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The Scoopp

 

पंजाब में मानसून की रफ्तार थमी, 13 अगस्त तक हल्की बारिश के आसार

पंजाब में मानसून की सक्रियता अब धीरे-धीरे कम होती दिखाई दे रही है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में अगले करीब एक सप्ताह तक मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं रहेगा, लेकिन ज्यादातर इलाकों में बारिश हल्की से मध्यम रहने की संभावना है। शनिवार से लेकर 13 अगस्त तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।

मौसम विभाग के अनुमान से फिलहाल पंजाब में तेज और लगातार बारिश का दौर बनने की संभावना कम है। ऐसे में उन क्षेत्रों को राहत मिल सकती है, जहां हाल के दिनों में भारी बारिश के कारण जलभराव या अन्य परेशानियां सामने आई थीं। हालांकि, बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में होने वाली बारिश के कारण मौसम सुहावना बना रह सकता है।

कई जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने पंजाब के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। खास तौर पर राज्य के उत्तरी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में बादल छाने के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पटियाला और मोहाली में भी मौसम बदल सकता है।

राज्य के बाकी हिस्सों को भी पूरी तरह बारिश से राहत मिलने वाली नहीं है। अमृतसर, जालंधर, बठिंडा, लुधियाना और संगरूर समेत कई अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। बारिश की तीव्रता अलग-अलग स्थानों पर अलग रह सकती है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में पंजाब में बारिश का असर बना रहेगा, लेकिन फिलहाल भारी बारिश जैसी स्थिति की संभावना कम है। इससे तापमान में भी अचानक बढ़ोतरी होने के आसार नहीं हैं।

तापमान पर बारिश का असर

बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के बावजूद पंजाब में तापमान में फिलहाल कोई बड़ी बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई है। शुक्रवार को प्रदेश के औसत तापमान में खास बदलाव नहीं देखा गया। राज्य का औसत तापमान सामान्य से करीब 1.9 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा।

मौसम में नमी और बादलों की मौजूदगी के कारण दिन के तापमान पर भी नियंत्रण बना हुआ है। यही वजह है कि मानसून की सक्रियता कम होने के बावजूद गर्मी ने अभी पूरी तरह जोर नहीं पकड़ा है। आने वाले दिनों में भी हल्की बारिश और बादल छाए रहने के कारण तापमान में बहुत ज्यादा उछाल की संभावना नहीं है।

राज्य में शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया। यहां दिन का पारा 36.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। हालांकि यह तापमान भी प्रदेश के अन्य कई हिस्सों की तुलना में अधिक रहा, लेकिन मानसूनी परिस्थितियों के कारण पूरे राज्य में गर्मी का असर एक जैसा नहीं रहा।

रात के तापमान में मामूली गिरावट

दिन के तापमान के साथ-साथ रात के पारे में भी बहुत बड़ा बदलाव नहीं हुआ। प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में करीब 0.1 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज की गई। लुधियाना में न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

रात के समय कई जिलों में तापमान अपेक्षाकृत सामान्य बना हुआ है। बारिश और बादलों की वजह से कुछ क्षेत्रों में रात के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि फिलहाल मौसम विभाग ने किसी बड़े तापमान परिवर्तन का संकेत नहीं दिया है।

बारिश का सिलसिला हल्का रहने की स्थिति में भी वातावरण में नमी बनी रह सकती है। इससे उमस महसूस हो सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां दिन के समय बारिश नहीं होती और बादल कुछ देर बाद हट जाते हैं।

अमृतसर में 32.6 डिग्री रहा अधिकतम तापमान

पंजाब के प्रमुख शहरों की बात करें तो अमृतसर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, रात के समय यहां न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

लुधियाना में दिन का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह राज्य के कई गर्म इलाकों की तुलना में कम रहा। यहां न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

पटियाला में अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 27.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पठानकोट में दिन का पारा 33.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। यहां न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

एसबीएस नगर में अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस क्षेत्र में दिन का तापमान राज्य के कई अन्य शहरों की तुलना में कम रहा।

