विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में मंगलवार का दिन रोमांच और बड़े उलटफेरों के नाम रहा। साउथम्पटन में खेले गए मुकाबले में श्रीलंका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 5 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। महिला टी-20 विश्व कप के इतिहास में यह पहला मौका है जब श्रीलंकाई टीम ने न्यूजीलैंड को शिकस्त दी है। दूसरी ओर, दिन के दूसरे मैच में इंग्लैंड ने आयरलैंड को 4 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज की और अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली।
श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला आखिरी ओवर तक बेहद रोमांचक बना रहा। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर 150 रन बनाए थे। जवाब में श्रीलंका ने दबाव भरे हालात से उबरते हुए 19.4 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम की इस यादगार जीत में निलाक्षिका सिल्वा और कौशनी नुथ्यंगना की साझेदारी सबसे अहम साबित हुई।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत काफी अच्छी रही। कप्तान चमारी अटापट्टू ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टीम को तेज शुरुआत दिलाई। शुरुआती छह ओवरों के भीतर टीम बिना कोई विकेट गंवाए 45 रन तक पहुंच चुकी थी और ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लेगी। लेकिन इसके बाद न्यूजीलैंड की गेंदबाजों ने शानदार वापसी की।
तेज गेंदबाज ब्री इलिंग ने अटापट्टू को पवेलियन भेजकर न्यूजीलैंड को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद स्पिनर नेंसी पटेल ने लगातार दो विकेट झटककर श्रीलंका की बल्लेबाजी को झकझोर दिया। कुछ ही मिनटों के भीतर मैच का रुख बदल गया और 45 रन पर बिना नुकसान खेल रही टीम 55 रन तक पहुंचते-पहुंचते चार विकेट गंवा चुकी थी। हसिनी परेरा भी रनआउट का शिकार हो गईं, जिससे श्रीलंका मुश्किल स्थिति में फंस गई।
चार विकेट जल्दी गिरने के बाद न्यूजीलैंड को मैच में मजबूत पकड़ मिलती दिखाई दे रही थी। हालांकि नंबर छह पर बल्लेबाजी करने उतरी निलाक्षिका सिल्वा ने संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। उन्होंने पहले कविशा दिलहारी के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण 50 रन जोड़े और टीम को संकट से बाहर निकाला।
जब लग रहा था कि यह साझेदारी श्रीलंका को जीत की ओर ले जाएगी, तभी पारी के 15वें ओवर की अंतिम गेंद पर कविशा दिलहारी रनआउट हो गईं। उनके आउट होने से एक बार फिर मुकाबला रोमांचक हो गया। लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी के लिए आईं कौशनी नुथ्यंगना ने निलाक्षिका का शानदार साथ निभाया।
निलाक्षिका और कौशनी ने धैर्यपूर्वक बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। दोनों ने छठे विकेट के लिए नाबाद 48 रन जोड़कर टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। आखिरी ओवर में भी दबाव बना रहा, लेकिन दोनों बल्लेबाजों ने संयम नहीं खोया और दो गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। निलाक्षिका सिल्वा 54 रन बनाकर नाबाद लौटीं, जबकि कौशनी ने 24 रन की उपयोगी पारी खेली।
मैच जिताने वाली शानदार अर्धशतकीय पारी के लिए निलाक्षिका सिल्वा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनकी पारी ने न सिर्फ टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला बल्कि विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐतिहासिक जीत भी दिलाई।
इससे पहले न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। हालांकि उसकी शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। ओपनर इजी गेज सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गईं। शुरुआती झटके के बाद जॉर्जिया प्लिमर और अमेलिया कर ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 49 रन की साझेदारी कर टीम को स्थिरता प्रदान की।
जॉर्जिया प्लिमर के आउट होने के बाद अनुभवी बल्लेबाज सोफी डिवाइन मैदान पर उतरीं और उन्होंने आते ही तेजी से रन बटोरने शुरू कर दिए। अमेलिया कर के साथ उनकी साझेदारी ने न्यूजीलैंड की पारी को नई गति दी। दोनों ने केवल 26 गेंदों में 43 रन जोड़कर स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया।
मध्य ओवरों में ऐसा लग रहा था कि न्यूजीलैंड 160 से अधिक का स्कोर बना सकती है, लेकिन श्रीलंका की गेंदबाज कविशा दिलहारी ने मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने लगातार अंतराल पर विकेट लेकर न्यूजीलैंड को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उनकी सटीक गेंदबाजी के कारण विपक्षी टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ने के बावजूद अंतिम ओवरों में दबाव में आ गई।
सोफी डिवाइन और मैडी ग्रीन ने अंतिम चरण में तेजी दिखाने की कोशिश की और कुछ ओवरों में तेजी से रन भी जुटाए, लेकिन श्रीलंका ने डेथ ओवर्स में शानदार गेंदबाजी की। आखिरी दो ओवरों में न्यूजीलैंड की बल्लेबाज बड़ी हिट लगाने में सफल नहीं हो सकीं और टीम केवल 150 रन तक ही पहुंच पाई।
न्यूजीलैंड की ओर से अमेलिया कर और सोफी डिवाइन ने सर्वाधिक 45-45 रन बनाए। दोनों ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन अन्य बल्लेबाज अपेक्षित योगदान नहीं दे सके। वहीं श्रीलंका के गेंदबाजी आक्रमण में कविशा दिलहारी सबसे सफल रहीं और उन्होंने दो महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए।
दिन के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने आयरलैंड को 4 विकेट से हराकर जीत का सिलसिला जारी रखा। इंग्लैंड की टीम ने टूर्नामेंट में लगातार दूसरा मैच जीतकर सेमीफाइनल की दौड़ में अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी। आयरलैंड ने चुनौतीपूर्ण प्रदर्शन करने की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने अहम मौकों पर जिम्मेदारी निभाते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया।
हालांकि दिन का सबसे बड़ा आकर्षण श्रीलंका की ऐतिहासिक जीत रही। शुरुआती झटकों के बाद जिस तरह टीम ने वापसी की, उसने उसके जुझारू स्वभाव को दिखाया। खास तौर पर निलाक्षिका सिल्वा की पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी। उनकी सूझबूझ भरी बल्लेबाजी और कौशनी नुथ्यंगना के सहयोग ने श्रीलंका को ऐसी जीत दिलाई, जिसने महिला टी-20 विश्व कप के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
इस परिणाम के साथ टूर्नामेंट का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। श्रीलंका ने साबित कर दिया कि वह किसी भी मजबूत टीम को चुनौती देने की क्षमता रखती है, जबकि न्यूजीलैंड को अब आगे के मैचों में वापसी के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। वहीं इंग्लैंड ने लगातार दूसरी जीत के साथ अपने अभियान को सही दिशा में आगे बढ़ाया है।