस्ती हुई है। हालांकि, बाजार में कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए दुकान पर जाने से पहले उसी दिन का ताजा रेट पता करें और सभी शुल्कों की जानकारी लेने के बाद ही खरीदारी का फैसला करें।