फाजिल्का और फिरोजपुर में भी अलग-अलग रहा पारा

फाजिल्का में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह राज्य के अधिक गर्म रहने वाले क्षेत्रों में शामिल रहा। इसके मुकाबले फिरोजपुर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में अंतर का एक कारण स्थानीय मौसम की परिस्थितियां भी हैं। कहीं बादलों की मौजूदगी ज्यादा रही तो कहीं बारिश के कारण तापमान नीचे रहा। इसी वजह से एक ही दिन में राज्य के अलग-अलग शहरों में पारे में कई डिग्री का अंतर देखने को मिला।

बठिंडा में जहां दिन का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री रहा, वहीं रात का न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यानी इस इलाके में दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का असर अपेक्षाकृत अधिक रहा।

रूपनगर में न्यूनतम तापमान सबसे कम क्षेत्रों में

रूपनगर में न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह राज्य के कई अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में कम रहा। बारिश और बादलों की स्थिति के कारण आने वाले दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान इसी तरह सामान्य से नीचे या आसपास बना रह सकता है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है। बारिश होने पर दिन का पारा तेजी से नीचे आ सकता है, जबकि बारिश रुकने और धूप निकलने के बाद उमस के कारण गर्मी दोबारा महसूस हो सकती है।

किसानों के लिए मौसम अहम

पंजाब कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए मानसून की गतिविधियों का सीधा असर खेती पर पड़ता है। अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। जिन इलाकों में खेतों में पर्याप्त नमी है, वहां अत्यधिक बारिश न होने से जलभराव का खतरा कम रह सकता है।

वहीं, जिन क्षेत्रों में बारिश की जरूरत बनी हुई है, वहां स्थानीय स्तर पर होने वाली बारिश फसलों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि बारिश की मात्रा और समय अलग-अलग जिलों में अलग हो सकता है, इसलिए किसानों के लिए स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी रहेगा।

भारी बारिश का खतरा फिलहाल कम

पंजाब में मानसून के कमजोर पड़ने का एक बड़ा असर यह है कि फिलहाल भारी बारिश वाले हालात से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले दिनों जहां तेज बारिश से कई इलाकों में पानी भरने जैसी स्थिति बन सकती थी, वहीं अब बारिश की तीव्रता कम रहने का अनुमान है।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे राज्य में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। स्थानीय स्तर पर अचानक बारिश हो सकती है और कुछ इलाकों में मध्यम बारिश भी देखने को मिल सकती है। इसलिए मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी।

13 अगस्त तक बना रहेगा बारिश का असर

मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब में 13 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इस दौरान बारिश का स्वरूप मुख्य रूप से हल्का से मध्यम रहने का अनुमान है। कुछ जिलों में एक-दो दौर तेज भी हो सकते हैं, लेकिन राज्यभर में लगातार भारी बारिश की स्थिति फिलहाल नजर नहीं आ रही है।

आने वाले दिनों में तापमान में भी बहुत ज्यादा वृद्धि की संभावना नहीं है। बारिश, बादल और नमी के चलते पारा नियंत्रित रह सकता है। हालांकि जिन क्षेत्रों में बारिश नहीं होगी, वहां उमस के कारण गर्मी महसूस हो सकती है।

कुल मिलाकर पंजाब में मानसून फिलहाल धीमा पड़ गया है, लेकिन पूरी तरह निष्क्रिय नहीं हुआ है। अगले सात दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बादल और बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। उत्तरी जिलों में बारिश की संभावना अपेक्षाकृत ज्यादा है, जबकि बाकी क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बरसात हो सकती है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार लोगों को फिलहाल तेज बारिश और उससे जुड़ी परेशानियों से कुछ राहत मिल सकती है। साथ ही तापमान में अचानक बढ़ोतरी नहीं होने से गर्मी का असर भी सीमित रहने की उम्मीद है। हालांकि मौसम में स्थानीय स्तर पर तेजी से बदलाव संभव है, इसलिए बाहर निकलने से पहले अपने क्षेत्र का ताजा मौसम अपडेट देखना बेहतर रहेगा।